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Lalitpur News: जिले में बढ़ रहे पथरी के मरीज, कम पानी पीने की आदत से भी हो रही समस्या
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चिकित्सक बोले - समय से इलाज व अधिक पानी पीने से जल्द मिल सकती है पथरी से राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले में पथरी के मरीज बढ़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन रोजाना 15 से अधिक मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, कम पानी पीने से यह समस्या आ रही है। खारा पानी पीने के कारण भी पथरी होने की आशंका अधिक बढ़ जाती हैं।
जिले में पथरी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 15 से अधिक मरीज पथरी की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि कम पानी पीने की आदत और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) इसके प्रमुख कारण बन रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों में पानी कम पीने की प्रवृत्ति और ज्यादा पसीना निकलने से शरीर में तरल पदार्थों की कमी हो जाती है, जिससे किडनी में पथरी बनने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरुकता की कमी के चलते लोग समय पर इलाज नहीं करा पाते, जिससे समस्या गंभीर हो जाती है।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. विशाल जैन ने बताया कि शुरुआती लक्षणों में पेट या कमर के निचले हिस्से में तेज दर्द, पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना और कभी-कभी खून आना शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है। समय रहते सावधानी बरतकर और पर्याप्त पानी पीकर पथरी जैसी समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
चिकित्सकों की सलाह
- दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीएं
- ज्यादा नमक और तला-भुना भोजन कम करें
- नियमित रूप से व्यायाम करें
- पेशाब रोककर न रखें, बाहर निकलते समय पानी साथ रखें
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले में पथरी के मरीज बढ़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन रोजाना 15 से अधिक मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, कम पानी पीने से यह समस्या आ रही है। खारा पानी पीने के कारण भी पथरी होने की आशंका अधिक बढ़ जाती हैं।
जिले में पथरी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 15 से अधिक मरीज पथरी की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि कम पानी पीने की आदत और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) इसके प्रमुख कारण बन रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों में पानी कम पीने की प्रवृत्ति और ज्यादा पसीना निकलने से शरीर में तरल पदार्थों की कमी हो जाती है, जिससे किडनी में पथरी बनने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरुकता की कमी के चलते लोग समय पर इलाज नहीं करा पाते, जिससे समस्या गंभीर हो जाती है।
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मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. विशाल जैन ने बताया कि शुरुआती लक्षणों में पेट या कमर के निचले हिस्से में तेज दर्द, पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना और कभी-कभी खून आना शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है। समय रहते सावधानी बरतकर और पर्याप्त पानी पीकर पथरी जैसी समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
चिकित्सकों की सलाह
- दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीएं
- ज्यादा नमक और तला-भुना भोजन कम करें
- नियमित रूप से व्यायाम करें
- पेशाब रोककर न रखें, बाहर निकलते समय पानी साथ रखें