{"_id":"69b9c413495722e69908869b","slug":"order-to-pay-the-maturity-amount-of-the-policy-along-with-7-interest-lalitpur-news-c-131-1-ltp1005-153232-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: पॉलिसी की परिपक्वता राशि सात फीसदी ब्याज के साथ देने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: पॉलिसी की परिपक्वता राशि सात फीसदी ब्याज के साथ देने के आदेश
विज्ञापन
विज्ञापन
जुर्माने के रूप में दस हजार रुपये भी देने होंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की अदालत ने सहारा इंडिया परिवार को आदेश दिया है कि वह हिम्मत सिंह, निवासी मोहल्ला आजादपुरा, की तीन पॉलिसी की परिपक्वता धनराशि उनके लिए सात फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ अदा करे। साथ ही अदालत ने दस हजार रुपये जुर्माना भी सहारा इंडिया को देना सुनिश्चित किया है।
जानकारी के अनुसार, हिम्मत सिंह ने आयोग में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि सहारा इंडिया परिवार के सिविल लाइन स्थित सेक्टर कार्यालय के एजेंट ने उन्हें “सहारियन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सुपर बीबी स्कीम” के तहत निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया। एजेंट ने बताया कि पांच साल की अवधि में निवेश की राशि दोगुनी हो जाएगी। इसके आधार पर हिम्मत सिंह ने 30 दिसंबर 2017 को तीन सर्टिफिकेट के माध्यम से क्रमशः 4,050 रुपये, 10,000 रुपये और 21,350 रुपये जमा किए।
इन पॉलिसियों की परिपक्वता वर्ष 2022 में हो गई थी, लेकिन भुगतान के लिए बार-बार कंपनी द्वारा विलंब किया गया। शिकायतकर्ता लगातार सेक्टर प्रबंधक और कार्यालय के चक्कर काटते रहे, जिससे उन्हें दस हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च भी हुआ।
अदालत ने सहारा इंडिया परिवार को आदेश दिया कि वह निर्णय की तिथि से 45 दिन के भीतर तीनों सर्टिफिकेट की राशि पर परिपक्वता तिथि से लागू सात फीसदी साधारण वार्षिक ब्याज सहित भुगतान करे। इसके अतिरिक्त, पीड़ित को शारीरिक, मानसिक पीड़ा और अन्य व्यय के लिए दस हजार रुपये भी अदा किए जाएं। यह निर्णय जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष सीताराम वर्मा, सदस्य ओमप्रकाश विश्वकर्मा और रफिया खातून की संयुक्त पीठ ने दिया।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की अदालत ने सहारा इंडिया परिवार को आदेश दिया है कि वह हिम्मत सिंह, निवासी मोहल्ला आजादपुरा, की तीन पॉलिसी की परिपक्वता धनराशि उनके लिए सात फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ अदा करे। साथ ही अदालत ने दस हजार रुपये जुर्माना भी सहारा इंडिया को देना सुनिश्चित किया है।
जानकारी के अनुसार, हिम्मत सिंह ने आयोग में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि सहारा इंडिया परिवार के सिविल लाइन स्थित सेक्टर कार्यालय के एजेंट ने उन्हें “सहारियन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सुपर बीबी स्कीम” के तहत निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया। एजेंट ने बताया कि पांच साल की अवधि में निवेश की राशि दोगुनी हो जाएगी। इसके आधार पर हिम्मत सिंह ने 30 दिसंबर 2017 को तीन सर्टिफिकेट के माध्यम से क्रमशः 4,050 रुपये, 10,000 रुपये और 21,350 रुपये जमा किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
इन पॉलिसियों की परिपक्वता वर्ष 2022 में हो गई थी, लेकिन भुगतान के लिए बार-बार कंपनी द्वारा विलंब किया गया। शिकायतकर्ता लगातार सेक्टर प्रबंधक और कार्यालय के चक्कर काटते रहे, जिससे उन्हें दस हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च भी हुआ।
अदालत ने सहारा इंडिया परिवार को आदेश दिया कि वह निर्णय की तिथि से 45 दिन के भीतर तीनों सर्टिफिकेट की राशि पर परिपक्वता तिथि से लागू सात फीसदी साधारण वार्षिक ब्याज सहित भुगतान करे। इसके अतिरिक्त, पीड़ित को शारीरिक, मानसिक पीड़ा और अन्य व्यय के लिए दस हजार रुपये भी अदा किए जाएं। यह निर्णय जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष सीताराम वर्मा, सदस्य ओमप्रकाश विश्वकर्मा और रफिया खातून की संयुक्त पीठ ने दिया।