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Lakhimpur Kheri News: कल्लू का पता नहीं चला, एनडीआरएफ की तलाश खत्म
Sun, 02 Aug 2026 11:13 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 02 Aug 2026 11:13 PM IST
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पानी कम हो जाने पर पैदल खोजबीन करते एनडीआरएफ के जवान। स्रोत: एनडीआरएफ
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बिजुआ। बेल्हा सिकटिहा घाट पर शारदा नदी में हुए नाव हादसे के 68 घंटे बाद भी लापता युवक कल्लू का कोई सुराग नहीं मिल सका। लगातार ढाई दिन तक चले तलाश अभियान के बाद रविवार दोपहर प्रशासन के निर्देश पर एनडीआरएफ ने सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया।
बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे बेल्हा सिकटिहा घाट पर दूधियों से भरी नाव तेज धारा में पलट गई थी। नाव पर सवार नौ लोगों में सात तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए थे, जबकि चकपुरवा निवासी सोनू पुत्र बिजेंद्र और गंगाबेहड़ निवासी कल्लू पुत्र रहूफ नदी की तेज धारा में बह गए थे।
एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने लगातार तलाश अभियान चलाया। करीब 48 घंटे बाद शनिवार शाम सोनू का शव मिल गया, लेकिन कल्लू का अब तक कोई पता नहीं चल सका। रविवार को जलस्तर घटने पर एनडीआरएफ के जवान नदी के बीच बने टापुओं तक पैदल पहुंचे और वहां भी खोजबीन की, लेकिन दोपहर तक सफलता नहीं मिली। इसके बाद प्रशासन के निर्देश पर सर्च ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया।
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एनडीआरएफ इंस्पेक्टर सभाजीत यादव ने बताया कि सामान्यतः किसी अभियान के लिए दो दिन का समय निर्धारित होता है। अधिकारियों की अनुमति से ढाई दिन तक लगातार सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन नदी का जलस्तर कम होने से स्टीमर भी फंसने लगे। ऐसे में प्रशासन के निर्देश पर अभियान समाप्त कर दिया गया।
एसडीएम गोला युगांतर त्रिपाठी ने बताया कि व्यापक खोजबीन के बावजूद कल्लू का कोई सुराग नहीं मिला, इसलिए सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया गया।
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बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे बेल्हा सिकटिहा घाट पर दूधियों से भरी नाव तेज धारा में पलट गई थी। नाव पर सवार नौ लोगों में सात तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए थे, जबकि चकपुरवा निवासी सोनू पुत्र बिजेंद्र और गंगाबेहड़ निवासी कल्लू पुत्र रहूफ नदी की तेज धारा में बह गए थे।
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एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने लगातार तलाश अभियान चलाया। करीब 48 घंटे बाद शनिवार शाम सोनू का शव मिल गया, लेकिन कल्लू का अब तक कोई पता नहीं चल सका। रविवार को जलस्तर घटने पर एनडीआरएफ के जवान नदी के बीच बने टापुओं तक पैदल पहुंचे और वहां भी खोजबीन की, लेकिन दोपहर तक सफलता नहीं मिली। इसके बाद प्रशासन के निर्देश पर सर्च ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया।
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एनडीआरएफ इंस्पेक्टर सभाजीत यादव ने बताया कि सामान्यतः किसी अभियान के लिए दो दिन का समय निर्धारित होता है। अधिकारियों की अनुमति से ढाई दिन तक लगातार सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन नदी का जलस्तर कम होने से स्टीमर भी फंसने लगे। ऐसे में प्रशासन के निर्देश पर अभियान समाप्त कर दिया गया।
एसडीएम गोला युगांतर त्रिपाठी ने बताया कि व्यापक खोजबीन के बावजूद कल्लू का कोई सुराग नहीं मिला, इसलिए सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया गया।