{"_id":"69d6a12357d1d00256097844","slug":"smugglers-are-smuggling-drugs-into-nepal-through-carriers-maharajganj-news-c-206-1-mhg1007-174986-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: कैरियर के जरिए तस्कर करा रहे नेपाल में नशीली दवाओं की तस्करी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: कैरियर के जरिए तस्कर करा रहे नेपाल में नशीली दवाओं की तस्करी
विज्ञापन
विज्ञापन
सोनौली। भारतीय क्षेत्र से इन दिनों प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है। तस्करों ने इसके लिए अन्य सामानों की तस्करी की तरह इसका भी नेटवर्क बनाया है। कैरियर के माध्यम से नेपाल प्रतिबंधित ड्रग्स पहुंचाए जा रहे हैं।
सीमावर्ती क्षेत्र सहित गोरखपुर से नेपाल में नशीली दवाओं का अवैध धंधा करने वाले सीमा तक नशीली दवाएं मंगवाकर इसकी तस्करी कैरियर के माध्यम से कर रहे हैं। इसका खुलासा दो दिन पहले नेपाल के रूपनदेही जिले में पकड़े गए कैरियर ने की है। कैरियरों की हाथापाई के दौरान पुलिस की गोली से एक नेपाली युवक घायल हो गया था, जबकि परसा मलिक थाना क्षेत्र के दो युवक भैरहवा पुलिस की हिरासत में हैं। इतना ही नहीं, भारतीय क्षेत्र के परसामलिक, ठूठीबारी और नौतनवा में ड्रग्स का इस्तेमाल करने वाले नेपाली युवक बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। जबकि ड्रग्स भारत के साथ नेपाल में भी प्रतिबंधित है।
जानकारी के अनुसार, सीमावर्ती नौतनवा, भगवानपुर, ठूठीबारी और परसामलिक के इलाके में ड्रग्स नेपाल की अपेक्षा आसानी से मिल जाता है। नेपाल में चोरी-छुपे और महंगी मिलने वाली सुई तुलनात्मक रूप से भारतीय क्षेत्र में सस्ते दामों में उपलब्ध हो जाती है। इस कारण बड़ी संख्या में नेपाली युवक खुली सीमा का लाभ उठाकर रोज सीमावर्ती क्षेत्र के कई इलाकों में पहुंचते हैं और ड्रग्स लेकर कर लौट जाते हैं।
नशा के लिए कई ड्रग एडिक्ट फोर्टबीन और टीडीजेसिफ नामक इंजेक्शन का इस्तेमाल करते हैं। डाईजीपॉम, फेनारगन, न्यूफिन ये अलग-अलग ड्रग्स के इंजेक्शन हैं। इसे साधारण व्यक्ति यूज करे तो उसे तुरंत नींद आ जाएगी। जबकि ड्रग एडिक्ट इन तीनों इंजेक्शनों का एक सेट बनाते हैं। पैर-हाथ के अलावा शरीर के अन्य नसों में वे इसको लगाते हैं। टेजोबिन नामक इंजेक्शन 20 रुपये में मिलता है, जबकि नेपाली युवा 300-700 रुपये तक में खरीदते हैं। नेपाल के पोखरा, भक्तपुर, बुटवल, भैरहवा, काठमांडू सहित सीमाई क्षेत्र में तीनों ड्रग्स को मिलाकर बनाए गए सेट का दाम दो से पांच हजार रुपये तक और टेजोबिन का दाम एक हजार से तीन हजार रुपये तक है। डीएसपी कृष्ण कुमार चंद ने बताया कि पकड़े गए तीनों युवकों से पुलिस सहित नारकोटिक्स विभाग की टीम पूछताछ कर रही है।
Trending Videos
सीमावर्ती क्षेत्र सहित गोरखपुर से नेपाल में नशीली दवाओं का अवैध धंधा करने वाले सीमा तक नशीली दवाएं मंगवाकर इसकी तस्करी कैरियर के माध्यम से कर रहे हैं। इसका खुलासा दो दिन पहले नेपाल के रूपनदेही जिले में पकड़े गए कैरियर ने की है। कैरियरों की हाथापाई के दौरान पुलिस की गोली से एक नेपाली युवक घायल हो गया था, जबकि परसा मलिक थाना क्षेत्र के दो युवक भैरहवा पुलिस की हिरासत में हैं। इतना ही नहीं, भारतीय क्षेत्र के परसामलिक, ठूठीबारी और नौतनवा में ड्रग्स का इस्तेमाल करने वाले नेपाली युवक बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। जबकि ड्रग्स भारत के साथ नेपाल में भी प्रतिबंधित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, सीमावर्ती नौतनवा, भगवानपुर, ठूठीबारी और परसामलिक के इलाके में ड्रग्स नेपाल की अपेक्षा आसानी से मिल जाता है। नेपाल में चोरी-छुपे और महंगी मिलने वाली सुई तुलनात्मक रूप से भारतीय क्षेत्र में सस्ते दामों में उपलब्ध हो जाती है। इस कारण बड़ी संख्या में नेपाली युवक खुली सीमा का लाभ उठाकर रोज सीमावर्ती क्षेत्र के कई इलाकों में पहुंचते हैं और ड्रग्स लेकर कर लौट जाते हैं।
नशा के लिए कई ड्रग एडिक्ट फोर्टबीन और टीडीजेसिफ नामक इंजेक्शन का इस्तेमाल करते हैं। डाईजीपॉम, फेनारगन, न्यूफिन ये अलग-अलग ड्रग्स के इंजेक्शन हैं। इसे साधारण व्यक्ति यूज करे तो उसे तुरंत नींद आ जाएगी। जबकि ड्रग एडिक्ट इन तीनों इंजेक्शनों का एक सेट बनाते हैं। पैर-हाथ के अलावा शरीर के अन्य नसों में वे इसको लगाते हैं। टेजोबिन नामक इंजेक्शन 20 रुपये में मिलता है, जबकि नेपाली युवा 300-700 रुपये तक में खरीदते हैं। नेपाल के पोखरा, भक्तपुर, बुटवल, भैरहवा, काठमांडू सहित सीमाई क्षेत्र में तीनों ड्रग्स को मिलाकर बनाए गए सेट का दाम दो से पांच हजार रुपये तक और टेजोबिन का दाम एक हजार से तीन हजार रुपये तक है। डीएसपी कृष्ण कुमार चंद ने बताया कि पकड़े गए तीनों युवकों से पुलिस सहित नारकोटिक्स विभाग की टीम पूछताछ कर रही है।