{"_id":"6a84c1fa77bd029fa10dfe82","slug":"language-and-mathematical-concepts-will-be-explained-through-activities-maharajganj-news-c-206-1-go11002-183486-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: गतिविधि से समझाएंगे भाषा और गणित की अवधारणाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: गतिविधि से समझाएंगे भाषा और गणित की अवधारणाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। परिषदीय विद्यालयों में अब पढ़ाई सिर्फ किताब-कॉपी तक नहीं सिमटी रहेगी। एक सितंबर से विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों के जरिये भाषा और गणित की बुनियादी अवधारणाएं समझाई जाएंगी। इससे विद्यार्थियों की समझ तो विकसित होगी ही साथ ही कक्षा में उनकी सक्रिय भागीदारी और पढ़ाई के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।
जिले में 1500 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब दो लाख विद्यार्थी मौजूदा सत्र में नामांकित हैं। बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर दिया जा रहा है। खासकर भाषा और गणित में बच्चों की नींव मजबूत करने के लिए शिक्षकों को उनकी सीखने की क्षमता के अनुसार गतिविधि संचालन पर जोर दिया जाएगा।
विद्यार्थियों की क्षमता विकास पर जोर : डायट प्रवक्ता डॉ. सूरज कुमार मिश्रा व सुनील कुमार भारती ने बताया कि विद्यार्थियों के गणित की पढ़ाई में गिनती, जोड़-घटाव, गुणा-भाग, खेल, पहेली और अभ्यास के जरिए समझाया जाएगा। इसी तरह शब्द पहचानने, पढ़ने, लिखने और बोलने की क्षमता विकसित करने के लिए अलग-अलग गतिविधियां कराई जाएंगी। इसका प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में 1500 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब दो लाख विद्यार्थी मौजूदा सत्र में नामांकित हैं। बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर दिया जा रहा है। खासकर भाषा और गणित में बच्चों की नींव मजबूत करने के लिए शिक्षकों को उनकी सीखने की क्षमता के अनुसार गतिविधि संचालन पर जोर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विद्यार्थियों की क्षमता विकास पर जोर : डायट प्रवक्ता डॉ. सूरज कुमार मिश्रा व सुनील कुमार भारती ने बताया कि विद्यार्थियों के गणित की पढ़ाई में गिनती, जोड़-घटाव, गुणा-भाग, खेल, पहेली और अभ्यास के जरिए समझाया जाएगा। इसी तरह शब्द पहचानने, पढ़ने, लिखने और बोलने की क्षमता विकसित करने के लिए अलग-अलग गतिविधियां कराई जाएंगी। इसका प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।
विज्ञापन