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Lalitpur News: एनआरएलएम में प्रगति खराब होने पर तीन कर्मचारियों का स्पष्टीकरण तलब
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- सीडीओ ने कार्यप्रणाली में सुधार न लाने पर कार्रवाई की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शासन ने 15.62 करोड़ रुपये की धनराशि जिले में भेजी थी। वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है, लेकिन अभी तक 8 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाए हैं। इससे सीएम डैश बोर्ड पर प्रगति खराब हुई, इसके लिए एनआरएलएम में तैनात डीएमएम विद्यासागर, निधि शुक्ला व लेखाकार रीतेश यादव का स्पष्टीकरण तलब करते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही प्रगति सही न होने पर उनकी सेवा समाप्ति की चेतावनी दी गई है।
मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान ने समीक्षा बैठक करते हुए प्रत्येक मदवार शासन से प्राप्त धनराशि व व्यय की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि करीब चार करोड़ की धनराशि शासन से कृषि क्षेत्र के लिए भेजी गई है। लेकिन इस धनराशि को किस प्रकार व्यय करना है, इसके लिए गाइडलाइन नहीं भेजी गई है। जब उन्होंने अन्य जनपद में इस धनराशि के उपयोग की जानकारी ली तो पता चला वह पूर्व में ही शासन को यह धनराशि वापस भेज चुके हैं, लेकिन जिलास्तर पर ऐसा नहीं किया गया। इसके साथ ही बीसी सखी मानदेय व अन्य धनराशि जो अतरिक्त आ गई थी। इस धनराशि को शासन को वापस भेजना था, जो नहीं भेजी गई, जिससे जिले की प्रगति खराब हो रही है। बताते चलें कि एनआरएम में आए बजट का अभी कुल 48.17 ही खर्च किया था। 8.62 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च करने के लिए शेष थी। इसमें पांच करोड़ की धनराशि शासन को वापस भेजी जानी है। साथ ही जो बाकी धनराशि है, उसे मुख्य विकास अधिकारी ने 48 घंटों में पत्रावली तैयार कर इस धनराशि को व्यय करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को चेतावनी जारी की। इस अवसर पर डीसी एनआरएलएम रमेश कुमार उपस्थित रहे।
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ललितपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शासन ने 15.62 करोड़ रुपये की धनराशि जिले में भेजी थी। वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है, लेकिन अभी तक 8 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाए हैं। इससे सीएम डैश बोर्ड पर प्रगति खराब हुई, इसके लिए एनआरएलएम में तैनात डीएमएम विद्यासागर, निधि शुक्ला व लेखाकार रीतेश यादव का स्पष्टीकरण तलब करते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही प्रगति सही न होने पर उनकी सेवा समाप्ति की चेतावनी दी गई है।
मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान ने समीक्षा बैठक करते हुए प्रत्येक मदवार शासन से प्राप्त धनराशि व व्यय की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि करीब चार करोड़ की धनराशि शासन से कृषि क्षेत्र के लिए भेजी गई है। लेकिन इस धनराशि को किस प्रकार व्यय करना है, इसके लिए गाइडलाइन नहीं भेजी गई है। जब उन्होंने अन्य जनपद में इस धनराशि के उपयोग की जानकारी ली तो पता चला वह पूर्व में ही शासन को यह धनराशि वापस भेज चुके हैं, लेकिन जिलास्तर पर ऐसा नहीं किया गया। इसके साथ ही बीसी सखी मानदेय व अन्य धनराशि जो अतरिक्त आ गई थी। इस धनराशि को शासन को वापस भेजना था, जो नहीं भेजी गई, जिससे जिले की प्रगति खराब हो रही है। बताते चलें कि एनआरएम में आए बजट का अभी कुल 48.17 ही खर्च किया था। 8.62 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च करने के लिए शेष थी। इसमें पांच करोड़ की धनराशि शासन को वापस भेजी जानी है। साथ ही जो बाकी धनराशि है, उसे मुख्य विकास अधिकारी ने 48 घंटों में पत्रावली तैयार कर इस धनराशि को व्यय करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को चेतावनी जारी की। इस अवसर पर डीसी एनआरएलएम रमेश कुमार उपस्थित रहे।
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