Lakhimpur Kheri: वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, बाघ को पकड़ने के लिए चलाया जा रहा ऑपरेशन टाइगर
लखीमपुर खीरी के धौरहरा वन रेंज में दहशत का पर्याय बने तेंदुए को वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। टीम ने उसे पकड़ने के लिए इलाके में पिंजरे लगाए थे। सोमवार सुबह तेेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया।
विस्तार
लखीमपुर खीरी के धौरहरा वन रेंज के सुजईकुंड़ा दहौरा नाला क्षेत्र के आसपास बीते कई महीनों से दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए की लगातार चहलकदमी से ग्रामीणों में भय का माहौल था, लोग खेतों की ओर जाने से कतरा रहे थे। इसी इलाके में बीते साल 31 दिसंबर को मंगरौली गांव निवासी सिराजुद्दीन को तेंदुए ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए 26 जनवरी से वन विभाग ऑपरेशन लैपर्ड चला रहा था।
सुजईकुंड़ा दहौरा नाला के पास बाघ और तेंदुए की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। 31 दिसंबर को घास काटने दहौरा नाला पर गए मंगरौली गांव निवासी बुजुर्ग सिराजुद्दीन पर तेंदुआ ने हमला कर मार डाला था। जिसके बाद वन विभाग ने सतर्कता अभियान चलाते हुए नाइट विजन कैमरे लगाए। कैमरे में एक बाघ और तेंदुआ चहलकदमी करते नजर आए। 26 जनवरी को अनुमति मिलने के बाद वन विभाग ने बाघ और तेंदुए को पकड़ने के लिए अलग-अलग पिंजरे लगाए। लेकिन तेंदुआ और बाघ टीम को चकमा दे पालतू जानवरों का शिकार कर दहशत फैला रहे थे।
सोमवार अलसुबह तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया, जिसे वन विभाग की टीम वन रेंज कार्यालय लाई, जहां डॉक्टरों की टीम ने परीक्षण किया। वन क्षेत्राधिकारी नृपेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ नर है, जिसकी उम्र करीब सात वर्ष है। अनुमति मिलने पर उसे दुधवा जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
बाघ पकड़ने के लिए चल रहा ऑपरेशन टाइगर
धौरहरा क्षेत्र में जहां तेंदुआ के पकड़े जाने से लोगों में कुछ राहत की सांस ली है, वहीं बाघ की आमद से भय का माहौल भी है। इसे पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ऑपरेशन टाइगर चला रही है। टीम ने नाइट विजन कैमरे और पिंजरा लगाया है। वन विभाग के कैमरे में बाघ की तस्वीरें भी कैद हुई है। क्षेत्रीय वनाधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने ग्रामीणों को अभी भी सतर्क रहने की सलाह दी है।