{"_id":"6a1ca0d648dd7c9a6d0286df","slug":"peoples-health-is-deteriorating-due-to-taste-maharajganj-news-c-209-1-sgkp1039-151420-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: स्वाद के चक्कर में बिगड़ रहा लोगों का स्वास्थ्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: स्वाद के चक्कर में बिगड़ रहा लोगों का स्वास्थ्य
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
धनघटा। क्षेत्र के प्रमुख चौराहों व बाजारों में खुलेआम बिक रहा फास्ट फूड लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। शाम ढलते ही सड़क किनारे लगने वाले ठेलों पर मोमोज, एग रोल, चाउमीन, बर्गर और अन्य व्यंजन का स्वाद चखने के लिए भीड़ उमड़ने लगती है। देर रात तक चलने वाली इन दुकानों पर सबसे अधिक संख्या युवाओं और बच्चों की रहती है। जो लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल रहा है
खुले में रखे खाद्य पदार्थों पर धूल, धुआं और मक्खियां मंडराती रहती हैं, लेकिन स्वाद के आगे लोग स्वास्थ्य की अनदेखी कर रहे हैं। कई ठेलों पर साफ-सफाई के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। बासी सामग्री और कई बार इस्तेमाल किए गए तेल में तैयार हो रहे खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे लोगों को बीमार बना रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लौहरैया, बनौली, हैंसर, धनघटा, डिहवा बाजार, बसवारी गांव, अशरफपुर, डेबरी, औराडाड़, उमरिया बाजार और संठी समेत अन्य बाजारों में बिना किसी रोक-टोक के फास्ट फूड की दुकानें बढ़ती जा रही हैं। बच्चों और युवाओं में जंक फूड का आकर्षण तेजी से बढ़ा है, जिससे पेट संबंधी बीमारियां, संक्रमण, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ फूड प्वाइजनिंग जैसी गंभीर बीमारियों को भी जन्म दे सकते हैं। लगातार जंक फूड खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, और मोटापा, मधुमेह व हृदय रोग का खतरा भी बढ़ जाता है।
लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से क्षेत्र में चल रहे फास्ट फूड ठेलों की जांच कराने और मानकों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और बढ़ सकती हैं।
हैंसर के चिकित्सक जितेंद्र चौधरी ने कहा कि फास्ट फूड से जितना भी संभव हो उपयोग न करें। इससे सेहत बिगड़ने की संभावना रहती है।
खुले में रखे खाद्य पदार्थों पर धूल, धुआं और मक्खियां मंडराती रहती हैं, लेकिन स्वाद के आगे लोग स्वास्थ्य की अनदेखी कर रहे हैं। कई ठेलों पर साफ-सफाई के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। बासी सामग्री और कई बार इस्तेमाल किए गए तेल में तैयार हो रहे खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे लोगों को बीमार बना रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्थानीय लोगों का कहना है कि लौहरैया, बनौली, हैंसर, धनघटा, डिहवा बाजार, बसवारी गांव, अशरफपुर, डेबरी, औराडाड़, उमरिया बाजार और संठी समेत अन्य बाजारों में बिना किसी रोक-टोक के फास्ट फूड की दुकानें बढ़ती जा रही हैं। बच्चों और युवाओं में जंक फूड का आकर्षण तेजी से बढ़ा है, जिससे पेट संबंधी बीमारियां, संक्रमण, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
Trending Videos
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ फूड प्वाइजनिंग जैसी गंभीर बीमारियों को भी जन्म दे सकते हैं। लगातार जंक फूड खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, और मोटापा, मधुमेह व हृदय रोग का खतरा भी बढ़ जाता है।
लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से क्षेत्र में चल रहे फास्ट फूड ठेलों की जांच कराने और मानकों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और बढ़ सकती हैं।
हैंसर के चिकित्सक जितेंद्र चौधरी ने कहा कि फास्ट फूड से जितना भी संभव हो उपयोग न करें। इससे सेहत बिगड़ने की संभावना रहती है।