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Lakhimpur Kheri News: एक गया, दूसरा आया... तराई में तेंदुओं का आतंक कायम
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:06 PM IST
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निघासन। तराई क्षेत्र में तेंदुओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तेंदुए को पकड़कर हटाया जाता है, तो उसी इलाके में दूसरे की मौजूदगी सामने आ जाती है। हालात ऐसे हैं कि एक दर्जन से अधिक गांवों में लोग अब भी दहशत के साए में जी रहे हैं।
आबादी के आसपास तेंदुओं की लगातार चहलकदमी और हमलों की घटनाओं से ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कई गांवों में शाम ढलते ही लोग घरों में कैद होने के लिए मजबूर हैं। सिंगाही क्षेत्र के फुटहा गांव में सात वर्षीय बच्ची को तेंदुए द्वारा शिकार बनाए जाने के बाद वन विभाग ने संबंधित तेंदुए को पकड़कर लखनऊ चिड़ियाघर भेज दिया था। इसके बावजूद क्षेत्र में डर कम नहीं हुआ।
वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, निघासन क्षेत्र से अब तक 11 तेंदुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है। इनमें दक्षिण निघासन रेंज से एक मादा तेंदुए को इटावा लायन सफारी, लुधौरी रेंज से तीन, मझगईं रेंज से तीन और बेलरायां रेंज से पांच तेंदुए शामिल हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि जिस स्थान से मादा तेंदुए को पकड़ा गया था, वहीं दोबारा तेंदुए की मौजूदगी देखी गई है। इससे ग्रामीणों में भय और बढ़ गया है।
ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। वन दरोगा अखिलेश रावत ने बताया कि तेंदुए की लोकेशन चिह्नित की जा रही है और गोविंदपुर फार्म समेत संभावित स्थानों पर पिंजरे लगाने की तैयारी की जा रही है।
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वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, निघासन क्षेत्र से अब तक 11 तेंदुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है। इनमें दक्षिण निघासन रेंज से एक मादा तेंदुए को इटावा लायन सफारी, लुधौरी रेंज से तीन, मझगईं रेंज से तीन और बेलरायां रेंज से पांच तेंदुए शामिल हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि जिस स्थान से मादा तेंदुए को पकड़ा गया था, वहीं दोबारा तेंदुए की मौजूदगी देखी गई है। इससे ग्रामीणों में भय और बढ़ गया है।
ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। वन दरोगा अखिलेश रावत ने बताया कि तेंदुए की लोकेशन चिह्नित की जा रही है और गोविंदपुर फार्म समेत संभावित स्थानों पर पिंजरे लगाने की तैयारी की जा रही है।