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Lakhimpur Kheri News: रूप निखारते-निखारते संवर गई जिंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 04 May 2026 12:00 AM IST
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पिंकी देवी
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लखीमपुर खीरी। कभी घर की चहारदीवारी तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाएं अब अपने हुनर से जिंदगी संवार रही हैं। ब्यूटी पार्लर का काम उनके लिए केवल रोजगार का जरिया नहीं रहा, बल्कि आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और सम्मान की नई पहचान बन गया है।
जिले के कई गांवों में महिलाओं ने प्रशिक्षण लेकर ब्यूटी पार्लर और कॉस्मेटिक का काम शुरू किया है। अब वे मेकअप, हेयर स्टाइल, फेशियल और ब्राइडल मेकअप जैसी सेवाएं देकर अच्छी आमदनी कर रही हैं। इससे न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि परिवार में उनका आत्मविश्वास और सम्मान भी बढ़ा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अब लोग छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए शहरों पर निर्भर नहीं हैं। गांवों में ही बेहतर सुविधाएं मिलने लगी हैं। कई महिलाओं ने सरकारी योजनाओं और आरसेटी के प्रशिक्षण की मदद से अपना कारोबार शुरू किया। कुछ ने बैंक से ऋण लेकर पार्लर को आधुनिक सुविधाओं से भी लैस किया है।
इन महिलाओं की सफलता अब दूसरी महिलाओं को भी प्रेरित कर रही है। गांवों की कई युवतियां और गृहिणियां प्रशिक्षण लेकर इस क्षेत्र में कदम बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।
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युवा उद्यमी योजना के तहत ऋण लेकर कॉस्मेटिक का काम शुरू किया। परिवार का तो पूरा सपोर्ट मिला, लेकिन काफी दिनों तक झिझक ने परेशान किया कि वह लोगों से कैसे बात करेंगे, लेकिन धीरे-धीरे सब बेहतर हो गया।
-पिंकी देवी, सुंदरवल
एक दिन सोचा कि कुछ नया किया जाए। आरसेटी से प्रशिक्षण लेने के बाद कैमासुर में अपना ब्यूटी पार्लर शुरू किया। पहले की अपेक्षा अब आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। मासिक 10 से 15 हजार रुपये की आय हो जाती।
-रेखा देवी, देवरिया
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हर महिला की तरह मैं भी गृहिणी थी, लेकिन बहन दिव्या के प्रयासों से आरसेटी से ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लिया। परिवार के सहयोग से खुद का काम शुरू किया। शुरूआत में थोड़ा संकोच रहा, लेकिन वह अब खत्म हो गया।
-पूनम, दिलावरपुर ईसानगर
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कभी नहीं सोचा था कि मैं भी आत्मनिर्भर बन पाऊंगी, लेकिन प्रशिक्षण के बाद सोच बदल गई। अब खुद का पार्लर चला रही हूं और दूसरी महिलाएं भी हमसे जुड़ रही हैं। शुरुआत में संकोच रहा जो अब खत्म हो चुका है।
-आरती देवी, आधा चाट
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जिले के कई गांवों में महिलाओं ने प्रशिक्षण लेकर ब्यूटी पार्लर और कॉस्मेटिक का काम शुरू किया है। अब वे मेकअप, हेयर स्टाइल, फेशियल और ब्राइडल मेकअप जैसी सेवाएं देकर अच्छी आमदनी कर रही हैं। इससे न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि परिवार में उनका आत्मविश्वास और सम्मान भी बढ़ा है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में अब लोग छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए शहरों पर निर्भर नहीं हैं। गांवों में ही बेहतर सुविधाएं मिलने लगी हैं। कई महिलाओं ने सरकारी योजनाओं और आरसेटी के प्रशिक्षण की मदद से अपना कारोबार शुरू किया। कुछ ने बैंक से ऋण लेकर पार्लर को आधुनिक सुविधाओं से भी लैस किया है।
इन महिलाओं की सफलता अब दूसरी महिलाओं को भी प्रेरित कर रही है। गांवों की कई युवतियां और गृहिणियां प्रशिक्षण लेकर इस क्षेत्र में कदम बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।
युवा उद्यमी योजना के तहत ऋण लेकर कॉस्मेटिक का काम शुरू किया। परिवार का तो पूरा सपोर्ट मिला, लेकिन काफी दिनों तक झिझक ने परेशान किया कि वह लोगों से कैसे बात करेंगे, लेकिन धीरे-धीरे सब बेहतर हो गया।
-पिंकी देवी, सुंदरवल
एक दिन सोचा कि कुछ नया किया जाए। आरसेटी से प्रशिक्षण लेने के बाद कैमासुर में अपना ब्यूटी पार्लर शुरू किया। पहले की अपेक्षा अब आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। मासिक 10 से 15 हजार रुपये की आय हो जाती।
-रेखा देवी, देवरिया
हर महिला की तरह मैं भी गृहिणी थी, लेकिन बहन दिव्या के प्रयासों से आरसेटी से ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लिया। परिवार के सहयोग से खुद का काम शुरू किया। शुरूआत में थोड़ा संकोच रहा, लेकिन वह अब खत्म हो गया।
-पूनम, दिलावरपुर ईसानगर
कभी नहीं सोचा था कि मैं भी आत्मनिर्भर बन पाऊंगी, लेकिन प्रशिक्षण के बाद सोच बदल गई। अब खुद का पार्लर चला रही हूं और दूसरी महिलाएं भी हमसे जुड़ रही हैं। शुरुआत में संकोच रहा जो अब खत्म हो चुका है।
-आरती देवी, आधा चाट

पिंकी देवी

पिंकी देवी
