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Lakhimpur Kheri News: मानव-वन्यजीव संघर्ष पर मंथन, जंगल किनारे गन्ने की खेती रोकने पर जोर

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:18 PM IST
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Discussion on human-wildlife conflict, emphasis on stopping sugarcane cultivation on forest edge
दुधवा कार्यशाला में शामिल मंत्री, सांसद और अधिकारी। संवाद
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पलियाकलां। दुधवा टाइगर रिजर्व के दुधवा पर्यटन परिसर में सोमवार को मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौतियां एवं भावी रणनीति विषय पर आयोजित कार्यशाला में इस गंभीर समस्या के समाधान पर मंथन हुआ। विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने जंगल किनारे गन्ने की खेती कम करने, आधुनिक तकनीक के उपयोग और बाघ मित्र व हाथी मित्रों को मजबूत करने पर जोर दिया।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश शासन के वन, पर्यावरण एवं जंतु उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वन्यजीवों की बढ़ती आबादी और जंगल के मुहाने तक गन्ने की खेती इस संघर्ष के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने किसानों को जागरूक कर जंगल किनारे गन्ने की फसल न बोने तथा इसके बदले उचित मुआवजा देने की आवश्यकता बताई। साथ ही विशेषज्ञों से ऐसे सुझाव देने का आह्वान किया, जिन्हें सरकार व्यवहारिक रूप से लागू कर सके।
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विशिष्ट अतिथि वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने कहा कि विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय, त्वरित सूचना तंत्र और तत्काल कार्रवाई से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम किया जा सकता है। राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण व ग्लोबल टाइगर फोरम के सेक्रेटरी जनरल डॉ. राजेश गोपाल ने आधुनिक तकनीक के बेहतर उपयोग की वकालत करते हुए बाघ मित्र और हाथी मित्रों की संख्या बढ़ाने तथा उन्हें उचित मानदेय देने का सुझाव दिया।
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धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया ने इस गंभीर समस्या को संसद में उठाने का आश्वासन दिया। वहीं खीरी सांसद उत्कर्ष वर्मा, गोला विधायक अमन गिरी, धौरहरा विधायक विनोद शंकर अवस्थी और पीलीभीत विधायक विवेक वर्मा समेत कई जनप्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव रखे।

कार्यशाला में लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बिजनौर के वनाधिकारी, थारू आदिवासी समुदाय के लोग, मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह, दुधवा के फील्ड डायरेक्टर एच. राजामोहन, उपनिदेशक जगदीश आर, विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। अंत में फील्ड डायरेक्टर एच. राजामोहन ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

ग्रीन सोल्जर्स और उत्कृष्ट अधिकारियों का सम्मान

मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने और विषम परिस्थितियों में सराहनीय कार्य करने वाले वन विभाग के ग्रीन सोल्जर्स और पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में बिजनौर के वन दरोगा धर्मेंद्र कुमार, उत्तर खीरी के अजीत, पीलीभीत टाइगर रिजर्व के किशनलाल, पूरनपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रतीक दहिया, प्रभारी निरीक्षक अशोक पाल सिंह, दुधवा के वन्यजीव रक्षक गौरव यादव, महावत महताब सहित पीलीभीत, कतर्नियाघाट, बहराइच और सोहागीबरवा के कई वनकर्मी शामिल रहे।

हर गांव रोशन योजना और कॉफी टेबल बुक का विमोचन
कार्यशाला के दौरान वन विभाग की प्रमुख सचिव बी. हेक्काली झिमोमी और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। इस अवसर पर सिगनीफाई इनोवेसन्स इंडिया लिमिटेड फिलिप्स लाइटिंग की ओर से कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य के अंतर्गत हर गांव रोशन योजना के तहत 1500 एलईडी लाइटें लगाने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट सौंपा गया। साथ ही योजना से जुड़ी फिल्म और कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। अतिथियों ने परिसर में पौधरोपण भी किया।
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