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Lakhimpur Kheri News: मलमास लगते ही थम गई शहनाइयों की गूंज
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 18 May 2026 01:14 AM IST
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पं. रामदेव मिश्र शास्त्री।
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बांकेगंज। ज्येष्ठ मास में इस बार अधिक मास यानी पुरुषोत्तम मास का संयोग बनने से रविवार से मांगलिक कार्यों पर विराम लग गया है। अब 15 जून के बाद ही विवाह समेत अन्य शुभ कार्यक्रम शुरू हो सकेंगे।
छोटी काशी गोला के ज्योतिषाचार्य पं. रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि अधिक मास प्रारंभ होने के साथ ही विवाह, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त नहीं रहेंगे। इस दौरान शहनाइयों की गूंज भी थम जाएगी।
उन्होंने बताया कि मलमास में गृह आरंभ, गृह प्रवेश, विवाह, वधू प्रवेश, द्विरागमन, देव प्रतिष्ठा, विद्यारंभ, मंत्र दीक्षा, यज्ञोपवीत संस्कार और मुंडन जैसे कार्य नहीं किए जाते। इस अवधि में व्रत, गंगा स्नान, दान और देव पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, पुरुषोत्तम मास में घी, गुड़ और अनाज का दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
छोटी काशी गोला के ज्योतिषाचार्य पं. रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि अधिक मास प्रारंभ होने के साथ ही विवाह, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त नहीं रहेंगे। इस दौरान शहनाइयों की गूंज भी थम जाएगी।
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उन्होंने बताया कि मलमास में गृह आरंभ, गृह प्रवेश, विवाह, वधू प्रवेश, द्विरागमन, देव प्रतिष्ठा, विद्यारंभ, मंत्र दीक्षा, यज्ञोपवीत संस्कार और मुंडन जैसे कार्य नहीं किए जाते। इस अवधि में व्रत, गंगा स्नान, दान और देव पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, पुरुषोत्तम मास में घी, गुड़ और अनाज का दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।