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Lalitpur: सहकारी समितियां भी करेंगी गेहूं खरीद, किसानों को स्थानीय स्तर पर मिलेगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Published by: दीपक महाजन
Updated Fri, 27 Mar 2026 10:21 AM IST
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सार
क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 36 से 47 कर दी गई है। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 160 रुपये बढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
यूपी में गेहूं की खरीद।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इस बार गेहूं की सरकारी खरीद में सहकारी समितियों को भी शामिल किया गया है। साथ ही जिले में क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 36 से 47 कर दी गई है। इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर ही अपनी उपज बेचने में सहूलियत मिलेगी और बिचौलियों की भूमिका कम होगी।
खाद्य विपणन विभाग ने गेहूं खरीद की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और क्रय नीति भी जारी हो चुकी है। नई व्यवस्था के तहत सहकारी समितियों को भी खरीद प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इसके लिए संबंधित समितियों के खाते में कम से कम 20 लाख रुपये होना अनिवार्य होगा। समितियों की संख्या का अंतिम निर्णय जिला प्रशासन द्वारा लिया जाएगा।
जिले में इस बार कुल 47 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें पीसीएफ के 20, नैफेड के 13, एफसीआई के छह और खाद्य विपणन विभाग के आठ क्रय केंद्र शामिल हैं। पिछले वर्ष 48 केंद्रों के माध्यम से 2,511 किसानों से 16,732.60 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी, जो निर्धारित लक्ष्य का 34.86 प्रतिशत रही थी। इसके बदले किसानों को 4,090.94 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 160 रुपये बढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 2,425 रुपये प्रति क्विंटल था।
उत्पादन में कमी की संभावना
जिले में इस बार 1,74,635 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में गेहूं की बुवाई हुई है। इसके आधार पर कुल उत्पादन 7,38,952.200 मीट्रिक टन रहने का अनुमान है। पिछले वर्ष 8,35,522.800 मीट्रिक टन उत्पादन दर्ज किया गया था।
गेहूं खरीद की नीति जारी हो चुकी है। इस बार 47 क्रय केंद्रों पर खरीद होगी और सहकारी समितियों को भी इसमें शामिल करने की योजना बनाई गई है। चामुंडा प्रसाद पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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खाद्य विपणन विभाग ने गेहूं खरीद की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और क्रय नीति भी जारी हो चुकी है। नई व्यवस्था के तहत सहकारी समितियों को भी खरीद प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इसके लिए संबंधित समितियों के खाते में कम से कम 20 लाख रुपये होना अनिवार्य होगा। समितियों की संख्या का अंतिम निर्णय जिला प्रशासन द्वारा लिया जाएगा।
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जिले में इस बार कुल 47 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें पीसीएफ के 20, नैफेड के 13, एफसीआई के छह और खाद्य विपणन विभाग के आठ क्रय केंद्र शामिल हैं। पिछले वर्ष 48 केंद्रों के माध्यम से 2,511 किसानों से 16,732.60 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी, जो निर्धारित लक्ष्य का 34.86 प्रतिशत रही थी। इसके बदले किसानों को 4,090.94 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 160 रुपये बढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 2,425 रुपये प्रति क्विंटल था।
उत्पादन में कमी की संभावना
जिले में इस बार 1,74,635 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में गेहूं की बुवाई हुई है। इसके आधार पर कुल उत्पादन 7,38,952.200 मीट्रिक टन रहने का अनुमान है। पिछले वर्ष 8,35,522.800 मीट्रिक टन उत्पादन दर्ज किया गया था।
गेहूं खरीद की नीति जारी हो चुकी है। इस बार 47 क्रय केंद्रों पर खरीद होगी और सहकारी समितियों को भी इसमें शामिल करने की योजना बनाई गई है। चामुंडा प्रसाद पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी