घर से बच्ची को दबोच ले गया तेंदुआ: लखीमपुर खीरी में मासूम की मौत पर आक्रोश, मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन
लखीमपुर खीरी के सिंगाही क्षेत्र में बुधवार शाम तेंदुए ने सात साल की बच्ची को मार डाला। इस घटना से आक्रोशित परिजन और किसान संगठन के लोग बृहस्पतिवार को धरने पर बैठ गए। किसान नेताओं ने घटना के जिम्मेदारों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजे दिए जाने की मांग की।
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लखीमपुर खीरी के सिंगाही थाना क्षेत्र के फुटहा फार्म में बुधवार शाम परिजनों के सामने से सात वर्षीय बच्ची को तेंदुआ दबोच ले गया। घर से करीब 600 मीटर दूर मासूम बच्ची का अधखाया शव मिला। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। बृहस्पतिवार को बच्ची के परिजनों के साथ तमाम लोग धरने पर बैठे गए। पुलिस को बच्ची का शव नहीं उठाने दिया। परिजनों ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) उत्तर प्रदेश के बैनर तले संगठन के विधानसभा अध्यक्ष जयमल सिंह ढिल्लो के नेतृत्व में अधिकारियों को पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया है।
जयमल सिंह ढिल्लो ने ज्ञापन में जंगल क्षेत्र में मजबूत जालीदार फेंसिंग कराने, जंगली जानवरों के हमले में मौत होने पर पीड़ित परिवार को 21 लाख रुपये मुआवजा देने और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। इसके अलावा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और आत्मरक्षा में जंगली जानवर को मारने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई न किए जाने की भी मांग की गई।
अपनी मांगों पर अड़े परिजन
घटना के करीब 18 घंटे बाद भी परिजन और सिख संगठन के लोग शव को लेकर मौके पर डटे रहे। लगातार मान-मनौव्वल के बावजूद परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। मौके पर प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) कीर्ति चौधरी, एसडीएम राजीव निगम, सीओ शिवम कुमार, वन विभाग के एसडीओ मनोज तिवारी सहित सिंगाही, निघासन, तिकोनिया, पलिया, मझगईं, पढ़ुआ व धौरहरा थानों की भारी पुलिस फोर्स सहित पीएसी बल तैनात रही। प्रशासनिक अधिकारी परिजनों को समझाने में जुटे रहे।
घर में घुसकर बच्ची को दबोच ले गया था तेंदुआ
फुटहा फार्म निवासी जोगा सिंह की पुत्री सिमरन (7 वर्ष) शाम करीब सात बजे घर में मौजूद थी। इसी दौरान परिजनों के सामने से अचानक घर में घुसे तेंदुए ने उसे जबड़े में दबोच लिया और लेकर भाग निकला। परिजन व आसपास के लोग शोर मचाते हुए उसके पीछे दौड़े, लेकिन तेंदुआ बच्ची को लेकर दूर निकल गया। करीब 600 मीटर दूर गेहूं के खेत में बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों में भय के साथ-साथ वन विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ गई है।
घटना के बाद लगाया गया पिंजरा
आरोप है कि सूचना देने के बावजूद घटना के दो घंटे बाद तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां पहले से बनी हुई थीं। इससे पूर्व वह दो पालतू कुत्तों और एक बछिया को भी अपना शिकार बना चुका है। इसके बावजूद वन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने तेंदुए की सक्रियता को देखते हुए पिंजरा मंगवाकर मौके पर लगवाया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है।