{"_id":"69823eee312312a94d0b3841","slug":"dr-shweta-is-spreading-awareness-among-people-through-cancer-app-mahoba-news-c-225-1-mah1001-122136-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: कैंसर एप के माध्यम से लोगों को जागरुक कर रही डॉ. श्वेता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: कैंसर एप के माध्यम से लोगों को जागरुक कर रही डॉ. श्वेता
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Wed, 04 Feb 2026 12:01 AM IST
विज्ञापन
फोटो 03 एमएएचपी 16 परिचय-महोबा में आयोजित शिविर के दौरान मरीजों की स्क्रीनिंग करतीं डॉ. श्वेता
विज्ञापन
महोबा। डॉ. श्वेता गर्ग ने जनपद के ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्र में कैंसर जागरूकता को लेकर अनूठी मुहिम शुरू की है। उन्होंने कैंसर जागररूकता एप विकसित किया है। जिससे लोगों को सरल भाषा और इंटरएक्टिव तरीके से कैंसर के लक्षण, रोकथाम आदि की जानकारी आसानी से मिल रही है। इससे वह अब डॉक्टर दीदी के नाम से प्रसिद्ध हो गई हैं। वह अब तक एक लाख से अधिक मरीजों की स्क्रीनिंग कर चुकी हैं।
जनपद छतरपुर निवासी डॉ. श्वेता गर्ग महोबा जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच कर लोगों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागररूकता कर रही हैं। बताया कि महोबा, लुहारी ,अजनर आदि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, जानकारी का अभाव और डर की भावना की वजह से लोग सामान्य लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेते। कई महिलाएं अपने शरीर के बदलते संकेतों पर ध्यान नहीं देतीं। ऐसे में रोग गंभीर होने पर इलाज कठिन हो जाता है। ऐसे में यह एप उनकी मदद कर रहा है। उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, तंबाकू व शराब से दूरी बनाए रखने, किसी भी असामान्य लक्षण पर तत्काल जांच कराने की सलाह दी है।
-- -- -- -- -- -- -
कैंसर को हराकर जीती जीवन की जंग
महोबा निवासी एक 48 वर्षीय महिला को अपनी ब्रेस्ट में गांठ महसूस हुई लेकिन उन्होंने सोचा कि यह सामान्य दर्द है। डॉ. श्वेता गर्ग ने निशुल्क स्क्रीनिंग शिविर में जांच की। तब पता चला कि यह प्रारंभिक स्तन कैंसर है। समय रहते इलाज व पोषण सलाह से सुमन अब स्वस्थ हैं और अन्य महिलाओं को आत्म-जांच के लिए प्रेरित कर रही हैं।
-- -- -- -- -- -- -
अजनर निवासी एक 55 वर्षीय व्यक्ति लंबे समय से तंबाकू सेवन कर रहे थे। उनके मुंह में घाव नहीं भर रहा था। जागरूकता शिविर में डॉ. श्वेता गर्ग ने उनके मुख कैंसर की निशुल्क जांच की। तब जाकर समस्या का पता चला। उपचार के बाद अब वह स्वस्थ जीवन जी रहे हैं और दूसरों को तंबाकू त्यागने की सलाह दे रहे हैं।
-- -- -- -- -- -- -
जनपद के ग्रामीण क्षेत्र निवासी एक 42 वर्षीय महिला को नियमित रक्तस्राव और थकान की समस्या थी। उन्होंने इसे साधारण थकान समझा। बाद में शिविर में डॉ. श्वेता गर्ग ने उनकी निशुल्क पेल्विक स्क्रीनिंग की। तब सर्वाइकल कैंसर का पता चला। इसके बाद महिला का समय पर इलाज शुरू हुआ। जिससे वह स्वस्थ हो गई। अब वह अन्य महिलाओं को नियमित जांच के लिए प्रेरित कर रही हैं।
Trending Videos
जनपद छतरपुर निवासी डॉ. श्वेता गर्ग महोबा जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच कर लोगों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागररूकता कर रही हैं। बताया कि महोबा, लुहारी ,अजनर आदि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, जानकारी का अभाव और डर की भावना की वजह से लोग सामान्य लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेते। कई महिलाएं अपने शरीर के बदलते संकेतों पर ध्यान नहीं देतीं। ऐसे में रोग गंभीर होने पर इलाज कठिन हो जाता है। ऐसे में यह एप उनकी मदद कर रहा है। उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, तंबाकू व शराब से दूरी बनाए रखने, किसी भी असामान्य लक्षण पर तत्काल जांच कराने की सलाह दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कैंसर को हराकर जीती जीवन की जंग
महोबा निवासी एक 48 वर्षीय महिला को अपनी ब्रेस्ट में गांठ महसूस हुई लेकिन उन्होंने सोचा कि यह सामान्य दर्द है। डॉ. श्वेता गर्ग ने निशुल्क स्क्रीनिंग शिविर में जांच की। तब पता चला कि यह प्रारंभिक स्तन कैंसर है। समय रहते इलाज व पोषण सलाह से सुमन अब स्वस्थ हैं और अन्य महिलाओं को आत्म-जांच के लिए प्रेरित कर रही हैं।
अजनर निवासी एक 55 वर्षीय व्यक्ति लंबे समय से तंबाकू सेवन कर रहे थे। उनके मुंह में घाव नहीं भर रहा था। जागरूकता शिविर में डॉ. श्वेता गर्ग ने उनके मुख कैंसर की निशुल्क जांच की। तब जाकर समस्या का पता चला। उपचार के बाद अब वह स्वस्थ जीवन जी रहे हैं और दूसरों को तंबाकू त्यागने की सलाह दे रहे हैं।
जनपद के ग्रामीण क्षेत्र निवासी एक 42 वर्षीय महिला को नियमित रक्तस्राव और थकान की समस्या थी। उन्होंने इसे साधारण थकान समझा। बाद में शिविर में डॉ. श्वेता गर्ग ने उनकी निशुल्क पेल्विक स्क्रीनिंग की। तब सर्वाइकल कैंसर का पता चला। इसके बाद महिला का समय पर इलाज शुरू हुआ। जिससे वह स्वस्थ हो गई। अब वह अन्य महिलाओं को नियमित जांच के लिए प्रेरित कर रही हैं।
