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Mahoba News: चिचारा गांव के 122 किसानों की जमीन पर 159 फर्जी पॉलिसियां
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 24 Jan 2026 11:55 PM IST
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महोबा। जिले के कबरई ब्लॉक के चिचारा गांव के किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से पॉलिसी लेकर क्लेम हड़पने का मामला सामने आया है। रबी-2024 सीजन में इस गांव के 122 किसानों की जमीन पर फर्जी तरीके से बीमा कराया गया। क्लेम की धनराशि मूल किसानों के बजाए अन्य नामों से खुले बैंक खातों में भेजी गई। किसान नेता गुलाब सिंह राजपूत ने मामले की एसआईटी से जांच की मांग की है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी-2024 में हुए घोटालों की श्रृंखला अब लंबी होती जा रही है। पहले जिले की जैतपुर ब्लॉक के बेलाताल, फिर चरखारी ब्लॉक के ग्राम कुआं, पड़ोरा, पहरेथा में किसानों की जमीनों पर फर्जी तरीके से बीमा कराकर क्लेम हड़पने का खुलासा हुआ। अब कबरई ब्लॉक के चिचारा गांव में किसानों की जमीन पर फर्जी तरीके से बीमा कराके क्लेम हड़पे जाने का मामला आया है।
जय जवान जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत का कहना है कि इस गांव के किसान सुरेंद्र बहादुर, रामनारायण, आनंद प्रकाश, आदित्य सिंह, जयप्रकाश, राजेंद्र सिंह, सुनीता, श्रवण कुमार, कुंज बिहारी, बृजकिशोर, जयकरन, प्रभाकर आदि 122 किसानों की 1,608 बीघा जमीन पर 159 बीमा पॉलिसियां अलग-अलग नामों से ली गईं।
इन पॉलिसी में दर्ज नाम, मूल किसान के नाम से भिन्न हैं। इसलिए इन सभी पॉलिसी के फर्जी होने की आशंका है। सभी 159 पॉलिसी के रिकाॅर्ड के अनुसार उन्होंने रबी-2024 सीजन में चना और मसूर की फसल बोई व प्राकृतिक आपदा से नुकसान दिखाकर भारी भरकम क्लेम लिया गया।
रबी सीजन में व्यक्तिगत दावे में 15 लाख रुपये, पोस्ट हार्वेस्ट में तीन लाख रुपये और क्रॉप कटिंग के आधार पर 40 लाख रूपये का क्लेम दिया गया। आशंका है कि बीमा कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से बाहरी लोगों के नाम से फर्जी तरीके से पॉलिसी कराते हुए क्लेम को हड़पा गया है। किसान नेता गुलाब सिंह राजपूत कहते हैं कि रबी-2024 में हुए इस घोटाले की जांच एसआईटी से कराई जाए तो निश्चित रूप से खरीफ-2024 की तरह करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आएगा।
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जय जवान जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत का कहना है कि इस गांव के किसान सुरेंद्र बहादुर, रामनारायण, आनंद प्रकाश, आदित्य सिंह, जयप्रकाश, राजेंद्र सिंह, सुनीता, श्रवण कुमार, कुंज बिहारी, बृजकिशोर, जयकरन, प्रभाकर आदि 122 किसानों की 1,608 बीघा जमीन पर 159 बीमा पॉलिसियां अलग-अलग नामों से ली गईं।
इन पॉलिसी में दर्ज नाम, मूल किसान के नाम से भिन्न हैं। इसलिए इन सभी पॉलिसी के फर्जी होने की आशंका है। सभी 159 पॉलिसी के रिकाॅर्ड के अनुसार उन्होंने रबी-2024 सीजन में चना और मसूर की फसल बोई व प्राकृतिक आपदा से नुकसान दिखाकर भारी भरकम क्लेम लिया गया।
रबी सीजन में व्यक्तिगत दावे में 15 लाख रुपये, पोस्ट हार्वेस्ट में तीन लाख रुपये और क्रॉप कटिंग के आधार पर 40 लाख रूपये का क्लेम दिया गया। आशंका है कि बीमा कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से बाहरी लोगों के नाम से फर्जी तरीके से पॉलिसी कराते हुए क्लेम को हड़पा गया है। किसान नेता गुलाब सिंह राजपूत कहते हैं कि रबी-2024 में हुए इस घोटाले की जांच एसआईटी से कराई जाए तो निश्चित रूप से खरीफ-2024 की तरह करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आएगा।
