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Maharajganj News: नेपाल से लौटने पर वाहन एग्जिट नहीं कराने पर लग रहा जुर्माना
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भारतीय युवाओं ने भंसार कार्यालय में जाकर शिकायत दर्ज कराई
एग्जिट नहीं कराने पर पोर्टल वाहन को नेपाल में ही मानकर समय सीमा के बाद लगा दे रहा जुर्माना
सोनौली। सोनौली बॉर्डर से नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए नेपाल सरकार ने भंसार (कस्टम) और रोड परमिट की ऑनलाइन व्यवस्था लागू की है। हालांकि पर्याप्त जानकारी के अभाव में कई भारतीय पर्यटकों को अतिरिक्त शुल्क और भारी जुर्माना भरना पड़ रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, नेपाल से लौटते समय भंसार कार्यालय में वाहन का एग्जिट (निकासी) दर्ज कराना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर पोर्टल वाहन को नेपाल में ही मानकर प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना जोड़ देता है।
मंगलवार दोपहर सोनौली कस्बे के निवासी मोहित जायसवाल, ऋषभ गुप्ता और हरिश्चंद्र ने बेलहिया स्थित भंसार कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। युवकों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व वे बुटवल, पोखरा और लुंबिनी की यात्रा पर गए थे। यात्रा के दौरान उन्होंने एक दिन का भंसार और रोड परमिट बनवाया था। ऑनलाइन शुल्क जमा कराने के नाम पर उनसे अतिरिक्त 200 रुपये भी लिए गए थे। उसी दिन वे भारत लौट आए थे।
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मंगलवार को बाइक से बुटवल जाने के लिए जब वे भंसार कार्यालय पहुंचे तो पोर्टल पर जुर्माना दिखाया गया। ऋषभ गुप्ता को 1200 रुपये, हरिश्चंद्र को 1265 रुपये जुर्माना जमा करना पड़ा। मोहित जायसवाल ने बताया कि बीते 11 तारीख दिन बृहस्पतिवार को नेपाल गए थे और उसी दिन वापस आ गए। इसके लिए 200 रुपये भंसार शुल्क जमा किया था। मंगलवार को फिर जाने के दौरान पांच दिन का 6000 जुर्माना भी जमा करना पड़ा। युवकों का कहना है कि उन्हें पहले यह जानकारी नहीं थी कि वापसी के समय वाहन का एग्जिट दर्ज कराना जरूरी है।
शिकायत पर भंसार कर्मियों ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल पर जुर्माना प्रदर्शित हो रहा है, जिसे जमा करने के बाद ही वाहन को नेपाल प्रवेश की अनुमति मिल सकती है। युवकों ने यह भी आरोप लगाया कि ऑनलाइन व्यवस्था होने के बावजूद भारतीय बैंक खातों से शुल्क जमा करने में परेशानी आ रही है, जिसके चलते फॉर्म भरने वाले एजेंटों को अतिरिक्त 200 रुपये तक देने पड़ रहे हैं।
इस संबंध में भंसार प्रमुख हरिहर पौडेल ने बताया कि नेपाल से लौटते समय भंसार बैरियर पर वाहन का एग्जिट कराना अनिवार्य है। यदि वाहन का एग्जिट नहीं कराया जाता है, तो पोर्टल स्वतः उसे नेपाल में मौजूद मानते हुए प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना शुल्क जोड़ देता है। उन्होंने नेपाल जाने वाले सभी भारतीय पर्यटकों से नियमों की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है।
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एग्जिट नहीं कराने पर पोर्टल वाहन को नेपाल में ही मानकर समय सीमा के बाद लगा दे रहा जुर्माना
सोनौली। सोनौली बॉर्डर से नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए नेपाल सरकार ने भंसार (कस्टम) और रोड परमिट की ऑनलाइन व्यवस्था लागू की है। हालांकि पर्याप्त जानकारी के अभाव में कई भारतीय पर्यटकों को अतिरिक्त शुल्क और भारी जुर्माना भरना पड़ रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, नेपाल से लौटते समय भंसार कार्यालय में वाहन का एग्जिट (निकासी) दर्ज कराना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर पोर्टल वाहन को नेपाल में ही मानकर प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना जोड़ देता है।
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मंगलवार दोपहर सोनौली कस्बे के निवासी मोहित जायसवाल, ऋषभ गुप्ता और हरिश्चंद्र ने बेलहिया स्थित भंसार कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। युवकों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व वे बुटवल, पोखरा और लुंबिनी की यात्रा पर गए थे। यात्रा के दौरान उन्होंने एक दिन का भंसार और रोड परमिट बनवाया था। ऑनलाइन शुल्क जमा कराने के नाम पर उनसे अतिरिक्त 200 रुपये भी लिए गए थे। उसी दिन वे भारत लौट आए थे।
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मंगलवार को बाइक से बुटवल जाने के लिए जब वे भंसार कार्यालय पहुंचे तो पोर्टल पर जुर्माना दिखाया गया। ऋषभ गुप्ता को 1200 रुपये, हरिश्चंद्र को 1265 रुपये जुर्माना जमा करना पड़ा। मोहित जायसवाल ने बताया कि बीते 11 तारीख दिन बृहस्पतिवार को नेपाल गए थे और उसी दिन वापस आ गए। इसके लिए 200 रुपये भंसार शुल्क जमा किया था। मंगलवार को फिर जाने के दौरान पांच दिन का 6000 जुर्माना भी जमा करना पड़ा। युवकों का कहना है कि उन्हें पहले यह जानकारी नहीं थी कि वापसी के समय वाहन का एग्जिट दर्ज कराना जरूरी है।
शिकायत पर भंसार कर्मियों ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल पर जुर्माना प्रदर्शित हो रहा है, जिसे जमा करने के बाद ही वाहन को नेपाल प्रवेश की अनुमति मिल सकती है। युवकों ने यह भी आरोप लगाया कि ऑनलाइन व्यवस्था होने के बावजूद भारतीय बैंक खातों से शुल्क जमा करने में परेशानी आ रही है, जिसके चलते फॉर्म भरने वाले एजेंटों को अतिरिक्त 200 रुपये तक देने पड़ रहे हैं।
इस संबंध में भंसार प्रमुख हरिहर पौडेल ने बताया कि नेपाल से लौटते समय भंसार बैरियर पर वाहन का एग्जिट कराना अनिवार्य है। यदि वाहन का एग्जिट नहीं कराया जाता है, तो पोर्टल स्वतः उसे नेपाल में मौजूद मानते हुए प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना शुल्क जोड़ देता है। उन्होंने नेपाल जाने वाले सभी भारतीय पर्यटकों से नियमों की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है।