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नेपाल चुनाव : सुदूर पश्चिम में सेना का पहरा
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 17 Feb 2026 11:13 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी धनगढ़ी (नेपाल)। नेपाल में पांच मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा के निर्वाचन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर ली गई है। भयरहित और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए सेना ने कमर कस ली है।
सुदूर पश्चिम प्रदेश के नौ जिलों में से सात जिलों के कारागारों और हवाई अड्डों की सुरक्षा कमान अब सेना के हाथों में है। राष्ट्रपति से सेना परिचालन की औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद देशभर में कुल 79,727 जवानों को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सेना को विशेष रूप से मतदान केंद्रों, हवाई अड्डों और कारागारों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की सुरक्षा का जिम्मा दिया गया है।
सोमवार से सुदूरपश्चिम के कैलाली, कंचनपुर, डोटी, डडेलधुरा, अछाम, दार्चुला और बझांग जिलों में सेना की तैनाती प्रभावी हो गई है। प्रदेश के अन्य दो जिलों, बैतड़ी और बाजुरा में कारागार फिलहाल निर्माणाधीन हैं। इसके चलते वहां अभी सेना को तैनात नहीं किया गया है। कैलाली सुदूर पश्चिम प्रदेश पुलिस कार्यालय के एसपी बोहरा ने बताया कि प्रदेश के मैदानी जिलों के साथ-साथ पहाड़ी इलाकों के संवेदनशील स्थानों पर भी सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
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सुदूर पश्चिम प्रदेश के नौ जिलों में से सात जिलों के कारागारों और हवाई अड्डों की सुरक्षा कमान अब सेना के हाथों में है। राष्ट्रपति से सेना परिचालन की औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद देशभर में कुल 79,727 जवानों को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सेना को विशेष रूप से मतदान केंद्रों, हवाई अड्डों और कारागारों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की सुरक्षा का जिम्मा दिया गया है।
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सोमवार से सुदूरपश्चिम के कैलाली, कंचनपुर, डोटी, डडेलधुरा, अछाम, दार्चुला और बझांग जिलों में सेना की तैनाती प्रभावी हो गई है। प्रदेश के अन्य दो जिलों, बैतड़ी और बाजुरा में कारागार फिलहाल निर्माणाधीन हैं। इसके चलते वहां अभी सेना को तैनात नहीं किया गया है। कैलाली सुदूर पश्चिम प्रदेश पुलिस कार्यालय के एसपी बोहरा ने बताया कि प्रदेश के मैदानी जिलों के साथ-साथ पहाड़ी इलाकों के संवेदनशील स्थानों पर भी सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।