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Lakhimpur Kheri News: नौ साल बाद बॉर्डर पर पहुंची बिजली, एसएसबी-बीओपी कार्यालय रोशन
Sun, 09 Aug 2026 11:30 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 09 Aug 2026 11:30 PM IST
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गौरीफंटा बार्डर पर नौ वर्ष बाद लगा नया ट्रांसफार्मर। संवाद
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गौरीफंटा। गौरीफंटा बॉर्डर पर करीब नौ साल बाद बिजली बहाल होने से एसएसबी कार्यालय और बॉर्डर बीओपी रोशन हो गए हैं। हालांकि कस्टम, पुलिस, वन विभाग और चेकपोस्ट के अन्य सरकारी कार्यालय अब भी शाम होते ही अंधेरे में डूब जाते हैं।
प्रदेश सरकार बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने और 24 घंटे आपूर्ति पर जोर दे रही है, लेकिन गौरीफंटा बॉर्डर पर करीब नौ वर्षों से बिजली नहीं थी। यहां लगा ट्रांसफाॅर्मर नौ साल पहले फुंक गया था। बिजली न होने से नेपाल जाने वाले वीआईपी और पर्यटक भी बॉर्डर की व्यवस्था देखकर अचंभित होते थे।
बॉर्डर जंगल क्षेत्र में होने के कारण रात में जंगली हिंसक जानवरों और अन्य जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है। कस्टम कार्यालय में रात करीब नौ-दस बजे तक जनरेटर से बिजली रहती है। इसके बाद जनरेटर बंद होने पर कार्यालय अंधेरे में डूब जाता है। पुलिस चौकी और वन विभाग के कार्यालय में केवल सोलर लाइट और लैंप से रोशनी होती है।
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एसएसबी 39वीं वाहिनी पलिया के तत्कालीन कमांडेंट रवींद्र कुमार राजेश्वरी के प्रयास से विद्युत विभाग ने बॉर्डर पर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। इससे एसएसबी कार्यालय और बीओपी में रोशनी लौट आई है, लेकिन अन्य सरकारी कार्यालयों की समस्या अभी बनी हुई है।
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प्रदेश सरकार बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने और 24 घंटे आपूर्ति पर जोर दे रही है, लेकिन गौरीफंटा बॉर्डर पर करीब नौ वर्षों से बिजली नहीं थी। यहां लगा ट्रांसफाॅर्मर नौ साल पहले फुंक गया था। बिजली न होने से नेपाल जाने वाले वीआईपी और पर्यटक भी बॉर्डर की व्यवस्था देखकर अचंभित होते थे।
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बॉर्डर जंगल क्षेत्र में होने के कारण रात में जंगली हिंसक जानवरों और अन्य जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है। कस्टम कार्यालय में रात करीब नौ-दस बजे तक जनरेटर से बिजली रहती है। इसके बाद जनरेटर बंद होने पर कार्यालय अंधेरे में डूब जाता है। पुलिस चौकी और वन विभाग के कार्यालय में केवल सोलर लाइट और लैंप से रोशनी होती है।
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एसएसबी 39वीं वाहिनी पलिया के तत्कालीन कमांडेंट रवींद्र कुमार राजेश्वरी के प्रयास से विद्युत विभाग ने बॉर्डर पर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। इससे एसएसबी कार्यालय और बीओपी में रोशनी लौट आई है, लेकिन अन्य सरकारी कार्यालयों की समस्या अभी बनी हुई है।