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Lakhimpur Kheri News: जंगल में सूखे जल स्रोत, वाटर होल भरने में जुटा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 29 Apr 2026 11:49 PM IST
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छैरासी बीट में वाटरहोल मे पानी भरवाते वनकर्मी। संवाद
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बिजुआ। रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और चिलचिलाती धूप के चलते जंगलों में पेयजल का संकट गहरा गया है। प्राकृतिक जल स्रोत सूखने लगे हैं, जिससे वन्यजीवों के सामने प्यास बुझाने की समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में वन विभाग ने उन्हें रिहायशी इलाकों की ओर भटकने से रोकने के लिए वाटर होल में पानी भरवाना शुरू कर दिया है।
बुधवार को पल्हनापुर बीट के छैरासी कंपार्टमेंट नंबर-एक स्थित वाटर होल को पंपिंग सेट के जरिये लबालब भरा गया। अप्रैल में ही पड़ रही भीषण गर्मी के कारण जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है, जिससे बाघ, तेंदुआ, हिरण, चीतल और बारासिंघा जैसे वन्यजीव प्रभावित हो रहे हैं।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, पानी की कमी होने पर जानवर अक्सर रिहायशी क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए वन विभाग नियमित रूप से वाटर होल में पानी भरवा रहा है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में दूरस्थ क्षेत्रों के वाटर होल को भरने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
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बुधवार को पल्हनापुर बीट के छैरासी कंपार्टमेंट नंबर-एक स्थित वाटर होल को पंपिंग सेट के जरिये लबालब भरा गया। अप्रैल में ही पड़ रही भीषण गर्मी के कारण जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है, जिससे बाघ, तेंदुआ, हिरण, चीतल और बारासिंघा जैसे वन्यजीव प्रभावित हो रहे हैं।
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वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, पानी की कमी होने पर जानवर अक्सर रिहायशी क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए वन विभाग नियमित रूप से वाटर होल में पानी भरवा रहा है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में दूरस्थ क्षेत्रों के वाटर होल को भरने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
