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Maharajganj News: उद्योग एवं व्यापार बंधु की बैठक में अनुपस्थित दो बैंकों के समन्वयकों को नोटिस जारी
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लंबित आवेदनों पर डीएम ने नाराजगी जताई, लंबित आवेदनों का निस्तारण कर ऋण वितरण कराने के निर्देश
जिला समन्वयकों को कारण बताओ नोटिस जारी
महराजगंज। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में उद्योग एवं व्यापार बंधु की बैठक हुई। विभिन्न बैंक शाखाओं में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लंबित आवेदनों पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में इंडियन बैंक और यूनियन बैंक के जिला समन्वयकों की बिना सूचना अनुपस्थिति पर भी डीएम ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए। स्वीकृत आवेदनों में तत्काल ऋण वितरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री युवा सहित स्वरोजगारपरक ऋण योजनाओं के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें। बिना ठोस कारण के किसी भी आवेदन को निरस्त न किया जाए। उन्होंने उपायुक्त उद्योग को बैंकवार लंबित आवेदनों की सूची तैयार कर संबंधित शाखाओं से समन्वय स्थापित करते हुए उनका निस्तारण कराने का निर्देश दिया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और ओडीओपी समेत विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
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उपायुक्त उद्योग नीरज सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1800 का लक्ष्य निर्धारित है। इसके सापेक्ष विभिन्न बैंकों को 1106 आवेदन भेजे गए हैं। इनमें 377 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं और 369 मामलों में ऋण वितरित हो चुका है। वहीं 296 आवेदन स्वीकृति के लिए और 37 आवेदन ऋण वितरण के लिए लंबित हैं। डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा योजना शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उपायुक्त उद्योग को प्रतिदिन की प्रगति से अवगत कराने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 128 के भौतिक लक्ष्य के सापेक्ष 119 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं। इनमें 34 आवेदन स्वीकृत हुए और 25 मामलों में ऋण वितरण किया जा चुका है। वहीं ओडीओपी योजना में 26 के लक्ष्य के सापेक्ष 28 आवेदन बैंकों को भेजे गए। इनमें 10 आवेदन स्वीकृत हुए और 12 मामलों में ऋण वितरित किया गया। डीएम ने कहा कि ओडीओपी योजना जनपद की पहचान से जुड़ी है। बैंकों को इसमें रुचि लेकर काष्ठ उत्पाद से जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने में सहयोग करना चाहिए।
व्यापार बंधु की बैठक में जिलाधिकारी ने जीएसटी पंजीयन बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने व्यापारियों से अधिक से अधिक लोगों को जीएसटी पंजीयन के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया। बताया कि पंजीयन कराने पर मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना योजना के तहत 10 लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है।
जिलाधिकारी ने सहायक आयुक्त उद्योग और उपायुक्त राज्यकर को उद्यमियों एवं व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।
बैठक में उपायुक्त राज्यकर हरिशंकर प्रसाद, एलडीएम बीएन मिश्रा, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, सहायक आयुक्त राकेश जायसवाल तथा व्यापारी फूल चंद अग्रवाल, सुरेश रूगंटा, पशुपतिनाथ गुप्ता सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
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जिला समन्वयकों को कारण बताओ नोटिस जारी
महराजगंज। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में उद्योग एवं व्यापार बंधु की बैठक हुई। विभिन्न बैंक शाखाओं में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लंबित आवेदनों पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में इंडियन बैंक और यूनियन बैंक के जिला समन्वयकों की बिना सूचना अनुपस्थिति पर भी डीएम ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए। स्वीकृत आवेदनों में तत्काल ऋण वितरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री युवा सहित स्वरोजगारपरक ऋण योजनाओं के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें। बिना ठोस कारण के किसी भी आवेदन को निरस्त न किया जाए। उन्होंने उपायुक्त उद्योग को बैंकवार लंबित आवेदनों की सूची तैयार कर संबंधित शाखाओं से समन्वय स्थापित करते हुए उनका निस्तारण कराने का निर्देश दिया।
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बैठक में पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और ओडीओपी समेत विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
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उपायुक्त उद्योग नीरज सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1800 का लक्ष्य निर्धारित है। इसके सापेक्ष विभिन्न बैंकों को 1106 आवेदन भेजे गए हैं। इनमें 377 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं और 369 मामलों में ऋण वितरित हो चुका है। वहीं 296 आवेदन स्वीकृति के लिए और 37 आवेदन ऋण वितरण के लिए लंबित हैं। डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा योजना शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उपायुक्त उद्योग को प्रतिदिन की प्रगति से अवगत कराने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 128 के भौतिक लक्ष्य के सापेक्ष 119 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं। इनमें 34 आवेदन स्वीकृत हुए और 25 मामलों में ऋण वितरण किया जा चुका है। वहीं ओडीओपी योजना में 26 के लक्ष्य के सापेक्ष 28 आवेदन बैंकों को भेजे गए। इनमें 10 आवेदन स्वीकृत हुए और 12 मामलों में ऋण वितरित किया गया। डीएम ने कहा कि ओडीओपी योजना जनपद की पहचान से जुड़ी है। बैंकों को इसमें रुचि लेकर काष्ठ उत्पाद से जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने में सहयोग करना चाहिए।
व्यापार बंधु की बैठक में जिलाधिकारी ने जीएसटी पंजीयन बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने व्यापारियों से अधिक से अधिक लोगों को जीएसटी पंजीयन के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया। बताया कि पंजीयन कराने पर मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना योजना के तहत 10 लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है।
जिलाधिकारी ने सहायक आयुक्त उद्योग और उपायुक्त राज्यकर को उद्यमियों एवं व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।
बैठक में उपायुक्त राज्यकर हरिशंकर प्रसाद, एलडीएम बीएन मिश्रा, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, सहायक आयुक्त राकेश जायसवाल तथा व्यापारी फूल चंद अग्रवाल, सुरेश रूगंटा, पशुपतिनाथ गुप्ता सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।