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Maharajganj News: अवैध तमंचा व कारतूस बरामदगी मामले में अभियुक्त दोषी
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2005 में अभियुक्त के पास से एक अदद अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस हुए थे बरामद
न्यायालय उठने तक की सजा व जुर्माना
महराजगंज। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, महराजगंज की अदालत ने अवैध हथियार बरामदगी के एक मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्त को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त राधेश्याम प्रजापति निवासी नेता सुरहुरवा, थाना कोतवाली को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाते हुए 1,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला वर्ष 2005 का है। उस समय अभियुक्त के पास से एक अदद अवैध तमंचा तथा दो अदद जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। इस संबंध में थाना कोतवाली में अभियुक्त के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के तहत विवेचक दरोगा ने साक्ष्य संकलन के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बरामदगी से जुड़े साक्ष्य एवं गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। न्यायालय ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और प्रस्तुत दलीलों का अवलोकन करते हुए अभियुक्त को अवैध हथियार रखने का दोषी पाया। इसके उपरांत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपना निर्णय सुनाते हुए अभियुक्त को न्यायालय उठने तक की सजा व आर्थिक दंड से दंडित किया।
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न्यायालय उठने तक की सजा व जुर्माना
महराजगंज। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, महराजगंज की अदालत ने अवैध हथियार बरामदगी के एक मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्त को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त राधेश्याम प्रजापति निवासी नेता सुरहुरवा, थाना कोतवाली को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाते हुए 1,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला वर्ष 2005 का है। उस समय अभियुक्त के पास से एक अदद अवैध तमंचा तथा दो अदद जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। इस संबंध में थाना कोतवाली में अभियुक्त के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के तहत विवेचक दरोगा ने साक्ष्य संकलन के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बरामदगी से जुड़े साक्ष्य एवं गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। न्यायालय ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और प्रस्तुत दलीलों का अवलोकन करते हुए अभियुक्त को अवैध हथियार रखने का दोषी पाया। इसके उपरांत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपना निर्णय सुनाते हुए अभियुक्त को न्यायालय उठने तक की सजा व आर्थिक दंड से दंडित किया।
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