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Lakhimpur Kheri News: गर्मी में इस बार 90 मेगावाट तक बढ़ जाएगी बिजली की खपत
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 17 Feb 2026 11:18 PM IST
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नई बस्ती उपकेंद्र पर रखा ट्रांसफॉर्मर। फाइल फोटो
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लखीमपुर खीरी। गर्मी के मौसम को देखते हुए जिले में बिजली की खपत 90 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। तापमान बढ़ने के साथ ही एसी, कूलर और पंखों के अधिक उपयोग से विद्युत मांग में तेजी आने की संभावना है। गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने के साथ ही फॉल्ट की समस्याएं भी हो सकती हैं। हालांकि, विभागीय अफसरों का दावा है कि नए तार डाले जा चुके हैं। ऐसे में फॉल्ट न के बराबर होंगे।
132 केवी छाउछ ट्रांसमिशन से शहर में लखीमपुर डिविजन के साथ ही महेवागंज, बसैगापुर, फरधान आदि ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति दी जाती है। पिछले वर्ष भीषण गर्मी के दौरान मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। वितरण खंड के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में गर्मियों के सीजन में सबसे अधिक 85.94 मेगावाट बिजली की खपत हुई थी, जो इस बार 90 मेगावाट से अधिक होने का अनुमान है। मौजूदा समय फरवरी में प्रति दिन के हिसाब से अधिकतम 53.37 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है।
इधर, गर्मी में बिजली का लोड बढ़ने से तकनीकी खराब न आए, इसको लेकर वितरण वितरण खंड ने पहले से ही ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत, जर्जर तारों के बदलने और फीडरों की जांच का कार्य शुरू कर दिया है, ताकि ओवरलोडिंग और फाॅल्ट की समस्या से बचा जा सके। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। कृषि कार्यों के लिए ट्यूबवेल संचालन और घरेलू उपकरणों के उपयोग से लोड बढ़ना तय माना जा रहा है।
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अनावश्यक बिजली न खर्च करें
लखीमपुर सर्किल के अधीक्षण अभियंता ब्रम्हपाल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अनावश्यक बिजली उपकरणों का उपयोग न करें। जरूरी हो तभी बिजली का इस्तेमाल करें। बेवजह बिजली खर्च होने पर ओवरलोडिंग बढ़ जाती है, जिससे फॉल्ट की आशंका बढ़ जाती है।
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132 केवी छाउछ ट्रांसमिशन से शहर में लखीमपुर डिविजन के साथ ही महेवागंज, बसैगापुर, फरधान आदि ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति दी जाती है। पिछले वर्ष भीषण गर्मी के दौरान मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। वितरण खंड के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में गर्मियों के सीजन में सबसे अधिक 85.94 मेगावाट बिजली की खपत हुई थी, जो इस बार 90 मेगावाट से अधिक होने का अनुमान है। मौजूदा समय फरवरी में प्रति दिन के हिसाब से अधिकतम 53.37 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है।
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इधर, गर्मी में बिजली का लोड बढ़ने से तकनीकी खराब न आए, इसको लेकर वितरण वितरण खंड ने पहले से ही ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत, जर्जर तारों के बदलने और फीडरों की जांच का कार्य शुरू कर दिया है, ताकि ओवरलोडिंग और फाॅल्ट की समस्या से बचा जा सके। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। कृषि कार्यों के लिए ट्यूबवेल संचालन और घरेलू उपकरणों के उपयोग से लोड बढ़ना तय माना जा रहा है।
अनावश्यक बिजली न खर्च करें
लखीमपुर सर्किल के अधीक्षण अभियंता ब्रम्हपाल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अनावश्यक बिजली उपकरणों का उपयोग न करें। जरूरी हो तभी बिजली का इस्तेमाल करें। बेवजह बिजली खर्च होने पर ओवरलोडिंग बढ़ जाती है, जिससे फॉल्ट की आशंका बढ़ जाती है।