{"_id":"6a7dfe06481fa0fa270ffb61","slug":"six-beneficiaries-selected-via-e-lottery-for-mini-nandini-dairy-units-have-secured-employment-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1036-182444-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: ई-लॉटरी से चयनित हुए मिनी नंदिनी डेयरी के छह लाभार्थी, मिला रोजगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: ई-लॉटरी से चयनित हुए मिनी नंदिनी डेयरी के छह लाभार्थी, मिला रोजगार
Thu, 13 Aug 2026 10:55 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 13 Aug 2026 10:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। जिले में दूध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत जिले के छह लाभार्थियों का चयन किया गया। विकास भवन में ई-लाटरी के माध्यम से छह लाभार्थियों का चयन किया गया।
सीवीओ डॉ. दिनेश कुमार सचान ने बताया कि योजना 23.6 लाख की है। इसमें देशी नस्ल की दुधारू 10 गायों का प्रोजेक्ट है। योजना के लिए 479 आवेदन आए थे, जिसमें 143 महिला और 336 पुरुष थे। जांच के बाद लाॅटरी के लिए 312 आवेदक पात्र मिले, जिसके बाद विकास भवन सभागार में परियोजना निदेशक सतीश चंद्र पांडेय, एलडीएम अशोक गुप्ता, डीडीएम नाबार्ड प्रसून सोनार, उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हनी सक्सेना सहित अन्य अधिकारी मौजूदगी में लाभार्थियों को चुना गया। सीवीओ ने बताया कि 23.60 लाख की यूनिट में 50 प्रतिशत सब्सिडी सरकार देती है। इसमें साहीवाल, थारपारकर, गिर जैसी स्वदेशी नस्ल की गाय पाली जाती हैं। संवाद
विज्ञापन
सीवीओ डॉ. दिनेश कुमार सचान ने बताया कि योजना 23.6 लाख की है। इसमें देशी नस्ल की दुधारू 10 गायों का प्रोजेक्ट है। योजना के लिए 479 आवेदन आए थे, जिसमें 143 महिला और 336 पुरुष थे। जांच के बाद लाॅटरी के लिए 312 आवेदक पात्र मिले, जिसके बाद विकास भवन सभागार में परियोजना निदेशक सतीश चंद्र पांडेय, एलडीएम अशोक गुप्ता, डीडीएम नाबार्ड प्रसून सोनार, उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हनी सक्सेना सहित अन्य अधिकारी मौजूदगी में लाभार्थियों को चुना गया। सीवीओ ने बताया कि 23.60 लाख की यूनिट में 50 प्रतिशत सब्सिडी सरकार देती है। इसमें साहीवाल, थारपारकर, गिर जैसी स्वदेशी नस्ल की गाय पाली जाती हैं। संवाद
विज्ञापन