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Lalitpur News: एनएच-44 पर अंडरब्रिज बनने की जगी आस
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नेशनल हाईवे- 44 पर गोविंद सागर बांध के पास होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अंडरब्रिज बनाया जाएगा। इसके लिए यातायात पुलिस ने एनएचएआई को प्रस्ताव तैयार करके भेजा है। यह स्थान ब्लैक स्पॉट में शामिल है और यहां पर अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। इसी कारण से यहां पर अंडरब्रिज बनाने की पहल की जा रही है।
जनपद सीमा से होकर राजमार्ग-44 का करीब 100 किलोमीटर का हिस्सा होकर गुजरता है। इसमें झांसी से गोविंद सागर बांध तक की जिम्मेदारी एनएचएआई झांसी और गोविंद सागर बांध से सागर तक के हिस्से की जिम्मेदारी एमपी की सागर एनएचएआई को है। हाईवे निर्माण के बाद इस पर जब वाहनों का संचालन हुआ तो इस पर आए दिन हादसे और सड़क दुर्घटनाएं होने लगी और लोगों की जान जाने लगी।
इसे देखते हुए हाईवे पर कई स्थानों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया था। इनमें कैलगुवां चौराहा, ग्राम घटवार तिराहा और गौना के पास अंडरब्रिज बनाने का काम शुरू कराया गया था। जिसमें तीनों अंडर ब्रिज करीब-करीब बनकर तैयार हो गए है।
वहीं गोविंद सागर बांध तिराहा भी सर्वाधिक दुर्घटना बाहुल्य और दुर्घटना संभावना वाला स्थान है। यहां से शहर की ओर जाने और आने वाले वाहनों की आवाजाही अधिक होने के कारण अक्सर हादसे होते रहे हैं। जिसमें कुछ की मौत तो कुछ गंभीर चोटिल हो जाते है। यातायात पुलिस ने एनएचएआई को प्रस्ताव तैयार करके प्रेषित किया है। स्वीकृति मिलने पर यहां पर अंडर ब्रिज बनने का काम शुरू हो जाएगा।
यातायात प्रभारी आलोक तिवारी ने बताया कि एसपी मोहम्मद मुश्ताक के निर्देश पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए हाईवे पर गोविंद सागर बांध तिराहा के समीप अंडर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव एनएचएआई को दिया है। एनएचएआई के द्वारा इसकी कार्ययोजना बनाने और उसे स्वीकृति मिलने के बाद यहां पर अंडर ब्रिज बनने लगा।
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ललितपुर। नेशनल हाईवे- 44 पर गोविंद सागर बांध के पास होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अंडरब्रिज बनाया जाएगा। इसके लिए यातायात पुलिस ने एनएचएआई को प्रस्ताव तैयार करके भेजा है। यह स्थान ब्लैक स्पॉट में शामिल है और यहां पर अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। इसी कारण से यहां पर अंडरब्रिज बनाने की पहल की जा रही है।
जनपद सीमा से होकर राजमार्ग-44 का करीब 100 किलोमीटर का हिस्सा होकर गुजरता है। इसमें झांसी से गोविंद सागर बांध तक की जिम्मेदारी एनएचएआई झांसी और गोविंद सागर बांध से सागर तक के हिस्से की जिम्मेदारी एमपी की सागर एनएचएआई को है। हाईवे निर्माण के बाद इस पर जब वाहनों का संचालन हुआ तो इस पर आए दिन हादसे और सड़क दुर्घटनाएं होने लगी और लोगों की जान जाने लगी।
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इसे देखते हुए हाईवे पर कई स्थानों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया था। इनमें कैलगुवां चौराहा, ग्राम घटवार तिराहा और गौना के पास अंडरब्रिज बनाने का काम शुरू कराया गया था। जिसमें तीनों अंडर ब्रिज करीब-करीब बनकर तैयार हो गए है।
वहीं गोविंद सागर बांध तिराहा भी सर्वाधिक दुर्घटना बाहुल्य और दुर्घटना संभावना वाला स्थान है। यहां से शहर की ओर जाने और आने वाले वाहनों की आवाजाही अधिक होने के कारण अक्सर हादसे होते रहे हैं। जिसमें कुछ की मौत तो कुछ गंभीर चोटिल हो जाते है। यातायात पुलिस ने एनएचएआई को प्रस्ताव तैयार करके प्रेषित किया है। स्वीकृति मिलने पर यहां पर अंडर ब्रिज बनने का काम शुरू हो जाएगा।
यातायात प्रभारी आलोक तिवारी ने बताया कि एसपी मोहम्मद मुश्ताक के निर्देश पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए हाईवे पर गोविंद सागर बांध तिराहा के समीप अंडर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव एनएचएआई को दिया है। एनएचएआई के द्वारा इसकी कार्ययोजना बनाने और उसे स्वीकृति मिलने के बाद यहां पर अंडर ब्रिज बनने लगा।