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Mahoba News: हाईटेक नर्सरी में एक साल में तैयार होंगे सब्जी के 13 लाख पौधे
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फोटो 04 एमएएचपी 21 परिचय-कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल में बनी इस हाईटेक नर्सरी में लगाए जाएंगे
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महोबा। उद्यान विभाग की ओर से कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल में तैयार कराई गई बुंदेलखंड की पहली हाईटेक नर्सरी में इस वर्ष सब्जी के 13 लाख पौधे तैयार किए जाएंगे। छह जून से नर्सरी में पौधरोपण शुरू होगा। पहले दिन दस हजार पौधों के बीज रोपे जाएंगे।
कस्बा बेलाताल स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में दो साल पहले उद्यान विभाग की ओर से नर्सरी का निर्माण शुरू कराया गया था। यह नर्सरी डेढ़ करोड़ की लागत से एक हेक्टेयर भूमि में तैयार की गई है। यहां किसी भी मौसम में सब्जी के पौध हाइब्रिड तरीके से आसानी से तैयार किए जाते हैं। ऐसे में अब किसानों को सब्जी के हाइब्रिड पौधे लेने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। हाईटेक नर्सरी का संचालन पिछले वर्ष शुरू हुआ। तब नर्सरी में 1.85 लाख पौधे तैयार किए गए। हालांकि, गर्मियों में नर्सरी का संचालन बंद रहा। अब छह जून से नर्सरी को फिर से शुरू किया जाएगा। उद्यान विभाग की ओर से पहले दिन नर्सरी में विभिन्न सब्जियों के दस हजार बीज लगाए जाएंगे। जिला उद्यान अधिकारी सुरेश कुमार का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में नर्सरी में करीब 13 लाख पौधे तैयार किए जाएंगे। इसमें टमाटर के तीन लाख, बैगन के पांच लाख, मिर्च के एक लाख और लौकी, तरोई, खीरा, करेला, तरबूज, खरबूज आदि के चार लाख पौधे तैयार किए जाएंगे। यहां पर तैयार होने वाले टमाटर, बैंगन, पत्तागोभी, फूलगोभी के पौधे किसानों को दो रुपये प्रति पौधे के दर से दिए जाएंगे जबकि लौकी, तरोई, खीरा, करेला, तरबूज, खरबूज आदि के पौधे 2.70 रुपये प्रति पौधे के दर से दिए जाएंगे। यदि किसान अपना स्वयं का बीज लाते हैं तो उन्हें टमाटर, बैंगन, पत्तागोभी, फूलगोभी का पौध तैयार कराने के लिए प्रति पौधा 1.75 रुपये व लौकी, तरोई, खीरा, करेला, तरबूज, खरबूज आदि के पौध तैयार कराने पर 1.40 रुपये प्रति पौधा के हिसाब से धनराशि देना होगी।
जनपद में बढ़ेगा सब्जी की खेती का दायरा
इस हाईटेक नर्सरी में ज्यादा पौधे तैयार होने से जनपद में सब्जी की खेती का दायरा बढ़ेगा। जिसका सीधा लाभ जिले के किसानों को मिलेगा। फिलहाल जनपद में करीब सात हजार हेक्टेयर में सब्जी की खेती होती है। हाईटेक नर्सरी से किसानों को आसानी से पौधे उपलब्ध होने से जनपद में अब सब्जी की खेती का दायरा बढ़कर करीब साढ़े सात हजार हेक्टेयर हो जाएगा।
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कस्बा बेलाताल स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में दो साल पहले उद्यान विभाग की ओर से नर्सरी का निर्माण शुरू कराया गया था। यह नर्सरी डेढ़ करोड़ की लागत से एक हेक्टेयर भूमि में तैयार की गई है। यहां किसी भी मौसम में सब्जी के पौध हाइब्रिड तरीके से आसानी से तैयार किए जाते हैं। ऐसे में अब किसानों को सब्जी के हाइब्रिड पौधे लेने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। हाईटेक नर्सरी का संचालन पिछले वर्ष शुरू हुआ। तब नर्सरी में 1.85 लाख पौधे तैयार किए गए। हालांकि, गर्मियों में नर्सरी का संचालन बंद रहा। अब छह जून से नर्सरी को फिर से शुरू किया जाएगा। उद्यान विभाग की ओर से पहले दिन नर्सरी में विभिन्न सब्जियों के दस हजार बीज लगाए जाएंगे। जिला उद्यान अधिकारी सुरेश कुमार का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में नर्सरी में करीब 13 लाख पौधे तैयार किए जाएंगे। इसमें टमाटर के तीन लाख, बैगन के पांच लाख, मिर्च के एक लाख और लौकी, तरोई, खीरा, करेला, तरबूज, खरबूज आदि के चार लाख पौधे तैयार किए जाएंगे। यहां पर तैयार होने वाले टमाटर, बैंगन, पत्तागोभी, फूलगोभी के पौधे किसानों को दो रुपये प्रति पौधे के दर से दिए जाएंगे जबकि लौकी, तरोई, खीरा, करेला, तरबूज, खरबूज आदि के पौधे 2.70 रुपये प्रति पौधे के दर से दिए जाएंगे। यदि किसान अपना स्वयं का बीज लाते हैं तो उन्हें टमाटर, बैंगन, पत्तागोभी, फूलगोभी का पौध तैयार कराने के लिए प्रति पौधा 1.75 रुपये व लौकी, तरोई, खीरा, करेला, तरबूज, खरबूज आदि के पौध तैयार कराने पर 1.40 रुपये प्रति पौधा के हिसाब से धनराशि देना होगी।
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जनपद में बढ़ेगा सब्जी की खेती का दायरा
इस हाईटेक नर्सरी में ज्यादा पौधे तैयार होने से जनपद में सब्जी की खेती का दायरा बढ़ेगा। जिसका सीधा लाभ जिले के किसानों को मिलेगा। फिलहाल जनपद में करीब सात हजार हेक्टेयर में सब्जी की खेती होती है। हाईटेक नर्सरी से किसानों को आसानी से पौधे उपलब्ध होने से जनपद में अब सब्जी की खेती का दायरा बढ़कर करीब साढ़े सात हजार हेक्टेयर हो जाएगा।