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Lalitpur News: यूपी-112 पर कॉल करने वाले की मिलेगी सटीक लोकेशन, जल्द पहुंचेगी पुलिस
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अपराध रोकने और घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मिलेगी मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। यूपी-112 की पीआरवी के रिस्पांस टाइम को और बेहतर बनाने की दिशा में काम हो रहा है। अब पीआरवी वाहनों में गूगल के जरिये एंड्रायड इमरजेंसी लोकेशन सर्विस तकनीक शुरू हो रहा है। इससे कॉल करने वाले की सटीक लोकेशन ऑटोमेटिक पुलिस को मिल जाएगी और वह मौके पर जल्दी पहुंचेगी।
पहले 112 पर फोन करने वाले की लोकेशन उसके आसपास के एक से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में मिलती थी। इसके चलते पीआरवी को वहां तक पहुंचने में समय लगता था लेकिन अब ईएलएस सिस्टम से लैस होने पर लोकेशन उसके आसपास 10 से 20 मीटर के दायरे में मिलेगी। इससे पीआरवी का रिस्पांस टाइम और बेहतर होगा। इसके साथ ही कॉल करने वाला भी पीआरवी को ट्रैक कर सकता है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए यूपी-112 महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कोई भी घटना होने पर आमलोग सीधा डायल-112 पर कॉल कर मदद मांगते हैं। कॉलर की सूचना पर यूपी-112 का पीआरवी वाहन भी तत्काल मौके पर पहुंचता है और पीड़ित की मदद करता है। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 36 पीआरवी वाहन संचालित हैं। इनके लिए विभाग की ओर से प्वाइंट व क्षेत्र आवंटित किए गए हैं। शहरी क्षेत्र में किसी कॉलर की सूचना पर यह पीआरवी वाहन 5-7 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 6-7 मिनट में मदद के लिए पहुंचते हैं।
पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि यूपी 112 के रिस्पांस टाइम को कम करने के लिए समय-समय पर पीआरवी कर्मियों को निर्देशित किया जाता है। इसे और बेहतर करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि कॉलर की सटीक लोकेशन मिल सके और उस तक जल्द मदद पहुंचे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। यूपी-112 की पीआरवी के रिस्पांस टाइम को और बेहतर बनाने की दिशा में काम हो रहा है। अब पीआरवी वाहनों में गूगल के जरिये एंड्रायड इमरजेंसी लोकेशन सर्विस तकनीक शुरू हो रहा है। इससे कॉल करने वाले की सटीक लोकेशन ऑटोमेटिक पुलिस को मिल जाएगी और वह मौके पर जल्दी पहुंचेगी।
पहले 112 पर फोन करने वाले की लोकेशन उसके आसपास के एक से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में मिलती थी। इसके चलते पीआरवी को वहां तक पहुंचने में समय लगता था लेकिन अब ईएलएस सिस्टम से लैस होने पर लोकेशन उसके आसपास 10 से 20 मीटर के दायरे में मिलेगी। इससे पीआरवी का रिस्पांस टाइम और बेहतर होगा। इसके साथ ही कॉल करने वाला भी पीआरवी को ट्रैक कर सकता है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
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कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए यूपी-112 महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कोई भी घटना होने पर आमलोग सीधा डायल-112 पर कॉल कर मदद मांगते हैं। कॉलर की सूचना पर यूपी-112 का पीआरवी वाहन भी तत्काल मौके पर पहुंचता है और पीड़ित की मदद करता है। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 36 पीआरवी वाहन संचालित हैं। इनके लिए विभाग की ओर से प्वाइंट व क्षेत्र आवंटित किए गए हैं। शहरी क्षेत्र में किसी कॉलर की सूचना पर यह पीआरवी वाहन 5-7 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 6-7 मिनट में मदद के लिए पहुंचते हैं।
पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि यूपी 112 के रिस्पांस टाइम को कम करने के लिए समय-समय पर पीआरवी कर्मियों को निर्देशित किया जाता है। इसे और बेहतर करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि कॉलर की सटीक लोकेशन मिल सके और उस तक जल्द मदद पहुंचे।
