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Lakhimpur Kheri News: शारदा की धार में समा रही खेती
Sun, 02 Aug 2026 10:54 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 02 Aug 2026 10:54 PM IST
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मिस्त्रीपुरवा में कृषि योग्य भूमि का कटान करती शारदा नदी। स्रोत : ग्रामीण
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बिजुआ/धौरहरा। जिले में शारदा और सरयू-घाघरा नदियों का कटान किसानों और नदी किनारे बसे गांवों के लिए चिंता का कारण बन गया है। बिजुआ के मिस्त्रीपुरवा में शारदा नदी उपजाऊ खेती निगल रही है, जबकि धौरहरा के जालिमनगर में सरयू-घाघरा का कटान ऐतिहासिक शिव मंदिर तक पहुंचने लगा है। इसी बीच मौसम विभाग ने सोमवार से तीन दिन तक भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे कटान और तेज होने की आशंका बढ़ गई है।
बिजुआ के मिस्त्रीपुरवा गांव में शारदा नदी की तेज धारा अब तक चरनपाल सिंह, राजेश कुमार, जसप्रीत सिंह और रमेश कुमार मौर्य सहित कई किसानों की करीब 36 बीघा कृषि भूमि बहा चुकी है। खेतों में खड़ी गन्ना और अन्य फसलें लगातार नदी में समा रही हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द कटान नहीं रोका गया तो दर्जनों बीघा और जमीन नदी में समा जाएगी, जिससे कई किसान बेघर होने की स्थिति में पहुंच जाएंगे। किसानों ने प्रशासन से तटबंध और बंधा निर्माण की मांग की है।
ग्राम प्रधान चरनपाल सिंह सोढी ने बताया कि शारदा नदी लगातार कृषि योग्य भूमि का कटान कर रही है और गन्ने की खड़ी फसलें नदी में समा रही हैं। गोला तहसीलदार अरुण कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर लेखपाल अजय कुमार गुप्ता को मौके पर भेजा गया है।
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उधर, धौरहरा के जालिमनगर घाट पर सरयू-घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज कटान को देखते हुए बाढ़ खंड ने फ्लड फाइटिंग का कार्य शुरू करा दिया है। कटान ऐतिहासिक शिव मंदिर की ओर बढ़ने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई थी। इस वर्ष तेज बहाव में पारंपरिक स्नान घाट पूरी तरह बह चुका है। सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन पहले ही घाट पर स्नान प्रतिबंधित कर चुका है। सूचना मिलने पर बाढ़ खंड की टीम मौके पर पहुंची और मंदिर को बचाने के लिए बचाव कार्य शुरू कराया।
इसी बीच मौसम विभाग ने सोमवार से जिले में तीन दिन तक आंधी, बिजली चमकने और भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। रविवार को अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार बारिश से उमस और गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन कटान प्रभावित क्षेत्रों में जोखिम बढ़ सकता है।
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पक्के घाट का वादा अधूरा, श्रद्धालुओं में नाराजगी
जालिमनगर घाघरा घाट पर पक्के घाट निर्माण का एक वर्ष पहले किया गया वादा अब तक पूरा नहीं होने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी है। किसान नेता पवन पाठक के नेतृत्व में स्नान पर रोक के विरोध में श्रद्धालु जल सत्याग्रह पर बैठ चुके हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते पक्के घाट बन गए होते तो वर्तमान स्थिति नहीं बनती। सावन के दौरान लाखों कांवड़ियों के पहुंचने पर व्यवस्थाओं की भी परीक्षा होगी।
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मंदिर को बचाने के लिए फ्लड फाइटिंग कार्य शुरू किया गया है। स्थायी परियोजना की मांग भेजी गई है। फिलहाल जिलाधिकारी के आदेश पर बचाव कार्य कराया जा रहा है।
-अजय कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
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बिजुआ के मिस्त्रीपुरवा गांव में शारदा नदी की तेज धारा अब तक चरनपाल सिंह, राजेश कुमार, जसप्रीत सिंह और रमेश कुमार मौर्य सहित कई किसानों की करीब 36 बीघा कृषि भूमि बहा चुकी है। खेतों में खड़ी गन्ना और अन्य फसलें लगातार नदी में समा रही हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द कटान नहीं रोका गया तो दर्जनों बीघा और जमीन नदी में समा जाएगी, जिससे कई किसान बेघर होने की स्थिति में पहुंच जाएंगे। किसानों ने प्रशासन से तटबंध और बंधा निर्माण की मांग की है।
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ग्राम प्रधान चरनपाल सिंह सोढी ने बताया कि शारदा नदी लगातार कृषि योग्य भूमि का कटान कर रही है और गन्ने की खड़ी फसलें नदी में समा रही हैं। गोला तहसीलदार अरुण कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर लेखपाल अजय कुमार गुप्ता को मौके पर भेजा गया है।
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उधर, धौरहरा के जालिमनगर घाट पर सरयू-घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज कटान को देखते हुए बाढ़ खंड ने फ्लड फाइटिंग का कार्य शुरू करा दिया है। कटान ऐतिहासिक शिव मंदिर की ओर बढ़ने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई थी। इस वर्ष तेज बहाव में पारंपरिक स्नान घाट पूरी तरह बह चुका है। सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन पहले ही घाट पर स्नान प्रतिबंधित कर चुका है। सूचना मिलने पर बाढ़ खंड की टीम मौके पर पहुंची और मंदिर को बचाने के लिए बचाव कार्य शुरू कराया।
इसी बीच मौसम विभाग ने सोमवार से जिले में तीन दिन तक आंधी, बिजली चमकने और भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। रविवार को अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार बारिश से उमस और गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन कटान प्रभावित क्षेत्रों में जोखिम बढ़ सकता है।
पक्के घाट का वादा अधूरा, श्रद्धालुओं में नाराजगी
जालिमनगर घाघरा घाट पर पक्के घाट निर्माण का एक वर्ष पहले किया गया वादा अब तक पूरा नहीं होने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी है। किसान नेता पवन पाठक के नेतृत्व में स्नान पर रोक के विरोध में श्रद्धालु जल सत्याग्रह पर बैठ चुके हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते पक्के घाट बन गए होते तो वर्तमान स्थिति नहीं बनती। सावन के दौरान लाखों कांवड़ियों के पहुंचने पर व्यवस्थाओं की भी परीक्षा होगी।
मंदिर को बचाने के लिए फ्लड फाइटिंग कार्य शुरू किया गया है। स्थायी परियोजना की मांग भेजी गई है। फिलहाल जिलाधिकारी के आदेश पर बचाव कार्य कराया जा रहा है।
-अजय कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड

मिस्त्रीपुरवा में कृषि योग्य भूमि का कटान करती शारदा नदी। स्रोत : ग्रामीण