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Lakhimpur Kheri News: डिजिटल वाटर खत्म, जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में जांचें ठप
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 29 Apr 2026 12:20 AM IST
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जिला अस्पताल स्थित पैथोलॉजी। संवाद
- फोटो : टूंडला के राजा का ताल में जन आक्रोश रैली निकालते भाजपाइ्र संगठन
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लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में डिजिटल वाटर (डिस्टिल्ड/डी-आयोनाइज्ड वाटर) खत्म होने से कई अहम जांचें ठप हो गई हैं। इससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या पिछले चार दिन से बनी हुई है।
डिजिटल वाटर का उपयोग लैब की मशीनों और रिएक्शन प्रक्रियाओं में होता है। इसके अभाव में ब्लड शुगर, किडनी फंक्शन टेस्ट (यूरिया, क्रिएटिनिन) और लिवर फंक्शन टेस्ट जैसी महत्वपूर्ण जांचें प्रभावित हो गई हैं।
ओपीडी में सुबह से जांच कराने पहुंचे मरीजों को बिना जांच के लौटना पड़ रहा है। दूर-दराज से आए मरीजों में नाराजगी है। प्रतिदिन करीब 30-40 मरीज जांच न होने से प्रभावित हो रहे हैं और मजबूरी में उन्हें निजी पैथोलॉजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल में दवा लेने गया था। डॉक्टर ने जांच लिखी, लेकिन लैब में बताया गया कि मशीन खराब है। अब बाहर से जांच करानी पड़ेगी।
-विशाल पांडेय, मेला मैदान
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पहले पर्चा बनवाने और डॉक्टर दिखाने में समय लगा, फिर जांच नहीं हो सकी। पूरा दिन खराब हो गया, दवा भी नहीं मिल सकी।
-अंकित वर्मा, खीरी टाउन
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-- -ये समस्याएं आ रहीं-- -
-डिजिटल वाटर खत्म होने से लैब की मशीनें प्रभावित
-ब्लड शुगर, यूरिया, क्रिएटिनिन, लिवर टेस्ट ठप
-रोज 30–40 मरीज प्रभावित
-मरीजों को निजी लैब का सहारा
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मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य को जानकारी दे दी गई है। जल्द ही डिजिटल वाटर की व्यवस्था कर सभी जांचों को पुनः सुचारु रूप से शुरू कराया जाएगा।
-डॉ. आरके कोली, सीएमएस, जिला अस्पताल
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डिजिटल वाटर का उपयोग लैब की मशीनों और रिएक्शन प्रक्रियाओं में होता है। इसके अभाव में ब्लड शुगर, किडनी फंक्शन टेस्ट (यूरिया, क्रिएटिनिन) और लिवर फंक्शन टेस्ट जैसी महत्वपूर्ण जांचें प्रभावित हो गई हैं।
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ओपीडी में सुबह से जांच कराने पहुंचे मरीजों को बिना जांच के लौटना पड़ रहा है। दूर-दराज से आए मरीजों में नाराजगी है। प्रतिदिन करीब 30-40 मरीज जांच न होने से प्रभावित हो रहे हैं और मजबूरी में उन्हें निजी पैथोलॉजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में दवा लेने गया था। डॉक्टर ने जांच लिखी, लेकिन लैब में बताया गया कि मशीन खराब है। अब बाहर से जांच करानी पड़ेगी।
-विशाल पांडेय, मेला मैदान
पहले पर्चा बनवाने और डॉक्टर दिखाने में समय लगा, फिर जांच नहीं हो सकी। पूरा दिन खराब हो गया, दवा भी नहीं मिल सकी।
-अंकित वर्मा, खीरी टाउन
-डिजिटल वाटर खत्म होने से लैब की मशीनें प्रभावित
-ब्लड शुगर, यूरिया, क्रिएटिनिन, लिवर टेस्ट ठप
-रोज 30–40 मरीज प्रभावित
-मरीजों को निजी लैब का सहारा
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य को जानकारी दे दी गई है। जल्द ही डिजिटल वाटर की व्यवस्था कर सभी जांचों को पुनः सुचारु रूप से शुरू कराया जाएगा।
-डॉ. आरके कोली, सीएमएस, जिला अस्पताल
