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Lakhimpur Kheri News: दहशत के बीच हिम्मत, हमलावर तेंदुए को ग्रामीणों ने रस्सियों से बांधा
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 24 Mar 2026 11:50 PM IST
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पलिया तहसील के गांव बेला कलां में ग्रामीणों द्वारा पकड़ा गया तेंदुआ। संवाद
- फोटो : टूंडला -फिरोजाबाद हाईवे पर हादसे के बाद मौके पर मौजूद ट्रैक्टर ट्रॉली सवार श्रद्धालु महिलाएं संवाद
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मझगईं (खीरी)। बेलाकलां में मंगलवार को गन्ने के खेत में घात लगाए बैठे तेंदुए ने दो ग्रामीणों पर जानलेवा हमला कर दिया, लेकिन दहशत के बीच उन्होंने साहस दिखाते हुए हमलावर तेंदुए को घेरकर रस्सियों से बांध दिया। इस हमले में दोनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
लोहरा विरान गांव निवासी बबलू (38) और रामनरेश (44) गांव बेलाकलां में वेदराम मौर्य के खेत में गन्ने की गुड़ाई कर रहे थे, तभी घात लगाए बैठे तेंदुए ने उन पर झपट्टा मार दिया। हमले में दोनों मजदूर घायल हो गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और तेंदुए को खदेड़ते हुए घेर लिया।
ग्रामीणों की भीड़ और शोर से घबराए तेंदुए को रस्सियों से बांधकर काबू में किया गया। घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी तेंदुए के हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं। 10 जनवरी को बेला निवासी वाजिद पर हमला हुआ था। इसके अलावा रिंकी, रिजवान और अरविंद समेत कई लोग शिकार बन चुके हैं। लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत है और लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं, लेकिन मजबूरी में जाना पड़ रहा है।
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मुआवजे की मांग पर वन विभाग की टीम को घेरा
मझगईं। तेंदुए को लेने पहुंची वन विभाग की टीम को ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर घेर लिया। ग्रामीणों का आरोप था कि घायलों की सुध नहीं ली जा रही है।
सूचना पर मझगईं थाना प्रभारी अनिल कुमार पंकज और रेंजर अंकित सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के समझाने के बावजूद ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। करीब चार घंटे तक चले हंगामे के बाद रेंजर अंकित सिंह ने दोनों घायलों को मौके पर ही 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और टीम को तेंदुए को ले जाने दिया। संवाद
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जंगली जानवरों का बढ़ा आतंक, ग्रामीणों में गुस्सा
पलियाकलां। तहसील क्षेत्र में इन दिनों बाघ और तेंदुओं की सक्रियता बढ़ गई है। कई गांवों में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है। हाल ही में देवीपुरवा में भी ग्रामीणों ने एक तेंदुए को रस्सी से बांध दिया था। लगातार हो रही घटनाओं के बीच ग्रामीण अब अपनी जान जोखिम में डालकर हालात से जूझने को मजबूर हैं। गनीमत रही कि ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए तेंदुए को जिंदा पकड़ लिया। संवाद
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लोहरा विरान गांव निवासी बबलू (38) और रामनरेश (44) गांव बेलाकलां में वेदराम मौर्य के खेत में गन्ने की गुड़ाई कर रहे थे, तभी घात लगाए बैठे तेंदुए ने उन पर झपट्टा मार दिया। हमले में दोनों मजदूर घायल हो गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और तेंदुए को खदेड़ते हुए घेर लिया।
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ग्रामीणों की भीड़ और शोर से घबराए तेंदुए को रस्सियों से बांधकर काबू में किया गया। घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी तेंदुए के हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं। 10 जनवरी को बेला निवासी वाजिद पर हमला हुआ था। इसके अलावा रिंकी, रिजवान और अरविंद समेत कई लोग शिकार बन चुके हैं। लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत है और लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं, लेकिन मजबूरी में जाना पड़ रहा है।
मुआवजे की मांग पर वन विभाग की टीम को घेरा
मझगईं। तेंदुए को लेने पहुंची वन विभाग की टीम को ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर घेर लिया। ग्रामीणों का आरोप था कि घायलों की सुध नहीं ली जा रही है।
सूचना पर मझगईं थाना प्रभारी अनिल कुमार पंकज और रेंजर अंकित सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के समझाने के बावजूद ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। करीब चार घंटे तक चले हंगामे के बाद रेंजर अंकित सिंह ने दोनों घायलों को मौके पर ही 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और टीम को तेंदुए को ले जाने दिया। संवाद
जंगली जानवरों का बढ़ा आतंक, ग्रामीणों में गुस्सा
पलियाकलां। तहसील क्षेत्र में इन दिनों बाघ और तेंदुओं की सक्रियता बढ़ गई है। कई गांवों में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है। हाल ही में देवीपुरवा में भी ग्रामीणों ने एक तेंदुए को रस्सी से बांध दिया था। लगातार हो रही घटनाओं के बीच ग्रामीण अब अपनी जान जोखिम में डालकर हालात से जूझने को मजबूर हैं। गनीमत रही कि ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए तेंदुए को जिंदा पकड़ लिया। संवाद

पलिया तहसील के गांव बेला कलां में ग्रामीणों द्वारा पकड़ा गया तेंदुआ। संवाद- फोटो : टूंडला -फिरोजाबाद हाईवे पर हादसे के बाद मौके पर मौजूद ट्रैक्टर ट्रॉली सवार श्रद्धालु महिलाएं संवाद

पलिया तहसील के गांव बेला कलां में ग्रामीणों द्वारा पकड़ा गया तेंदुआ। संवाद- फोटो : टूंडला -फिरोजाबाद हाईवे पर हादसे के बाद मौके पर मौजूद ट्रैक्टर ट्रॉली सवार श्रद्धालु महिलाएं संवाद

पलिया तहसील के गांव बेला कलां में ग्रामीणों द्वारा पकड़ा गया तेंदुआ। संवाद- फोटो : टूंडला -फिरोजाबाद हाईवे पर हादसे के बाद मौके पर मौजूद ट्रैक्टर ट्रॉली सवार श्रद्धालु महिलाएं संवाद