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Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी में पकड़ा गया तेंदुआ, बाघ अब भी कर्मियों को दे रहा चकमा
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 08 Mar 2026 11:52 PM IST
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पिजरे में कैद हुआ तेंदुआ- संवाद
- फोटो : स्टेडियम में महिला दिवस पर खेल प्रतियोगिता में प्रतिभाग करतीं खिलाड़ी।
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धौरहरा। वन रेंज के दहौरा नाला क्षेत्र में पिछले दो महीनों से तेंदुए और बाघ की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ था। रविवार को वन विभाग को तेंदुए को पकड़ने में सफलता मिल गई, लेकिन बाघ अब भी पकड़ से बाहर है और वन विभाग को लगातार चकमा दे रहा है। सुजईकुंड़ा दहौरा नाले के पास तेंदुआ लगातार मवेशियों का शिकार कर रहा था। वन क्षेत्राधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने उसे पकड़ने के लिए टीम गठित कर नाइट विजन कैमरे लगाए और करीब 15 दिन पहले पिंजरा लगाकर निगरानी शुरू कराई थी। रविवार को तेंदुआ पिंजरे में फंस गया, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित कब्जे में ले लिया। इससे पहले नौ फरवरी को भी इसी क्षेत्र से एक तेंदुए को रेस्क्यू किया गया था।
वनाधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ पूर्ण वयस्क नर है और इसकी उम्र करीब पांच वर्ष आंकी जा रही है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अनुमति मिलने पर इसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
वहीं सुजईकुंड़ा दहौरा नाले के आसपास बाघ की मौजूदगी भी बनी हुई है। वन विभाग के कैमरों में बाघ मवेशियों का शिकार करते हुए कैद हो चुका है। जनवरी में बाघ ने एक बुजुर्ग पर हमला कर उसकी जान ले ली थी।
तीन दिन पहले बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरे में पड्डा बांधा गया था, लेकिन बाघ फिर वन विभाग को चकमा देकर निकल गया। क्षेत्रीय वनाधिकारी ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए करीब तीन महीने से अभियान चलाया जा रहा है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है।
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वनाधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ पूर्ण वयस्क नर है और इसकी उम्र करीब पांच वर्ष आंकी जा रही है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अनुमति मिलने पर इसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
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वहीं सुजईकुंड़ा दहौरा नाले के आसपास बाघ की मौजूदगी भी बनी हुई है। वन विभाग के कैमरों में बाघ मवेशियों का शिकार करते हुए कैद हो चुका है। जनवरी में बाघ ने एक बुजुर्ग पर हमला कर उसकी जान ले ली थी।
तीन दिन पहले बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरे में पड्डा बांधा गया था, लेकिन बाघ फिर वन विभाग को चकमा देकर निकल गया। क्षेत्रीय वनाधिकारी ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए करीब तीन महीने से अभियान चलाया जा रहा है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है।