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Lakhimpur Kheri News: 2.12 करोड़ के चार सैंपवेल, फिर भी पानी निकालने में लगे 24 घंटे

Sun, 19 Jul 2026 12:04 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Sun, 19 Jul 2026 12:04 AM IST
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Four sample wells worth Rs 2.12 crore, yet it took 24 hours to extract water
लखीमपुर खीरी। शहर को जलभराव से राहत दिलाने के लिए गंगोत्री नगर, शिव कॉलोनी, पंजाबी कॉलोनी और ईदगाह में करीब 2.12 करोड़ रुपये की लागत से चार सैंपवेल स्थापित किए गए हैं। इसके बावजूद बारिश के बाद जल निकासी में कहीं चार से पांच घंटे तो कहीं करीब 24 घंटे तक लग रहे हैं।
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सबसे अधिक समय अत्यधिक निचले गंगोत्री नगर में लग रहा है, जहां 10 हॉर्स पावर क्षमता का सैंपवेल करीब 24 घंटे तक चलाना पड़ता है। हालांकि, नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि सैंपवेल और पंपिंग सेट व्यवस्था से शहर में स्थायी जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो चुकी है और अब मूसलाधार बारिश में कुछ स्थानों पर भरने वाले पानी को पंपों से निकाला जा रहा है।
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नगर पालिका ने बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाकों में पानी की निकासी के लिए सैंपवेल और पंपिंग सेट व्यवस्था सक्रिय रखी है। गंगोत्री नगर, शिव कॉलोनी, पंजाबी कॉलोनी और ईदगाह में स्थापित चारों सैंपवेल जरूरत के अनुसार संचालित किए जा रहे हैं। बारिश रुकने के बाद जलभराव की स्थिति के अनुसार इन्हें चलाकर पानी बाहर निकाला जाता है, जिससे लोगों को जल्द राहत मिलने का दावा है।
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नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने बताया कि गंगोत्री नगर में जून 2023 में करीब 12 लाख रुपये की लागत से 10 हॉर्स पावर क्षमता का पहला सैंपवेल ट्रायल के तौर पर लगाया गया था। क्षेत्र अत्यधिक निचला होने के कारण यहां करीब 24 घंटे तक सैंपवेल चलाना पड़ता है। इसलिए यहां एक और सैंपवेल स्थापित करने की योजना है।
नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि अब स्थायी जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो चुकी है। केवल मूसलाधार बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर पानी भरता है, जिसे सैंपवेल और पंपों के माध्यम से शीघ्र निकाल दिया जाता है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि जिन खाली प्लॉटों में बारिश का पानी भरता है या कूड़ा डाला जाता है, उनके मालिकों को समय-समय पर नोटिस जारी कर बाउंड्रीवॉल बनाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। नोटिस के बाद कई प्लॉटों की घेराबंदी भी कराई जा चुकी है, जिससे जलभराव और गंदगी की समस्या पर नियंत्रण पाने में मदद मिल रही है।

उन्होंने बताया कि फागिंग की व्यवस्था भी सुचारू रूप से चल रही है। प्रतिदिन शाम को अलग-अलग इलाकों और मोहल्लों में फागिंग कराई जा रही है। साथ ही नालियों में दवा का छिड़काव भी प्रतिदिन हो रहा है।

शहर के चारों सैंपवेल एक नजर में

गंगोत्री नगर
स्थापना - जून 2023
लागत - करीब 12 लाख रुपये
क्षमता - 10 हॉर्स पावर
जल निकासी का समय - करीब 24 घंटे

शिव कॉलोनी
स्थापना - जुलाई 2023
लागत - करीब 75 लाख रुपये
क्षमता - 50 हॉर्स पावर
जल निकासी का समय - 8 घंटे

पंजाबी कॉलोनी
स्थापना - जुलाई 2024
लागत - करीब 60 लाख रुपये
क्षमता - 25 हॉर्स पावर
जल निकासी का समय - 4 से 5 घंटे

ईदगाह
स्थापना - जून 2026
लागत - करीब 65 लाख रुपये
क्षमता - 35 हॉर्स पावर
जल निकासी का समय - 7 से 8 घंटे
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