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Lalitpur News: एक चिकित्सक पर 32 हजार की आबादी का उपचार

Sun, 05 Jul 2026 11:59 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 11:59 PM IST
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One doctor for a population of 32,000
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। जिस व्यवस्था के कंधों पर जिंदगियां बचाने का जिम्मा हो, जब वह खुद ही वेंटिलेटर पर आ जाए, तो आम आदमी का भगवान भरोसे रहना लाजमी है। जनपद के ग्रामीण इलाकों से आई यह हकीकत स्वास्थ्य सिस्टम की लाचारी और बदहाली की दास्तां बयां कर रही है। जहां सरकार बेहतर इलाज का दंभ भर रही हैं, वहीं जिले की जमीनी हकीकत यह है कि औसतन एक अकेले डॉक्टर पर 32 हजार लोगों के सेहत की जिम्मेदारी है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि उन हजारों मजबूर मरीजों की बेबसी है, जो रोज अस्पताल की चौखट पर दम तोड़ देती है। कारण यह है कि उन्हें सरकारी अस्पतालों में वक्त पर बेहतर उपचार मयस्सर नहीं हो पा रहा है।
जिले में ग्रामीण क्षेत्र की आबादी लगभग 12 लाख है। ग्रामीणों को सेहत को दुरुस्त करने के लिए 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। मगर इन अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी उपचार में बाधा बनीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो सीएचसी तालबेहट, महरौनी व मड़ावरा में विशेषज्ञों के छह-छह पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष महरौनी में तीन सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ हैं। तालबेहट में महज एक स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। सीएचसी मड़ावरा में एक भी विशेषज्ञ चिकिसक नहीं है। वहीं सीएचसी बार, बिरधा व जखौरा में विशेषज्ञों के चार-चार व दो-दो सामान्य चिकित्सकों के पद सृजित हैं, जिसके सापेक्ष तीनों पर एक भी विशेषज्ञ नहीं है। बिरधा व बार में दो-दो चिकित्सक हैं। सीएचसी जखौरा में तीन सामान्य चिकित्सक हैं, जबकि जिला मुख्यालय के भी 13 चिकित्सक नोडल व अन्य तरह से ओपीडी करते हैं। इस तरह से कुल 37 चिकित्सक लगभग 12 लाख की आबादी को उपचार दे रहे हैं। आंकड़ों के अुनसार एक चिकित्सक पर 32 हजार लोगों के उपचार की जिम्मेदारी है। चिकित्सकों की कमी के चलते सीएचसी पर मरीजों को समुचित मात्रा में उपचार नहीं मिल पा रहा है। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर रेफर किया जा रहा है।
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विशेषज्ञ चिकित्सकों की है भारी कमी

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेषज्ञ चिकित्सकों के 30 पद स्वीकृत हैं। इसमें महज चार चिकित्सक ही कार्यरत है। 26 पद रिक्त बने हुए हैं। जिले में चार सीएचसी पर एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। इनमें सीएचसी मड़ावरा, बिरधा, बार व जखौरा है। इनमें महज सामान्य चिकित्सक ही मरीजों को सेवाएं दे रहे हैं। इन अस्पतालों में गंभीर मरीजों को तत्काल हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
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एक नजर में वर्तमान स्थिति

जिले की कुल आबादी - 15,64,711

ग्रामीण क्षेत्र की लगभग आबादी - 12.20 लाख

मेडिकल कॉलेज - 1
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र - 6

नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र - 23

उपकेंद्र - 198
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एंबुलेंस की स्थित
एंबुलेंस - संख्या

एएलएस -5

108 -22

102 -16

कुल - 43
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सीएचसी -तैनात चिकित्सक-विशेषज्ञ चिकित्सक
तालबेहट-4-1
मड़ावरा-4-00
महरौनी-5-3
बार-2-00
बिरधा-2-00
जखौरा-3-00
कुल-24-4
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जनपद में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। स्थाई 37 चिकित्सक सीएचसी-पीएचसी पर ओपीडी व इमरजेंसी में सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा चार चिकित्सक मेडिकल कॉलेज में अटैच हैं। एनएचएम के तहत संविदा के 20 चिकित्सक भी तैनात हैं। - डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ
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