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Lalitpur News: साइट ठप होने से गेहूं खरीद प्रभावित, ऑनलाइन एंट्री न होने से प्रक्रिया ठप
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले में गेहूं खरीद के दौरान शनिवार दोपहर तकनीकी खामी के चलते विभागीय साइट बंद हो गई, जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित रही। साइट ठप होने के कारण न तो किसानों को ओटीपी मिल सकी और न ही पॉश मशीनों पर अंगूठा लग पाया।
जिले में गेहूं की सरकारी खरीद पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत की जा रही है। किसानों का पंजीकरण, सत्यापन और खरीद का पूरा ब्यौरा पॉश मशीनों के जरिए दर्ज किया जाता है। इसके लिए किसानों का अंगूठा लगना और ओटीपी मिलना जरूरी होता है।
शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे से साइट बंद होने के कारण खरीदे गए गेहूं की ऑनलाइन एंट्री नहीं हो सकी। इससे क्रय केंद्रों पर खरीद की प्रक्रिया बाधित हो गई। हालांकि केंद्रों पर पहुंचे किसानों के गेहूं की तौल कर ली गई, लेकिन उसे ऑनलाइन दर्ज नहीं किया जा सका। नियम के अनुसार जब तक खरीद का विवरण ऑनलाइन दर्ज नहीं होता, तब तक उसे वैध नहीं माना जाता। ऐसे में केंद्र प्रभारियों को साइट शुरू होने का इंतजार करना पड़ा।
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फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता से बढ़ी परेशानी
क्रय केंद्रों पर फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य किए जाने से भी किसानों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। आधार कार्ड से पंजीकरण न होने के कारण कई किसानों को वापस लौटना पड़ा, जिसका असर खरीद पर भी पड़ रहा है।
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कनीकी कारणों से साइट बंद हाे गई थी। रविवार को साइट चलने लगी है और ओटीपी भी मिलने लगी है।
-चामुंडा प्रसाद पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
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ललितपुर। जिले में गेहूं खरीद के दौरान शनिवार दोपहर तकनीकी खामी के चलते विभागीय साइट बंद हो गई, जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित रही। साइट ठप होने के कारण न तो किसानों को ओटीपी मिल सकी और न ही पॉश मशीनों पर अंगूठा लग पाया।
जिले में गेहूं की सरकारी खरीद पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत की जा रही है। किसानों का पंजीकरण, सत्यापन और खरीद का पूरा ब्यौरा पॉश मशीनों के जरिए दर्ज किया जाता है। इसके लिए किसानों का अंगूठा लगना और ओटीपी मिलना जरूरी होता है।
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शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे से साइट बंद होने के कारण खरीदे गए गेहूं की ऑनलाइन एंट्री नहीं हो सकी। इससे क्रय केंद्रों पर खरीद की प्रक्रिया बाधित हो गई। हालांकि केंद्रों पर पहुंचे किसानों के गेहूं की तौल कर ली गई, लेकिन उसे ऑनलाइन दर्ज नहीं किया जा सका। नियम के अनुसार जब तक खरीद का विवरण ऑनलाइन दर्ज नहीं होता, तब तक उसे वैध नहीं माना जाता। ऐसे में केंद्र प्रभारियों को साइट शुरू होने का इंतजार करना पड़ा।
फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता से बढ़ी परेशानी
क्रय केंद्रों पर फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य किए जाने से भी किसानों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। आधार कार्ड से पंजीकरण न होने के कारण कई किसानों को वापस लौटना पड़ा, जिसका असर खरीद पर भी पड़ रहा है।
कनीकी कारणों से साइट बंद हाे गई थी। रविवार को साइट चलने लगी है और ओटीपी भी मिलने लगी है।
-चामुंडा प्रसाद पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।