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Lakhimpur Kheri News: राजापुर मंडी में अन्न की खरीद, सुविधाओं का अकाल
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 29 Apr 2026 11:46 PM IST
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राजापुर मंडी परिसर में भरा गंदा पानी, निकलने का रास्ता तक नहीं। संवाद
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लखीमपुर खीरी। राजापुर मंडी में इन दिनों गेहूं की खरीद जोर-शोर से चल रही है, लेकिन किसानों के लिए जरूरी सुविधाएं नदारद हैं। भीषण गर्मी के बीच मंडी पहुंच रहे किसानों को पीने के पानी, बैठने और साफ-सफाई जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं के अभाव में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जिले की सबसे बड़ी इस मंडी में 15 सरकारी गेहूं खरीद केंद्र संचालित हैं, जहां रोज सैकड़ों किसान पहुंच रहे हैं। पड़ताल में सामने आया कि अधिकांश हैंडपंप खराब हैं और कई केंद्रों पर पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। बैठने की सुविधा भी लगभग नदारद है, जिससे किसान टिनशेड के नीचे गेहूं के बोरे पर बैठने को मजबूर हैं।
मंडी परिसर में कई जगह नालियां टूटी और चोक मिलीं, जिससे गंदा पानी भरा हुआ है। शौचालयों की स्थिति भी खराब है और वहां से दुर्गंध फैल रही है। कई केंद्रों पर बैनर तो लगे मिले, लेकिन स्टाफ मौजूद नहीं था।
पीसीएफ के पांच केंद्रों में से केवल एक पर पानी की व्यवस्था मिली, जबकि बैठने की सुविधा कहीं नहीं दिखी। खाद विभाग के पांच केंद्रों में दो जगह पानी उपलब्ध था, लेकिन वहां भी बैठने की व्यवस्था नहीं थी। अन्य केंद्रों पर भी यही स्थिति रही।
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केंद्रों पर बढ़ता जा रहा गेहूं का स्टॉक
मंडी में पीसीएफ के केंद्रों पर गेहूं की खरीद लगातार हो रही है, लेकिन उठान अब तक शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते केंद्रों पर गेहूं का स्टॉक बढ़ता जा रहा है। नियम के अनुसार खरीद के अगले दिन ही उठान कर सुरक्षित गोदाम में भंडारण किया जाना चाहिए, लेकिन अब तक व्यवस्था नहीं हो सकी। पिछले वर्ष मंडी में धान चोरी की घटना के बावजूद जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। पीसीएफ प्रबंधक मुनेश्वर कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार से उठान शुरू करा दिया जाएगा, अभी तक कोड नहीं मिल पाया था।
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एसी में अधिकारी, बोरे पर बैठने के लिए किसान मजबूर
राजापुर मंडी में जहां सचिव सहित कई अधिकारी एसी और कूलर में बैठे नजर आए, वहीं किसान भीषण गर्मी में टिनशेड के नीचे गेहूं के बोरे पर बैठे मिले। खमरिया में बैठने की व्यवस्था नहीं थी, हालांकि पानी के लिए एक हैंडपंप लगा है। धौरहरा जंगल वाली, धौरहरा, सिंगावर, ईसानगर सहित कई केंद्रों पर न तो बैठने की व्यवस्था है और न ही पानी की। पलिया मंडी के केंद्रों पर भी व्यवस्थाएं चौपट मिलीं। मोहम्मदी मंडी में 17 केंद्र संचालित हैं, लेकिन केवल दो केंद्रों पर ही कर्मचारी मिले और बैठने की व्यवस्था कहीं नहीं थी।
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जिस केंद्र पर गेहूं बेचा, वहां पानी नहीं था। दूसरे केंद्र से पानी लाकर पीना पड़ा, बैठने की व्यवस्था भी नहीं मिली।
-ओमप्रकाश वर्मा, चिमनी
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मंडी में व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है। पानी तो दूर, बैठने की सुविधा तक नहीं है। गंदगी के कारण दुर्गंध का सामना करना पड़ा।”
-रामआसरे, तेंदुआ
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मंडी और सभी खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। कहीं भी लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और अव्यवस्थाओं की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी।
-नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम
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जिले की सबसे बड़ी इस मंडी में 15 सरकारी गेहूं खरीद केंद्र संचालित हैं, जहां रोज सैकड़ों किसान पहुंच रहे हैं। पड़ताल में सामने आया कि अधिकांश हैंडपंप खराब हैं और कई केंद्रों पर पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। बैठने की सुविधा भी लगभग नदारद है, जिससे किसान टिनशेड के नीचे गेहूं के बोरे पर बैठने को मजबूर हैं।
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मंडी परिसर में कई जगह नालियां टूटी और चोक मिलीं, जिससे गंदा पानी भरा हुआ है। शौचालयों की स्थिति भी खराब है और वहां से दुर्गंध फैल रही है। कई केंद्रों पर बैनर तो लगे मिले, लेकिन स्टाफ मौजूद नहीं था।
पीसीएफ के पांच केंद्रों में से केवल एक पर पानी की व्यवस्था मिली, जबकि बैठने की सुविधा कहीं नहीं दिखी। खाद विभाग के पांच केंद्रों में दो जगह पानी उपलब्ध था, लेकिन वहां भी बैठने की व्यवस्था नहीं थी। अन्य केंद्रों पर भी यही स्थिति रही।
केंद्रों पर बढ़ता जा रहा गेहूं का स्टॉक
मंडी में पीसीएफ के केंद्रों पर गेहूं की खरीद लगातार हो रही है, लेकिन उठान अब तक शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते केंद्रों पर गेहूं का स्टॉक बढ़ता जा रहा है। नियम के अनुसार खरीद के अगले दिन ही उठान कर सुरक्षित गोदाम में भंडारण किया जाना चाहिए, लेकिन अब तक व्यवस्था नहीं हो सकी। पिछले वर्ष मंडी में धान चोरी की घटना के बावजूद जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। पीसीएफ प्रबंधक मुनेश्वर कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार से उठान शुरू करा दिया जाएगा, अभी तक कोड नहीं मिल पाया था।
एसी में अधिकारी, बोरे पर बैठने के लिए किसान मजबूर
राजापुर मंडी में जहां सचिव सहित कई अधिकारी एसी और कूलर में बैठे नजर आए, वहीं किसान भीषण गर्मी में टिनशेड के नीचे गेहूं के बोरे पर बैठे मिले। खमरिया में बैठने की व्यवस्था नहीं थी, हालांकि पानी के लिए एक हैंडपंप लगा है। धौरहरा जंगल वाली, धौरहरा, सिंगावर, ईसानगर सहित कई केंद्रों पर न तो बैठने की व्यवस्था है और न ही पानी की। पलिया मंडी के केंद्रों पर भी व्यवस्थाएं चौपट मिलीं। मोहम्मदी मंडी में 17 केंद्र संचालित हैं, लेकिन केवल दो केंद्रों पर ही कर्मचारी मिले और बैठने की व्यवस्था कहीं नहीं थी।
जिस केंद्र पर गेहूं बेचा, वहां पानी नहीं था। दूसरे केंद्र से पानी लाकर पीना पड़ा, बैठने की व्यवस्था भी नहीं मिली।
-ओमप्रकाश वर्मा, चिमनी
मंडी में व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है। पानी तो दूर, बैठने की सुविधा तक नहीं है। गंदगी के कारण दुर्गंध का सामना करना पड़ा।”
-रामआसरे, तेंदुआ
मंडी और सभी खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। कहीं भी लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और अव्यवस्थाओं की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी।
-नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम

राजापुर मंडी परिसर में भरा गंदा पानी, निकलने का रास्ता तक नहीं। संवाद

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राजापुर मंडी परिसर में भरा गंदा पानी, निकलने का रास्ता तक नहीं। संवाद

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