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Mahoba News: गेहूं की फसल के लिए बरसा अमृत
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Thu, 29 Jan 2026 12:24 AM IST
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महोबा/कुलपहाड़। बुंदेलखंड की पठारी धरती पर मंगलवार की रात अचानक बदला मौसम का मिजाज रबी सीजन की फसलों के लिए वरदान बन गया। करीब तीन घंटे तक रिमझिम बारिश हुई। यह बारिश गेहूं की फसल के लिए अमृत बताई जा रही है। किसानों का कहना है कि आगामी दिनों में यदि अधिक बारिश होती है तो दलहनी फसलों को नुकसान होने की आशंका है।
मंगलवार की रात दस बजे अचानक हवाएं चलने के साथ ही बारिश शुरू हो गई। करीब तीन घंटे तक रिमझिम बारिश और बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। इस दौरान मौसम का अधिकतम तापमान चार डिग्री लुढ़क गया। मौसम का अधिकतम तापमान 23 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 77 फीसदी और हवाओं की रफ्तार 11 किमी प्रति घंटा दर्ज की गईं। बुधवार को भी पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। दिन में धूप नहीं निकली।
कुलपहाड़ संवाद के अनुसार हल्की बारिश से जहां मटर, चना, सरसों की खेती करने वाले किसान खुश हैं। वहीं गेहूं और जौ की फसल करने वाले किसान अधिक बारिश का इंतजार कर रहे थे। बारिश होने से अब किसानों को गेहूं की फसलों की सिंचाई नहीं करना पड़ेगी। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.एसपी सोनकर का कहना है कि अभी दो दिन ऐसा ही मौसम रहेगा। मंगलवार की रात हुई बारिश रबी सीजन की फसल के लिए अच्छी है।
किसानों ने बारिश को बताया फायदेमंद
कुलपहाड़ के किसान लखन अनुरागी का कहना है कि रिमझिम बारिश से मटर व चना की फसल को फायदा हुआ है। तेज पानी बरसता तो मटर का फूल गिर जाता, इससे नुकसान होता।
सुगिरा के किसान नंदराम अहिरवार गेहूं की खेती कर रहे हैं। उनका कहना है कि रिमझिम बारिश से गेहूं की फसल को फायदा है। अभी भी मौसम बारिश का संकेत दे रहा है। ऐसे में ज्यादा बारिश हुई तो गेहूं को फायदा होगा जबकि अन्य फसलों को नुकसान की आशंका है।
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मंगलवार की रात दस बजे अचानक हवाएं चलने के साथ ही बारिश शुरू हो गई। करीब तीन घंटे तक रिमझिम बारिश और बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। इस दौरान मौसम का अधिकतम तापमान चार डिग्री लुढ़क गया। मौसम का अधिकतम तापमान 23 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 77 फीसदी और हवाओं की रफ्तार 11 किमी प्रति घंटा दर्ज की गईं। बुधवार को भी पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। दिन में धूप नहीं निकली।
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कुलपहाड़ संवाद के अनुसार हल्की बारिश से जहां मटर, चना, सरसों की खेती करने वाले किसान खुश हैं। वहीं गेहूं और जौ की फसल करने वाले किसान अधिक बारिश का इंतजार कर रहे थे। बारिश होने से अब किसानों को गेहूं की फसलों की सिंचाई नहीं करना पड़ेगी। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.एसपी सोनकर का कहना है कि अभी दो दिन ऐसा ही मौसम रहेगा। मंगलवार की रात हुई बारिश रबी सीजन की फसल के लिए अच्छी है।
किसानों ने बारिश को बताया फायदेमंद
कुलपहाड़ के किसान लखन अनुरागी का कहना है कि रिमझिम बारिश से मटर व चना की फसल को फायदा हुआ है। तेज पानी बरसता तो मटर का फूल गिर जाता, इससे नुकसान होता।
सुगिरा के किसान नंदराम अहिरवार गेहूं की खेती कर रहे हैं। उनका कहना है कि रिमझिम बारिश से गेहूं की फसल को फायदा है। अभी भी मौसम बारिश का संकेत दे रहा है। ऐसे में ज्यादा बारिश हुई तो गेहूं को फायदा होगा जबकि अन्य फसलों को नुकसान की आशंका है।
