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Lakhimpur Kheri News: भूमिगत संरचना ने फिर बढ़ाया लोगों का कौतूहल
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 03 May 2026 11:01 PM IST
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गोला में निर्माणाधीन कॉरिडोर में चर्चा का विषय पौराणिक शिव मंदिर के उत्तर की ओर भूमिगत सुरंगनुम
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गोला गोकर्णनाथ। निर्माणाधीन कॉरिडोर में परिक्रमा पथ के स्तंभों की खोदाई के दौरान मिला भूमिगत सुरंगनुमा अवशेष एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। कॉरिडोर के पहले और दूसरे चरण का निर्माण कार्य इन दिनों अंतिम दौर में चल रहा है।
शनिवार को पौराणिक शिव मंदिर के उत्तरी द्वार के सामने खुदाई के दौरान यह संरचना मिली। किसी ने इसे सुरंग तो किसी ने पुराना नाला तो किसी ने जल स्रोत बताया। इसके बाद यह अवशेष लोगों में कौतूहल का विषय बन गया है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि सितंबर में भी इसी दिशा में कुछ दूरी पर खोदाई के दौरान इसी तरह का अवशेष मिला था। उस समय भी यह मामला करीब एक माह तक चर्चा में रहा था।
इधर, कॉरिडोर के परिक्रमा पथ का निर्माण लगभग पूरा होने की ओर है। पौराणिक शिव मंदिर के पीछे अन्य मंदिरों के पुनर्स्थापन का कार्य भी शुरू हो चुका है। रिटेनिंग वॉल पर भगवान शिव से जुड़ी कलाकृतियां उकेरी जा रही हैं। परिसर में सुंदरीकरण का कार्य भी जारी है और मार्गों के किनारे कंड्यूट लाइटें लगाई जा रही हैं।
कार्यदायी संस्था के जेई विवेक वाजपेई ने बताया कि खोदाई में मिला सुरंगनुमा अवशेष पहले मिली संरचना का ही हिस्सा प्रतीत होता है।
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शनिवार को पौराणिक शिव मंदिर के उत्तरी द्वार के सामने खुदाई के दौरान यह संरचना मिली। किसी ने इसे सुरंग तो किसी ने पुराना नाला तो किसी ने जल स्रोत बताया। इसके बाद यह अवशेष लोगों में कौतूहल का विषय बन गया है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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बताया जा रहा है कि सितंबर में भी इसी दिशा में कुछ दूरी पर खोदाई के दौरान इसी तरह का अवशेष मिला था। उस समय भी यह मामला करीब एक माह तक चर्चा में रहा था।
इधर, कॉरिडोर के परिक्रमा पथ का निर्माण लगभग पूरा होने की ओर है। पौराणिक शिव मंदिर के पीछे अन्य मंदिरों के पुनर्स्थापन का कार्य भी शुरू हो चुका है। रिटेनिंग वॉल पर भगवान शिव से जुड़ी कलाकृतियां उकेरी जा रही हैं। परिसर में सुंदरीकरण का कार्य भी जारी है और मार्गों के किनारे कंड्यूट लाइटें लगाई जा रही हैं।
कार्यदायी संस्था के जेई विवेक वाजपेई ने बताया कि खोदाई में मिला सुरंगनुमा अवशेष पहले मिली संरचना का ही हिस्सा प्रतीत होता है।
