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Lakhimpur Kheri News: शारदा नदी का बदल रहा रूप, बढ़ रहा पानी
Sun, 19 Jul 2026 12:03 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 19 Jul 2026 12:03 AM IST
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शारदा नदी का बढ़ा जल स्तर। संवाद
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पलियाकलां। पहाड़ों और इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते बनबसा से डिस्चार्ज जारी है। हालांकि डिस्चार्ज अधिक नहीं है, लेकिन लगातार है। इससे शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। शारदा पुल के पास से गुजरने वाली रेलवे लाइन के पास पानी का बढ़ता दबाव प्रशासन और आम लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।
नदी की लहरों ने अब अपना रुख तटीय गांवों की ओर कर लिया है। सबसे पहले श्रीनगर गांव के लोगों ने सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है, लेकिन खतरा केवल यहीं तक सीमित नहीं है। नदी के पानी का बहाव बेहद तेज है जो अब ढकिया, बजेड़ा, कुंवरपुर, धूसर और ग्राम सभा सूरजपुर के साथ-साथ जमुना जंगल नंबर सात और जमुना तराई क्षेत्र की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। दौलतापुर, बड़ा बरुआ, छोटा बरुआ, मटहिया, आजाद नगर और बर्बाद नगर जैसे इलाकों में भी लोग अब अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं। इन गांवों में रहने वाले लोगों की रातें बेचैनी में बीत रही हैं। ग्रामीणों के मन में हर पल एक ही डर है कि कहीं सोते समय नदी का पानी घरों को अपनी चपेट में न ले ले। लोग पूरी रात जागकर नदी के बहाव पर नजर बनाए हुए हैं। एसडीएम पुष्पक ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तैयारी कर ली है। नदी किनारे बसे सभी संवेदनशील गांवों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और प्रशासन लगातार ग्रामीणों को सुरक्षित रहने की सलाह दे रहा है।
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नदी की लहरों ने अब अपना रुख तटीय गांवों की ओर कर लिया है। सबसे पहले श्रीनगर गांव के लोगों ने सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है, लेकिन खतरा केवल यहीं तक सीमित नहीं है। नदी के पानी का बहाव बेहद तेज है जो अब ढकिया, बजेड़ा, कुंवरपुर, धूसर और ग्राम सभा सूरजपुर के साथ-साथ जमुना जंगल नंबर सात और जमुना तराई क्षेत्र की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। दौलतापुर, बड़ा बरुआ, छोटा बरुआ, मटहिया, आजाद नगर और बर्बाद नगर जैसे इलाकों में भी लोग अब अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं। इन गांवों में रहने वाले लोगों की रातें बेचैनी में बीत रही हैं। ग्रामीणों के मन में हर पल एक ही डर है कि कहीं सोते समय नदी का पानी घरों को अपनी चपेट में न ले ले। लोग पूरी रात जागकर नदी के बहाव पर नजर बनाए हुए हैं। एसडीएम पुष्पक ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तैयारी कर ली है। नदी किनारे बसे सभी संवेदनशील गांवों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और प्रशासन लगातार ग्रामीणों को सुरक्षित रहने की सलाह दे रहा है।
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