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आग उगलता आसमान: सिद्धार्थनगर में लू का अलर्ट.... सड़क पर निकलते ही झुलस रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 19 May 2026 02:10 AM IST
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शहर के अशोक मार्ग पर चिलचिलाती धूप में विद्यालय की छुट्टी होने के बाद सिर पर दुपट्टा रखकर घर जा
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लू के थपेड़ों से जनजीवन बेहाल, बस-टैक्सी में पसीने से सराबोर हो रहे यात्री, अस्पतालों में बढ़े मरीज
सिद्धार्थनगर। जिले के लोग एक बार फिर प्रचंड गर्मी की चपेट में हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री दर्ज किया गया। हालात ऐसे हैं कि सुबह नौ बजे के बाद ही धूप शरीर को झुलसाने लगी है और दोपहर से पहले ही लू जैसे हालात बन जा रहे हैं।
सड़कों और बाजारों में दोपहर के समय सन्नाटा पसर जा रहा है। जरूरी काम से ही लोग बाहर निकल रहे हैं, जबकि ज्यादातर लोग घरों में कैद हैं। सबसे ज्यादा असर रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों और ठेला-रिक्शा चालकों पर पड़ रहा है।
हवा की गुणवत्ता (एक्यूआई) 115 और 38 प्रतिशत आर्द्रता ने परेशानी को और बढ़ा दी है। शरीर से तेजी से पानी निकल रहा है, जिससे चक्कर, थकान और डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ने लगे हैं।
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इसी बीच आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने साफ कहा है कि फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नहीं है। उनके अनुसार, अगले कुछ दिनों तक तापमान 42-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है और लू जैसी स्थिति जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि सुबह से ही तेज धूप और शुष्क हवाएं शरीर पर सीधा असर डाल रही हैं। यदि पश्चिमी विक्षोभ या स्थानीय बारिश की स्थिति नहीं बनती, तो तापमान में गिरावट की संभावना बेहद कम है।
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- डॉ. गौरव दुबे के अनुसार लगातार तेज धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में आने से डिहाइड्रेशन, चक्कर, सिरदर्द और लू का खतरा बढ़ रहा है। अस्पतालों में उल्टी, कमजोरी और बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। चिकित्सकों ने दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक बेवजह बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। गर्मी के इस प्रकोप ने कारोबार, आवाजाही और दैनिक जीवन की रफ्तार धीमी कर दी है।
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- गर्मी का असर: सड़क से बाजार तक बदला पूरा सिस्टम
- दोपहर में मुख्य बाजारों में ग्राहकी घटी
- बसों और टैक्सियों में यात्री पसीने से तर-बतर
- स्कूल से लौटने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत
- ठंडे पेय, बर्फ और ग्लूकोज की मांग बढ़ी
- अस्पतालों में डिहाइड्रेशन व कमजोरी के मरीज बढ़ने लगे
- दिहाड़ी मजदूरों और रिक्शा चालकों की कमाई प्रभावित
- कई जगह दोपहर बाद सड़कें लगभग खाली दिखीं
सिद्धार्थनगर। जिले के लोग एक बार फिर प्रचंड गर्मी की चपेट में हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री दर्ज किया गया। हालात ऐसे हैं कि सुबह नौ बजे के बाद ही धूप शरीर को झुलसाने लगी है और दोपहर से पहले ही लू जैसे हालात बन जा रहे हैं।
सड़कों और बाजारों में दोपहर के समय सन्नाटा पसर जा रहा है। जरूरी काम से ही लोग बाहर निकल रहे हैं, जबकि ज्यादातर लोग घरों में कैद हैं। सबसे ज्यादा असर रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों और ठेला-रिक्शा चालकों पर पड़ रहा है।
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हवा की गुणवत्ता (एक्यूआई) 115 और 38 प्रतिशत आर्द्रता ने परेशानी को और बढ़ा दी है। शरीर से तेजी से पानी निकल रहा है, जिससे चक्कर, थकान और डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ने लगे हैं।
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इसी बीच आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने साफ कहा है कि फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नहीं है। उनके अनुसार, अगले कुछ दिनों तक तापमान 42-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है और लू जैसी स्थिति जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि सुबह से ही तेज धूप और शुष्क हवाएं शरीर पर सीधा असर डाल रही हैं। यदि पश्चिमी विक्षोभ या स्थानीय बारिश की स्थिति नहीं बनती, तो तापमान में गिरावट की संभावना बेहद कम है।
- डॉ. गौरव दुबे के अनुसार लगातार तेज धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में आने से डिहाइड्रेशन, चक्कर, सिरदर्द और लू का खतरा बढ़ रहा है। अस्पतालों में उल्टी, कमजोरी और बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। चिकित्सकों ने दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक बेवजह बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। गर्मी के इस प्रकोप ने कारोबार, आवाजाही और दैनिक जीवन की रफ्तार धीमी कर दी है।
- गर्मी का असर: सड़क से बाजार तक बदला पूरा सिस्टम
- दोपहर में मुख्य बाजारों में ग्राहकी घटी
- बसों और टैक्सियों में यात्री पसीने से तर-बतर
- स्कूल से लौटने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत
- ठंडे पेय, बर्फ और ग्लूकोज की मांग बढ़ी
- अस्पतालों में डिहाइड्रेशन व कमजोरी के मरीज बढ़ने लगे
- दिहाड़ी मजदूरों और रिक्शा चालकों की कमाई प्रभावित
- कई जगह दोपहर बाद सड़कें लगभग खाली दिखीं