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Lakhimpur Kheri News: अड्डे को बाइपास कर हाइवे से निकल रहीं बसें
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 20 Mar 2026 11:16 PM IST
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रोडवेज बस स्टेशन लखीमपुर। संवाद
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लखीमपुर खीरी। जिले के रोडवेज यात्रियों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गोला, सीतापुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर, केसरबाग समेत कई डिपो की बसें लखीमपुर बस अड्डे तक आने के बजाय हाईवे से ही गुजर जाती हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है।
बस अड्डे पर घंटों इंतजार करने के बाद भी उन्हें बस नहीं मिलती, जबकि कई यात्रियों को बसों से हाईवे पर ही उतार दिया जाता है। वहां से शहर या गंतव्य तक पहुंचने के लिए उन्हें फिर अलग से साधन करना पड़ता है।
यह स्थिति नई नहीं है। चालक-परिचालकों की मनमानी लंबे समय से जारी है, लेकिन रोडवेज अफसरों की ओर से इस पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। इससे यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है। कई बार बस अड्डे पर जानकारी के अभाव में यात्री बस का इंतजार करते रह जाते हैं और बाद में पता चलता है कि बस तो हाईवे से निकल चुकी है।
लखीमपुर डिपो के पास 86 अनुबंधित और 15 निगम की बसें हैं, जो दिल्ली समेत कई मार्गों पर संचालित होती हैं। इसके अलावा सीतापुर, पीलीभीत, बहराइच, शाहजहांपुर, कैसरबाग, मेरठ, पिथौरागढ़ समेत अन्य डिपो की बसों का भी यहां से आवागमन होता है।
आरोप है कि इनमें से कई बसें नियमित रूप से बस अड्डे पर प्रवेश ही नहीं करतीं। इससे न केवल यात्रियों को असुविधा होती है, बल्कि बस अड्डे की उपयोगिता पर भी सवाल उठते हैं।
यात्रियों का कहना है कि अगर बसें निर्धारित बस अड्डे तक नहीं आएंगी तो फिर बस अड्डे का लाभ ही क्या है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। हाईवे तक पहुंचना, वहां बस का इंतजार करना और फिर उतरने के बाद दूसरा वाहन करना उनके लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
लखीमपुर डिपो की एआरएम गीता सिंह ने बताया कि डिपो पर जगह कम है। अधिक बसें आने पर खड़ी करने में दिक्कत होती है और सड़क पर जाम की स्थिति भी बन जाती है। इसी वजह से कुछ परेशानी आती है। हालांकि, अधिकांश बसें बस अड्डे पर आती हैं।
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मुझे अक्सर बहराइच जाना होता है, लेकिन बहराइच की बसें लखीमपुर डिपो पर नहीं आतीं। बस पकड़ने के लिए हाईवे जाना पड़ता है। डिपो से सिर्फ एक बस जाती है, वह भी सुबह जल्दी निकल जाती है।
-रामेश्वर
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पीलीभीत की कई रोडवेज बसें लखीमपुर से होकर लखनऊ जाती हैं। एक-दो बसें तो डिपो पर आती हैं, लेकिन बाकी हाइवे से निकल जाती हैं। पूर्णागिरि जाना था, डिपो पर बस नहीं मिली। बाद में पता चला कि बस हाईवे से निकल गई।
-रामजीवन
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बस अड्डे पर घंटों इंतजार करने के बाद भी उन्हें बस नहीं मिलती, जबकि कई यात्रियों को बसों से हाईवे पर ही उतार दिया जाता है। वहां से शहर या गंतव्य तक पहुंचने के लिए उन्हें फिर अलग से साधन करना पड़ता है।
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यह स्थिति नई नहीं है। चालक-परिचालकों की मनमानी लंबे समय से जारी है, लेकिन रोडवेज अफसरों की ओर से इस पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। इससे यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है। कई बार बस अड्डे पर जानकारी के अभाव में यात्री बस का इंतजार करते रह जाते हैं और बाद में पता चलता है कि बस तो हाईवे से निकल चुकी है।
लखीमपुर डिपो के पास 86 अनुबंधित और 15 निगम की बसें हैं, जो दिल्ली समेत कई मार्गों पर संचालित होती हैं। इसके अलावा सीतापुर, पीलीभीत, बहराइच, शाहजहांपुर, कैसरबाग, मेरठ, पिथौरागढ़ समेत अन्य डिपो की बसों का भी यहां से आवागमन होता है।
आरोप है कि इनमें से कई बसें नियमित रूप से बस अड्डे पर प्रवेश ही नहीं करतीं। इससे न केवल यात्रियों को असुविधा होती है, बल्कि बस अड्डे की उपयोगिता पर भी सवाल उठते हैं।
यात्रियों का कहना है कि अगर बसें निर्धारित बस अड्डे तक नहीं आएंगी तो फिर बस अड्डे का लाभ ही क्या है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। हाईवे तक पहुंचना, वहां बस का इंतजार करना और फिर उतरने के बाद दूसरा वाहन करना उनके लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
लखीमपुर डिपो की एआरएम गीता सिंह ने बताया कि डिपो पर जगह कम है। अधिक बसें आने पर खड़ी करने में दिक्कत होती है और सड़क पर जाम की स्थिति भी बन जाती है। इसी वजह से कुछ परेशानी आती है। हालांकि, अधिकांश बसें बस अड्डे पर आती हैं।
मुझे अक्सर बहराइच जाना होता है, लेकिन बहराइच की बसें लखीमपुर डिपो पर नहीं आतीं। बस पकड़ने के लिए हाईवे जाना पड़ता है। डिपो से सिर्फ एक बस जाती है, वह भी सुबह जल्दी निकल जाती है।
-रामेश्वर
पीलीभीत की कई रोडवेज बसें लखीमपुर से होकर लखनऊ जाती हैं। एक-दो बसें तो डिपो पर आती हैं, लेकिन बाकी हाइवे से निकल जाती हैं। पूर्णागिरि जाना था, डिपो पर बस नहीं मिली। बाद में पता चला कि बस हाईवे से निकल गई।
-रामजीवन

रोडवेज बस स्टेशन लखीमपुर। संवाद

रोडवेज बस स्टेशन लखीमपुर। संवाद