Maharajganj Ground Report: महराजगंज में विकास की जमीनी हकीकत, सड़क-बिजली-शिक्षा को लेकर लोगों के मन में क्या?
Maharajganj Ground Report: सरकार के विकास के दावों की नब्ज टटोलने के लिए अमर उजाला की टीम उत्तर प्रदेश के महराजगंज पहुंची। जहां लोगों से बातचीत कर चुनाव से पहले जमीनी हकीकत परखी गई। टीम ने यहां के किसानों, छात्रों और स्थानीय लोगों से बातचीत की। देखें ये खास रिपोर्ट...
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उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल अभी आधिकारिक रूप से शुरू भी नहीं हुआ, लेकिन अप्रैल की शुरुआत के साथ ही सियासत गरमाने लगी है। जमीनी मुद्दे-रोजगार, बढ़ती महंगाई और बुनियादी सुविधाओं की कमी-अब फिर से चर्चा के केंद्र में हैं।
इन्हीं सवालों की पड़ताल के लिए अमर उजाला की टीम पहुंची महराजगंज। यहां न तो मंच थे, न भाषण-बस आम लोग थे और उनके मन की बातें। किसी ने विकास की रफ्तार पर संतोष जताया, तो किसी ने अब भी अधूरी जरूरतों की ओर इशारा किया। गांव की गलियों से लेकर कस्बों के चौक तक, लोगों के मन में उम्मीद भी थी और सवाल भी। चुनाव से पहले जनता अपने मुद्दों को लेकर सजग है और यही तय करेगा आगे की सियासत का रुख।
बीते वर्षों में कितना आया परिवर्तन?
इस सवाल का जवाब ढूंढते हुए हमारी टीम महाराजगंज में एक शख्स विनय श्रीवास्तव से मिली। विनय ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर जिले कि विकास में नया अध्याय लिखा है। विनय ने शहर में 16 जून 1999 में अर्बन को ऑपरेटिव बैंक की शुरुआत की। इससे 2009 में इंजीनियरिंग कॉलेज आईटीएम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट की शुरुआत की। इसमें नर्सिंग कॉलेज, आयुर्वेदा कॉलेज से लेकर फार्मेसी कॉलेज तक की शुरुआत की। इसके बाद 2017 से केएमसी मेडिकल कॉलेज जो कि 1000 बेड का है इसकी शुरुआत की। इसके बाद 2024 में यूपी सरकार और नेशनल मेडिकल काउंसिल से 200 सीट का एमबीबीएस कॉलेज की परमिशन मिली।
विनय ने बताया कि बीते 10 साल में यूपी में जो काम हुआ है वो काफी सराहनीय है। चाहें आप कानून व्यवस्था की बात कर लें या फिर बिजली आपूर्ति की बात करें। आज शहर में 24 घंटे बिजली मुहैया है। इसके अलावा पहले इसी शहर में लोग नेताओं के जन्मदिन के नाम पर चंदा वसूला किया करते थे, लेकिन आज किसी में इतनी हिम्मत नहीं है जो यह कह सके कि आज मुख्यमंत्री जी का जन्मदिन है या फलाने का जन्म दिन है। आज हम सड़कों की बाते करें तो 10 साल पहले सड़क पर चलते चलते मेरी कमर पकड़ लेती थी लेकिन आज इसमें काफी काम हुआ है। आज मैं अपना लंच भी गाड़ी में ही कर लिया करता हूं।
रामग्राम परियोजना को मिला विस्तार, बौद्ध पर्यटन स्थल के रूप में विकास
मान्यता है कि रामग्राम जो स्थान है वो महात्मा बुद्ध से जुड़ा है। यहां एएसआई सर्वे हो चुका है और इसका बौद्ध पर्यटन स्थल के तौर पर विकास किया जा रहा है। राज्य सरकार ने भी आठ करोड़ रुपये का अनुदान भी दिया है ताकि इसका विकास तेजी से हो सके। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां आने के लिए कभी केवल एक पगडंडी हुआ करती थी और आस पास झाड़ियां थीं। हमने अपने साथियों के साथ मिलकर इसकी साफ सफाई की और जब लोग यहां धीरे-धीरे आने लगे तो पता चला कि यहां महात्मा बुद्ध से जुड़ा स्थान है। एएसाई की टीम ने यहां खुदाई की तो उन्हें यहां काफी अवशेष मिले। यहां पर्यटन के बढ़ने से स्थानीय लोगों को काफी फायदा हो रहा है। पुरातात्कविक खोजों के बाद से इस स्थल की मान्यता बढ़ी है।
रोहिन नदी पर बना बैराज, किसानों को सिंचाई में मिला बड़ा फायदा
नौतनवा के रतनपुर में बने आधुनिक रोहिन बैराज ने आस पास के ग्रामीणों के जीवन में बड़ा विकास किया है। 5 अप्रैल 2025 को सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया इसका लोकार्पण किया था। करीब 148-150 करोड़ रुपये की लागत से इस बैराज का निर्माण हुआ है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से करीब 65 गांवों में पानी पहुंचना शुरु हुआ है। इसके कारण किसानों को पानी की बेहतर उपलब्धता है। स्थानीय किसान ने बताया कि जब बैराज नहीं था तो सरकार का चूना लग रहा था। हर साल बांध बनवाओ और हार साल कटवाओ। इससे सरकार को भी लाखों रुपये का नुकसान हो रहा था। बैराज में लाइटिंग की भी व्यवस्था है तो लोगों के बीच यह पर्यटक स्थल भी बना हुआ है।
नौनियां में आई 'शिक्षा क्रांति', सरकार की सौगात से बदल गई तस्वीर!
नौनियां में 2019 में राजकीय इंटर कॉलेज का तोहफा मिलने के बाद से यहां शिक्षा क्रांति आई गई है। यह गांव का पहला राजकीय इंटर कॉलेज है। 2019 से पहले यहां के छात्र पढ़ाई के लिए दूर-दूर जाने को मजबूर थे। वर्तमान में इस इंटर कॉलेज में 300 से अधिक छात्र पढ़ते हैं। इससे न केवल छात्रों में खुशी है बल्कि पूरे इलाके में एक शिक्षा क्रांति हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सरकार की तरफ से यहां सारी सुविधा उपलब्ध है। इतना ही नहीं नौनियां में सरकार ने एक पावर प्लांट भी लगाया है। इसके कारण गांव में लोगों को 20 से 22 घंटे बिजली मिल रही है।