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Lalitpur News: जाखलौन-धौर्रा सेक्शन पर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। झांसी–बीना के बीच तीसरी रेल लाइन परियोजना के तहत जाखलौन–धौर्रा रेलखंड पर कार्य पूर्ण होने के बाद सोमवार को रेल संरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना ने निरीक्षण किया। इस दौरान 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल किया गया और ट्रैक की गुणवत्ता परखी।
आगासौद से झांसी तक प्रस्तावित तीसरी रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत जाखलौन–झांसी और धौर्रा–आगासौद खंड पर कार्य पहले ही पूरा होकर ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका था। हालांकि जाखलौन–धौर्रा के बीच चांदपुर क्षेत्र में पुरातात्विक धरोहरों की मौजूदगी के कारण कार्य अटक गया था।
प्रारंभ में यहां से रेल लाइन निकालने की अनुमति नहीं मिलने पर रेलवे ने लगभग पांच किलोमीटर लंबा घुमावदार ट्रैक बनाने की योजना बनाई थी। बाद में रेलवे और पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक और संयुक्त निरीक्षण के बाद सीधी लाइन बिछाने की अनुमति मिल गई। रेलवे ने आधुनिक तकनीक के उपयोग का भरोसा दिलाया, जिसके बाद यह कार्य संभव हो सका।
महज छह महीने में 12.146 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन का निर्माण कर रेलवे ने रिकॉर्ड समय में यह कार्य पूरा किया। चांदपुर पुरातत्व स्थल के पास ट्रैक बिछाते समय कंपन को नियंत्रित करने के लिए जर्मनी से विशेष साउंड ऑब्जर्विंग (रबर) मटेरियल मंगाकर लगाया गया है। इसका उद्देश्य ट्रेनों के आवागमन से उत्पन्न कंपन का असर आसपास स्थित ऐतिहासिक मूर्तियों और धरोहरों पर न पड़े।
बिलमोरी (चांदपुर) स्थित प्राचीन बेलमणि जैन मंदिर सहित अन्य धरोहर स्थलों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैक निर्माण में आधुनिक पैडिंग तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे कंपन में कमी लाई जा सके। निरीक्षण के दौरान सीएसआईआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नसीम अख्तर भी मौजूद रहे और उन्होंने तकनीकी पहलुओं का अवलोकन किया।
संरचनाओं का बारीकी से हुआ निरीक्षण
इस मौके पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) राज कुमार वानखेड़े, मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। टीम ने जाखलौन स्टेशन परिसर, ओएफसी रूम, एएसएम रूम, रिले रूम, लेवल क्रॉसिंग गेट और ट्रैक की स्थिति का गहन निरीक्षण किया।
हेतमपुर से बीना तक तीसरी लाइन का मार्ग हुआ पूरा
इस खंड की सफल कमीशनिंग के साथ हेतमपुर से बीना तक तीसरी रेल लाइन का कार्य पूरा हो जाएगा। इस मार्ग पर नई लाइन के चालू होने से ट्रेनों की गति में सुधार, समयपालन में बढ़ोतरी और यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन के लिए अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम रेल सेवा उपलब्ध हो सकेगी।
- मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी
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ललितपुर। झांसी–बीना के बीच तीसरी रेल लाइन परियोजना के तहत जाखलौन–धौर्रा रेलखंड पर कार्य पूर्ण होने के बाद सोमवार को रेल संरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना ने निरीक्षण किया। इस दौरान 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल किया गया और ट्रैक की गुणवत्ता परखी।
आगासौद से झांसी तक प्रस्तावित तीसरी रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत जाखलौन–झांसी और धौर्रा–आगासौद खंड पर कार्य पहले ही पूरा होकर ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका था। हालांकि जाखलौन–धौर्रा के बीच चांदपुर क्षेत्र में पुरातात्विक धरोहरों की मौजूदगी के कारण कार्य अटक गया था।
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प्रारंभ में यहां से रेल लाइन निकालने की अनुमति नहीं मिलने पर रेलवे ने लगभग पांच किलोमीटर लंबा घुमावदार ट्रैक बनाने की योजना बनाई थी। बाद में रेलवे और पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक और संयुक्त निरीक्षण के बाद सीधी लाइन बिछाने की अनुमति मिल गई। रेलवे ने आधुनिक तकनीक के उपयोग का भरोसा दिलाया, जिसके बाद यह कार्य संभव हो सका।
महज छह महीने में 12.146 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन का निर्माण कर रेलवे ने रिकॉर्ड समय में यह कार्य पूरा किया। चांदपुर पुरातत्व स्थल के पास ट्रैक बिछाते समय कंपन को नियंत्रित करने के लिए जर्मनी से विशेष साउंड ऑब्जर्विंग (रबर) मटेरियल मंगाकर लगाया गया है। इसका उद्देश्य ट्रेनों के आवागमन से उत्पन्न कंपन का असर आसपास स्थित ऐतिहासिक मूर्तियों और धरोहरों पर न पड़े।
बिलमोरी (चांदपुर) स्थित प्राचीन बेलमणि जैन मंदिर सहित अन्य धरोहर स्थलों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैक निर्माण में आधुनिक पैडिंग तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे कंपन में कमी लाई जा सके। निरीक्षण के दौरान सीएसआईआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नसीम अख्तर भी मौजूद रहे और उन्होंने तकनीकी पहलुओं का अवलोकन किया।
संरचनाओं का बारीकी से हुआ निरीक्षण
इस मौके पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) राज कुमार वानखेड़े, मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। टीम ने जाखलौन स्टेशन परिसर, ओएफसी रूम, एएसएम रूम, रिले रूम, लेवल क्रॉसिंग गेट और ट्रैक की स्थिति का गहन निरीक्षण किया।
हेतमपुर से बीना तक तीसरी लाइन का मार्ग हुआ पूरा
इस खंड की सफल कमीशनिंग के साथ हेतमपुर से बीना तक तीसरी रेल लाइन का कार्य पूरा हो जाएगा। इस मार्ग पर नई लाइन के चालू होने से ट्रेनों की गति में सुधार, समयपालन में बढ़ोतरी और यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन के लिए अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम रेल सेवा उपलब्ध हो सकेगी।
- मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी