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Maharajganj News: आबादी के बीच बारूद का भंडार, हादसे का खतरा बरकरार
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महराजगंज। दशहरा के बाद अब दीपावली का त्योहार नजदीक है। इसके साथ ही भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पटाखों की तस्करी भी तेज हो गई है। नेपाल में पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद तस्कर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर सोनौली से नौतनवां तक पटाखों का भंडारण कर रहे हैं और छोटी-छोटी खेपों में इन्हें नेपाल पहुंचा रहे हैं। सीमावर्ती कस्बों में घनी आबादी के बीच पटाखों का अवैध भंडारण किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
पिछले महीने नौतनवां कस्बे के स्टेशन चौराहे स्थित एक ट्रांसपोर्ट गोदाम से भारी मात्रा में पटाखों की बरामदगी ने इस आशंका को और गंभीर कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, नौतनवां के अलावा सोनौली, खनुआ और परसामलिक क्षेत्र में भी कई गोदामों में पटाखे जमा किए जाने की सूचना है। त्योहार के दौरान नेपाल में पटाखों की मांग बढ़ने और वहां प्रतिबंध होने के कारण तस्कर इस कारोबार से मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सोनौली मेन गेट, दो नंबर गली, प्रेम कॉलोनी, फरेनी बाजार, भगवानपुर, श्यामकाट, खनुआ, नौतनवां के सुंडी, गैस एजेंसी के पीछे, संपतिहा और चंडीथान की पगडंडियों के रास्ते पटाखों की खेप नेपाल के मधेसी इलाकों तक पहुंचाई जा रही है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी और छापेमारी कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद तस्करी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
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अक्तूबर के पहले सप्ताह में नेपाल की सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) ने नवलपरासी जिले के हरपुर बीओपी क्षेत्र में गश्त के दौरान भारत से भेजी गई पटाखों की बड़ी खेप पकड़ी थी। बाद में उसे नष्ट कर दिया गया।
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सीमेंट और उर्वरक के गोदामों में भी भंडारण की आशंका
सूत्रों के अनुसार, नौतनवां में पटाखों की बरामदगी कोई अकेली घटना नहीं है। सीमावर्ती क्षेत्र में करीब आधा दर्जन गोदामों में दीपावली के मद्देनजर पटाखों का भंडारण किए जाने की सूचना है। इनमें कुछ गोदाम सीमेंट और उर्वरक के बताए जा रहे हैं। आशंका है कि इनकी आड़ में पटाखे जमा किए जा रहे हैं, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचकर तस्करी की जा सके। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इन गोदामों के रिहायशी इलाकों और घनी आबादी के बीच होने की बात सामने आ रही है। ऐसे स्थानों पर ज्वलनशील सामग्री का बड़े पैमाने पर भंडारण आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो किसी दुर्घटना में जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।
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केस-एक : नौतनवां में 50 लाख के पटाखे जब्त
17 सितंबर 2026 को नौतनवां कस्बे के स्टेशन चौराहे स्थित एक ट्रांसपोर्ट गोदाम में पटाखों के बड़े भंडारण का खुलासा हुआ था। जानकारी के मुताबिक, लखनऊ से ट्रक के जरिये पटाखे मंगाए गए थे। तहसीलदार कर्ण सिंह और थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह के नेतृत्व में प्रशासन व पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर करीब 50 लाख रुपये कीमत के पटाखे जब्त किए थे। कुल 72 गत्तों में पटाखे रखे गए थे। इन्हें नेपाल भेजने के लिए मंगाए जाने की आशंका जताई गई थी।
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केस-दो : जूते-चप्पल के गोदाम में मिले थे पटाखे
10 अप्रैल 2024 को नौतनवां के जानकीनगर वार्ड में लाइसेंसी दुकानों की जांच के दौरान तत्कालीन एसडीएम नंद प्रकाश मौर्य और सीओ जय प्रकाश त्रिपाठी को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके बाद फल मंडी स्थित जूते-चप्पल के गोदाम में छापा मारा गया, जहां बड़ी मात्रा में पटाखे मिले थे। इस मामले में रवि जायसवाल और सिद्धांत जायसवाल को गिरफ्तार कर विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी।
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केस-तीन : किराना दुकान से 40 किलो पटाखे बरामद
10 नवंबर 2019 को नौतनवां थाना क्षेत्र के अड्डा बाजार में पुलिस ने अवैध रूप से पटाखे रखे जाने की सूचना पर कार्रवाई की थी। चौकी प्रभारी दिलीप सिंह के नेतृत्व में टीम ने कुबेर अग्रहरी की किराना दुकान पर छापा मारकर करीब 40 किलोग्राम पटाखे बरामद किए थे। इस मामले में प्रसून नारायण मद्धेशिया के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। दुकान में घनी आबादी के बीच पटाखों का भंडारण कर बिक्री किए जाने की बात सामने आई थी।
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कोट
अधिकारियों का कहना है, लगातार हो रही निगरानी
तहसील क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें पटाखों के भंडारण वाले गोदामों की जांच कर रही हैं। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहार के दौरान पटाखे किसी दुर्घटना का कारण न बनें। तस्करी पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
-कुणाल, एसडीएम, नौतनवां महराजगंज।
कोट
सीमा पर पटाखों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस, एसएसबी और कस्टम की संयुक्त टीम गठित है। टीम लगातार छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई कर रही है।
-सुधीर त्यागी, कस्टम अधीक्षक, सोनौली महराजगंज।
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पिछले महीने नौतनवां कस्बे के स्टेशन चौराहे स्थित एक ट्रांसपोर्ट गोदाम से भारी मात्रा में पटाखों की बरामदगी ने इस आशंका को और गंभीर कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, नौतनवां के अलावा सोनौली, खनुआ और परसामलिक क्षेत्र में भी कई गोदामों में पटाखे जमा किए जाने की सूचना है। त्योहार के दौरान नेपाल में पटाखों की मांग बढ़ने और वहां प्रतिबंध होने के कारण तस्कर इस कारोबार से मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
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बताया जा रहा है कि सोनौली मेन गेट, दो नंबर गली, प्रेम कॉलोनी, फरेनी बाजार, भगवानपुर, श्यामकाट, खनुआ, नौतनवां के सुंडी, गैस एजेंसी के पीछे, संपतिहा और चंडीथान की पगडंडियों के रास्ते पटाखों की खेप नेपाल के मधेसी इलाकों तक पहुंचाई जा रही है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी और छापेमारी कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद तस्करी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
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अक्तूबर के पहले सप्ताह में नेपाल की सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) ने नवलपरासी जिले के हरपुर बीओपी क्षेत्र में गश्त के दौरान भारत से भेजी गई पटाखों की बड़ी खेप पकड़ी थी। बाद में उसे नष्ट कर दिया गया।
सीमेंट और उर्वरक के गोदामों में भी भंडारण की आशंका
सूत्रों के अनुसार, नौतनवां में पटाखों की बरामदगी कोई अकेली घटना नहीं है। सीमावर्ती क्षेत्र में करीब आधा दर्जन गोदामों में दीपावली के मद्देनजर पटाखों का भंडारण किए जाने की सूचना है। इनमें कुछ गोदाम सीमेंट और उर्वरक के बताए जा रहे हैं। आशंका है कि इनकी आड़ में पटाखे जमा किए जा रहे हैं, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचकर तस्करी की जा सके। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इन गोदामों के रिहायशी इलाकों और घनी आबादी के बीच होने की बात सामने आ रही है। ऐसे स्थानों पर ज्वलनशील सामग्री का बड़े पैमाने पर भंडारण आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो किसी दुर्घटना में जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।
केस-एक : नौतनवां में 50 लाख के पटाखे जब्त
17 सितंबर 2026 को नौतनवां कस्बे के स्टेशन चौराहे स्थित एक ट्रांसपोर्ट गोदाम में पटाखों के बड़े भंडारण का खुलासा हुआ था। जानकारी के मुताबिक, लखनऊ से ट्रक के जरिये पटाखे मंगाए गए थे। तहसीलदार कर्ण सिंह और थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह के नेतृत्व में प्रशासन व पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर करीब 50 लाख रुपये कीमत के पटाखे जब्त किए थे। कुल 72 गत्तों में पटाखे रखे गए थे। इन्हें नेपाल भेजने के लिए मंगाए जाने की आशंका जताई गई थी।
केस-दो : जूते-चप्पल के गोदाम में मिले थे पटाखे
10 अप्रैल 2024 को नौतनवां के जानकीनगर वार्ड में लाइसेंसी दुकानों की जांच के दौरान तत्कालीन एसडीएम नंद प्रकाश मौर्य और सीओ जय प्रकाश त्रिपाठी को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके बाद फल मंडी स्थित जूते-चप्पल के गोदाम में छापा मारा गया, जहां बड़ी मात्रा में पटाखे मिले थे। इस मामले में रवि जायसवाल और सिद्धांत जायसवाल को गिरफ्तार कर विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी।
केस-तीन : किराना दुकान से 40 किलो पटाखे बरामद
10 नवंबर 2019 को नौतनवां थाना क्षेत्र के अड्डा बाजार में पुलिस ने अवैध रूप से पटाखे रखे जाने की सूचना पर कार्रवाई की थी। चौकी प्रभारी दिलीप सिंह के नेतृत्व में टीम ने कुबेर अग्रहरी की किराना दुकान पर छापा मारकर करीब 40 किलोग्राम पटाखे बरामद किए थे। इस मामले में प्रसून नारायण मद्धेशिया के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। दुकान में घनी आबादी के बीच पटाखों का भंडारण कर बिक्री किए जाने की बात सामने आई थी।
कोट
अधिकारियों का कहना है, लगातार हो रही निगरानी
तहसील क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें पटाखों के भंडारण वाले गोदामों की जांच कर रही हैं। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहार के दौरान पटाखे किसी दुर्घटना का कारण न बनें। तस्करी पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
-कुणाल, एसडीएम, नौतनवां महराजगंज।
कोट
सीमा पर पटाखों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस, एसएसबी और कस्टम की संयुक्त टीम गठित है। टीम लगातार छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई कर रही है।
-सुधीर त्यागी, कस्टम अधीक्षक, सोनौली महराजगंज।