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Lakhimpur Kheri: मासूम की जान लेने वाला तेंदुआ पकड़ से दूर, इलाके में लगाए गए चार पिंजरे, ड्रोन से निगरानी

संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: Mukesh Kumar Updated Wed, 10 Jun 2026 05:32 PM IST
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सार

लखीमपुर खीरी के ईसानगर इलाके में दहशत फैलाने वाला तेंदुआ बुधवार तक नहीं पकड़ा गया। इस तेंदुए ने छह साल के बालक को मार डाला था। इस घटना के बाद वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए अभियान तेज किया है।

Cages set up to capture a leopard in Lakhimpur Kheri surveillance via drones
वन विभाग के एसडीओ के साथ कॉम्बिंग करती टीम - फोटो : संवाद
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विस्तार

लखीमपुर खीरी के ईसानगर क्षेत्र के मजरा लाजजीपुरवा में छह वर्षीय बालक शिवम की जान लेने वाले तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। एसडीओ के नेतृत्व में वन विभाग की टीम क्षेत्र में डेरा डाले हुए है। चार पिंजरे लगाए गए हैं। पांच कैमरों और ड्रोन की मदद से तेंदुए की निगरानी की जा रही है, लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका है। इससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है।





रविवार शाम तेंदुए के हमले से छह वर्षीय शिवम की मौत हो गई थी। वह अपने पिता जवाहर के साथ खेत पर गया था। घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और तेंदुए को पकड़ने का अभियान तेज कर दिया। एसडीओ मनोज तिवारी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के चार स्थानों पर पिंजरे और कैमरे लगवाए हैं। साथ ही ड्रोन के जरिए भी लगातार निगरानी कराई जा रही है।
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बीट इंचार्ज अभिषेक राज के नेतृत्व में गठित टीम तेंदुए की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। ड्रोन कैमरे से उसके संभावित ठिकानों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। तेंदुए की मौजूदगी की आशंका को लेकर रायपुर, रोशानीपुरवा, लालजीपुरवा, बेल्तुआ, बालूपुरवा, मक्कापुरवा, काजीपुर, नरगड़ा समेत आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीण खेतों जाने के लिए सावधानी बरत रहे हैं। 

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खेतों पर जाने से डर रहे किसान 
गांव नरगड़ा के किसान कल्लू खां ने बताया कि तेंदुए के डर से किसान अपनी फसलों की रखवाली नहीं कर पा रहे हैं। बेसहारा गोवंश फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि करीब सात माह से क्षेत्र में तेंदुए की चहलकदमी बनी हुई है, लेकिन वन विभाग अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाल पाया है।

काजीपुर के आसिफ ने कहा कि तेंदुआ गांव के आसपास कई पशुओं को अपना शिकार बना चुका है। अब एक मासूम बच्ची की मौत के बाद ग्रामीणों में और अधिक दहशत फैल गई है। महिलाएं और बच्चे घरों से निकलने से कतरा रहे हैं और खेती-किसानी के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

बेल्तुआ निवासी सुधीर मिश्र ने बताया कि तेंदुए के भय से किसान खेतों में काम करने नहीं जा पा रहे हैं। इससे खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। पशुओं के लिए चारा जुटाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

इलाके में कॉम्बिंग कर रही टीम 
दुधवा टाइगर रिजर्व के एसडीओ बफरजोन मनोज तिवारी ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए संभावित क्षेत्रों में चार पिंजरे और कैमरे लगाए गए हैं। वह खुद टीम के साथ कॉम्बिंग कर रहे हैं। ड्रोन कैमरे से भी तलाश चल रही है। ग्रामीणों को तेंदुआ न पकड़े जाने तक सतर्क रहने को कहा गया है। 

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