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Maharajganj News: जंगल में फौज की पाठशाला के प्रशिक्षण से 37 युवाओं ने पूरा किया सपना

Sat, 15 Aug 2026 01:55 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 15 Aug 2026 01:55 AM IST
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37 youths realized their dream through training at an army preparatory school in the forest.
जंगल में प्र​शिक्षण लेते प्र​शिक्षु युवा।
2020 में वन शक्ति देवी बाबा ग्राउंड नाम से ट्रेनिंग खोला गया था सेंटर
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रोजाना 60 से 70 की युवक-युवतियां लेते हैं निशुल्क ट्रेनिंग
महाराजगंज। इनदिनों बेरोजगारी का मुद्दा देश में छाया हुआ है। ऐसे में एक शख्स ने जंगल में युवाओं के लिए एक ऐसा ट्रेनिंग सेंटर खोल दिया है जहां वह सेना से लेकर पुलिस विभाग में भर्ती के लिए निशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। महज छह साल में ही यहां से निकले करीब 37 युवा सेना, सीआईएसएफ से लेकर पुलिस विभाग में चयनित हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से करीब 12 किमी की दूरी पर दक्षिणी चौंक रेंज (जंगल) में साल 2020 में वन शक्ति देवी बाबा ग्राउंड नाम से ट्रेनिंग सेंटर खोला गया था। इसे चौक नगर पंचायत वार्ड नंबर एक के ओबरी निवासी हरिराम बाबा उर्फ ट्रेनर बाबा (55) संचालित करते हैं। यहां पर रोजाना 60 से 70 की संख्या में युवक-युवतियां निशुल्क ट्रेनिंग लेते हैं।
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युवा रोजाना दौड़, पुशअप समेत अन्य प्रकार के एक्सरसाइज करते दिखते हैं। ट्रेनर बाबा के अनुसार करीब छह सालों में यहां पर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके 37 युवक-युवतियों का सेना, यूपी पुलिस, रेलवे, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, भारतीय वायु सेना, एसएसबी, भारतीय जल सेना में चयन हो चुका है। वर्तमान में करीब 60 से 70 युवक-युवतियां रोजाना उनके पास प्रशिक्षण लेने पहुंचते हैं। खास बात यह है कि इनमें कई बच्चे आसपास के गांवों से 10 किलोमीटर तक की दूरी तय कर जंगल स्थित इस ट्रेनिंग ग्राउंड तक पहुंचते हैं।
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गाजीपुर की मैराथन में पांचवां स्थान, यहीं से मिली नई राह
हरिराम बाबा बताते हैं कि वर्ष 2020 में वह मैराथन दौड़ में हिस्सा लेने गाजीपुर गए थे। दौड़ में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांचवां स्थान हासिल किया। इसी दौड़ ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। इस दौरान उन्होंने देखा कि गांव-कस्बों के सामान्य परिवारों के युवा भी मेहनत और अनुशासन के दम पर सेना और सुरक्षा बलों में जगह बना रहे हैं। उनके मन में सवाल उठा कि जब दूसरे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे आगे बढ़ सकते हैं तो महराजगंज के गांवों के युवाओं को भी सही प्रशिक्षण देकर आगे क्यों नहीं बढ़ाया जा सकता है। बस यहीं से शुरू हुआ युवाओं को तैयार करने का सफर।

जंगल बना मैदान, पगडंडी बनी दौड़ की ट्रैक
वनशक्ति माता मंदिर के पास स्थित यह जगह अब क्षेत्र में वनशक्ति देवी बाबा ग्राउंड के नाम से पहचान बना चुकी है। यहां सुबह करीब छह बजे से प्रशिक्षण शुरू होता है। करीब दो घंटे तक युवाओं को दौड़, पुशअप, शारीरिक व्यायाम और सेना-पुलिस भर्ती के फिजिकल टेस्ट के अनुरूप अभ्यास कराया जाता है। हरिराम बाबा खुद युवाओं के साथ दौड़ते हैं। कई बार वह 10 से 12 किलोमीटर तक बच्चों के साथ दौड़ लगाते हैं। 55 साल की उम्र में युवाओं को पीछे छोड़ने की कोशिश करते हुए उनकी यह मेहनत प्रशिक्षण लेने वालों के लिए प्रेरणा है।

पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए भी समय का रखते हैं ध्यान
ट्रेनर बाबा की खासियत सिर्फ कठिन ट्रेनिंग कराना नहीं बल्कि बच्चों की परिस्थितियों को समझना भी है। पढ़ाई करने वाले बच्चों को उनके समय के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है। भर्ती की फिजिकल परीक्षा जैसे-जैसे नजदीक आती है, प्रशिक्षण का समय बढ़ाकर सुबह और शाम दोनों वक्त अभ्यास कराया जाता है। वह युवाओं को सिर्फ दौड़ना नहीं सिखाते बल्कि भर्ती की तैयारी में जरूरी अनुशासन, नियमित अभ्यास और मानसिक मजबूती पर भी जोर देते हैं। उनका दावा है कि मेहनत और उनके बताए तरीके से लगातार अभ्यास करने वाला युवा फिजिकल में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। ट्रेनर बाबा बताते हैं कि उनके यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाला जब कोई युवा सेना या पुलिस की वर्दी पहनता है और चयन होने के बाद उनके पास पहुंचकर आशीर्वाद लेता है तो उन्हें उनकी मेहनत सार्थक होती दिखती है।
वर्जन

मेरा उद्देश्य प्रशिक्षण के नाम पर पैसा कमाना नहीं, बल्कि गांव के बच्चों को सही दिशा देना है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी यदि प्रतिभावान हैं तो सिर्फ पैसे के अभाव में उनके सपने मरने नहीं चाहिए। जब किसी युवा को नौकरी मिलती है तो लगता है कि मेरी मेहनत सफल हो गई।
-हरिराम उर्फ ट्रेनर बाबा
साल 2025 से बाबा हरेराम के पास रहकर भर्ती की तैयारी के लिए नियमित ट्रेनिंग ले रहा हूं। मेरा सपना वर्दी पहनकर देश और समाज की सेवा करना है। लक्ष्य हासिल होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
- अमरनाथ यादव, प्रशिक्षु निवासी सोनवल
साल 2023 से लगातार प्रशिक्षण लेकर पुलिस या सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना है। इसके लिए रोजाना मैदान पर पसीना बहाते हुए कठिन अभ्यास कर रहा हूं। सफलता मिलने तक प्रयास करता रहूंगा।

- अरविंद राव, प्रशिक्षु निवासी ओबरी गांव

मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के दम पर साल 2025 में सीआईएसएफ में मेरा चयन हुआ। इसमें ट्रेनर बाबा की कठिन ट्रेनिंग का योगदान भी शामिल है। उनसे बहुत कुछ सीखा है।

- सचिन कुमार, सीआईएसएफ जवान, निवासी गौनरिया राजा

हरेराम बाबा के ट्रेनिंग सेंटर पर साल 2024 से 2025 तक कड़ी मेहनत की और सीआरपीएफ में जवान के रूप में चयनित हुआ। मेरे अलावा और कई युवाओं को उन्होंने मार्गदर्शन देकर सफल बनाया है।
- सलाउद्दीन अली, सीआरपीएफ जवान, निवासी धरमौली गांव
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