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Mahoba News: डीजल के दाम बढ़ने से अब लखनऊ तक ट्रकों का भाड़ा होगा 1,335 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Tue, 26 May 2026 12:48 AM IST
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फोटो 25 एमएएचपी 20 परिचय-छुट्टन सिंह। संवाद
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महोबा/कबरई। पिछले 10 दिन के अंदर डीजल के दाम में हुई करीब आठ रुपये की वृद्धि का बोझ जल्द ही माल भाड़ा परिवहन पर दिखेगा। पत्थरमंडी कबरई से लखनऊ तक जाने वाले ट्रकों पर इस आठ रुपये की वृद्धि से करीब 1,335 रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा। डीजल के दाम को लेकर ट्रांसपोर्टरों में भारी नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही राहत नहीं मिली तो वाहनों को खड़ा करना मजबूरी हो जाएगी। इसके साथ ही जल्द ही बाजार में खाद्य पदार्थों के दाम में भी इजाफा होने की संभावना बन गई है।
तेल कंपनियों की ओर से डीजल व पेट्रोल के दाम में की जा रही वृद्धि ने महंगाई का एक और तड़का लगाया है। इसका असर बाजार में कुछ ही दिनों में देखने का अनुमान लगाया जा रहा है। महोबा में इसका सबसे बड़ा असर पत्थरमंडी कबरई में देखने को मिलेगा। इसका कारण यह है कि कबरई में प्रदेश के कोने-कोने से ट्रक मालिक गिट्टी ढुलाई के लिए वाहनों को भेजते हैं।
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यहां करीब ढाई से तीन हजार ट्रक प्रतिदिन आते हैं। डीजल में अब तक हो चुकी आठ रुपये की वृद्धि से ट्रांसपोर्टरों पर प्रति किलोमीटर करीब तीन रुपये का अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। उदाहरण के तौर पर लखनऊ से आने वाले ट्रकों पर कबरई का एक चक्कर लगाने पर करीब 1,335 रुपये का अतिरिक्त खर्चा आने का आंकलन कारोबारी कर रहे हैं।
कारोबारी कहते हैं कि अतिरिक्त बोझ अगर जनता पर डाला गया तो गिट्टी बाजार का दाम और बढ़ेगा। हर चक्कर में 1,335 रुपये का नुकसान वाहन मालिक भी नहीं बर्दाश्त नहीं कर सकता है। ऐसे में वाहनों का भाड़ा बढ़ाना मजबूरी बनेगा। भाड़ा बढ़ने का सीधा असर खाद्य पदार्थों के दामों पर भी पड़ेगा। इससे लोगों को अधिक जेब ढीली करनी पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही राहत नहीं मिली तो वाहनों को खड़ा करना मजबूरी हो जाएगी। इसके साथ ही जल्द ही बाजार में खाद्य पदार्थों के दाम में भी इजाफा होने की संभावना बन गई है।
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तेल कंपनियों की ओर से डीजल व पेट्रोल के दाम में की जा रही वृद्धि ने महंगाई का एक और तड़का लगाया है। इसका असर बाजार में कुछ ही दिनों में देखने का अनुमान लगाया जा रहा है। महोबा में इसका सबसे बड़ा असर पत्थरमंडी कबरई में देखने को मिलेगा। इसका कारण यह है कि कबरई में प्रदेश के कोने-कोने से ट्रक मालिक गिट्टी ढुलाई के लिए वाहनों को भेजते हैं।
यहां करीब ढाई से तीन हजार ट्रक प्रतिदिन आते हैं। डीजल में अब तक हो चुकी आठ रुपये की वृद्धि से ट्रांसपोर्टरों पर प्रति किलोमीटर करीब तीन रुपये का अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। उदाहरण के तौर पर लखनऊ से आने वाले ट्रकों पर कबरई का एक चक्कर लगाने पर करीब 1,335 रुपये का अतिरिक्त खर्चा आने का आंकलन कारोबारी कर रहे हैं।
कारोबारी कहते हैं कि अतिरिक्त बोझ अगर जनता पर डाला गया तो गिट्टी बाजार का दाम और बढ़ेगा। हर चक्कर में 1,335 रुपये का नुकसान वाहन मालिक भी नहीं बर्दाश्त नहीं कर सकता है। ऐसे में वाहनों का भाड़ा बढ़ाना मजबूरी बनेगा। भाड़ा बढ़ने का सीधा असर खाद्य पदार्थों के दामों पर भी पड़ेगा। इससे लोगों को अधिक जेब ढीली करनी पड़ेगी।

फोटो 25 एमएएचपी 20 परिचय-छुट्टन सिंह। संवाद

फोटो 25 एमएएचपी 20 परिचय-छुट्टन सिंह। संवाद