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Lalitpur News: अब तक नहीं बन सका एटीएस, मैन्युअल तरीके से हो रही वाहनों की फिटनेस जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में अब तक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) नहीं खुल सका है। खुलना तो दूर अब तक आवेदन भी नहीं किया गया है। ऐसे में एटीएस से फिटनेस की सुविधा निर्देश तक ही सीमित रह गई है। वर्तमान में वाहनों की फिटनेस जांच मैन्युअल तरीके से की जा रही है।
शासन ने वाहनों की फिटनेस जांच के लिए प्रत्येक जनपद में ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) खोले जाने का प्रावधान किया है। इसमें वाहनों के फिटनेस की जांच मशीनों के माध्यम से की जानी है। एटीएस सेंटर खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। लगभग तीन वर्षों में एटीएस खोलने के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है। इससे मशीनों से वाहनों की फिटनेस जांच की सुविधा निर्देश तक ही सीमित रह गई है।
वर्तमान में वाहनों की फिटनेस की जांच परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा मैनुअल तरीके से की जा रही है। इसमें वाहनों के ब्रेक, हॉर्न, टायर, इंजन, रिफ्लेक्टर आदि की जांच की जाती है। इसमें अधिक समय लग जाता है। साथ ही जांच भी ठीक से नहीं हो पाती है।
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एटीएस के लिए आवश्यक है एक एकड़ से अधिक जमीन
एटीएस (ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन) को खोलने के लिए लगभग एक एकड़ से अधिक भूमि की आवश्यकता है। इस भूमि के चारों ओर से बाउंड्री होनी चाहिए। साथ ही इसमें मानक अनुरूप कुछ हिस्से में पक्का निर्माण भी कराया जाता है, जिसमें वाहनों की जांच करने वाली आधुनिक मशीनें स्थापित की जाती हैं। फिटनेस के लिए ट्रैक भी बनाया जाता है।
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जनपद में वाहनों की फिटनेस के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है। इससे इसका निर्माण नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में फिटनेस मैन्युअल तरीके से की जा रही है।
- विपिन चौधरी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी
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ललितपुर। जनपद में अब तक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) नहीं खुल सका है। खुलना तो दूर अब तक आवेदन भी नहीं किया गया है। ऐसे में एटीएस से फिटनेस की सुविधा निर्देश तक ही सीमित रह गई है। वर्तमान में वाहनों की फिटनेस जांच मैन्युअल तरीके से की जा रही है।
शासन ने वाहनों की फिटनेस जांच के लिए प्रत्येक जनपद में ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) खोले जाने का प्रावधान किया है। इसमें वाहनों के फिटनेस की जांच मशीनों के माध्यम से की जानी है। एटीएस सेंटर खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। लगभग तीन वर्षों में एटीएस खोलने के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है। इससे मशीनों से वाहनों की फिटनेस जांच की सुविधा निर्देश तक ही सीमित रह गई है।
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वर्तमान में वाहनों की फिटनेस की जांच परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा मैनुअल तरीके से की जा रही है। इसमें वाहनों के ब्रेक, हॉर्न, टायर, इंजन, रिफ्लेक्टर आदि की जांच की जाती है। इसमें अधिक समय लग जाता है। साथ ही जांच भी ठीक से नहीं हो पाती है।
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एटीएस के लिए आवश्यक है एक एकड़ से अधिक जमीन
एटीएस (ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन) को खोलने के लिए लगभग एक एकड़ से अधिक भूमि की आवश्यकता है। इस भूमि के चारों ओर से बाउंड्री होनी चाहिए। साथ ही इसमें मानक अनुरूप कुछ हिस्से में पक्का निर्माण भी कराया जाता है, जिसमें वाहनों की जांच करने वाली आधुनिक मशीनें स्थापित की जाती हैं। फिटनेस के लिए ट्रैक भी बनाया जाता है।
जनपद में वाहनों की फिटनेस के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है। इससे इसका निर्माण नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में फिटनेस मैन्युअल तरीके से की जा रही है।
- विपिन चौधरी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी