{"_id":"69adc4e67d9d2cc76b0b5250","slug":"e-rickshaws-have-become-the-main-cause-of-traffic-jams-in-the-city-due-to-lack-of-fixed-routes-mahoba-news-c-225-1-sknp1045-123151-2026-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: रूट निर्धारित न होने से शहर में जाम का मुख्य कारण बने ई-रिक्शा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: रूट निर्धारित न होने से शहर में जाम का मुख्य कारण बने ई-रिक्शा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Mon, 09 Mar 2026 12:20 AM IST
विज्ञापन
फोटो 08 एमएएचपी 11 परिचय-रोडवेज बस स्टैंड के बाहर सवारियों के इंतजार में खड़े ई-रिक्शा चालक। सं
विज्ञापन
महोबा। शहर में ई-रिक्शा जाम का मुख्य कारण बन रहे हैं। हालात यह हैं कि शहर के चारों ओर निर्धारित ऑटो स्टैंडों में ई-रिक्शा खड़े नहीं हो रहे हैं। जगह-जगह शहर में अवैध स्टैंड बनाकर पूरे दिन ई-रिक्शों का जमावड़ा लगा रहता है। रूट व किराया निर्धारित न होने से ई-रिक्शा और ऑटो चालक मनमानी कर रहे हैं। शहर के अंदर दिन में कई बार जाम की स्थिति बन रही है। इससे शहरवासी परेशान हैं।
शहर में मुख्यालय होने के साथ जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, रोडवेज आदि होने की वजह से लोगों का दिनभर आना जाना होता है। हमीरपुर चुंगी से खोया मंडी तक का मार्ग शहर का सबसे व्यस्ततम मार्ग है। रोडवेज के आगे जिला अस्पताल होने से यहां दिनभर एंबुलेंस का आना जाना लगा रहता है। ऐसे में समय पर अस्पताल न पहुंचने से मरीजों को दिक्कत होती है। वहीं कुछ यही स्थिति परमानंद चौक, चरखारी बाईपास मार्ग, डाकबंगला के पास, राठ चुंगी की भी रहती है। पूरे दिन सड़क किनारे बड़ी संख्या में ई-रिक्शा खड़े होकर सवारियां भरते हैं। इससे जाम की स्थिति बनी रहती है। रामदयाल, विनोद, देवीदीन, विकास आदि का कहना है कि शहर के चारों निर्धारित ऑटो स्टैंडों में वाहनों को खड़ा कराया जाए और रूट निर्धारित किया जाए तो लोगों को जाम से निजात मिल सकती है लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अवधेश कुमार का कहना है कि हमीरपुर चुंगी पर ऑटो स्टैंड बना है। अन्य स्थानों पर भी स्थान चयनित है। जल्द ही वहां ऑटो व ई-रिक्शा खड़े करने की व्यवस्था कराई जाएगी।
सीन-एक
सवारी बैठाने के लिए नियम करते दरकिनार
महोबा। शहर के रोडवेज बस स्टैंड से दिनभर लोगों को आना जाना रहता है। ऐसे में यहां भीड़ भी होती है। यहां चालक सड़क किनारे कतार लगाकर ऑटो और ई-रिक्शा वाहन खड़े कर सवारियां भरते हैं। इससे जाम की स्थिति बन जाती है जबकि ऑटो व ई-रिक्शा के लिए शहर के चारों ओर ऑटो स्टैंड निर्धारित किए गए हैं लेकिन चालक मनमानी कर वहां से सवारियां न भरकर शहर के अंदर ही सवारियां भरते हैं। इससे कई बार जाम की स्थिति बन रही है।
सीन-दो
रोडवेज बसें निकलने पर बनती जाम की स्थिति
महोबा। शहर के दूसरे अति व्यस्ततम मार्ग परमानंद चौक के पास भी यही स्थिति रहती है। यहां मुख्य एसबीआई बैंक होने से ई-रिक्शा, ऑटो व रोडवेज बसों के निकलने पर दिन में कई बार जाम की स्थिति बनती है। पास में ही पुलिस पिकेट ड्यूटी केंद्र होने के बाद भी चालक धड़ल्ले से वाहनों को खड़ा कर सवारियां भरते हैं। इससे जाम की स्थिति बनी रहती है।
सीन-तीन
एंबुलेंस फंसने से गर्भवती महिलाओं को होती दिक्कत
महोबा। शहर के बलखंडेश्वर मंदिर के पास भी चालकों ने मनमाने ढंग से ऑटो और ई-रिक्शा स्टैंड बना लिया है। यहां से यह वाहन सर्वाधिक नए बस स्टैंड के लिए सवारियां भरते हैं। इसके साथ ही विकास भवन व मुख्य बाजार के लिए भी ई-रिक्शा सवारियां ले जाते हैं। इसी मार्ग पर महिला जिला अस्पताल होने से कभी-कभी वाहनों की अधिकता होने से प्रसूताओं को लिए एंबुलेंस फंस जाती है। इससे गर्भवती महिलाओं को दिक्कत होती है।
Trending Videos
शहर में मुख्यालय होने के साथ जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, रोडवेज आदि होने की वजह से लोगों का दिनभर आना जाना होता है। हमीरपुर चुंगी से खोया मंडी तक का मार्ग शहर का सबसे व्यस्ततम मार्ग है। रोडवेज के आगे जिला अस्पताल होने से यहां दिनभर एंबुलेंस का आना जाना लगा रहता है। ऐसे में समय पर अस्पताल न पहुंचने से मरीजों को दिक्कत होती है। वहीं कुछ यही स्थिति परमानंद चौक, चरखारी बाईपास मार्ग, डाकबंगला के पास, राठ चुंगी की भी रहती है। पूरे दिन सड़क किनारे बड़ी संख्या में ई-रिक्शा खड़े होकर सवारियां भरते हैं। इससे जाम की स्थिति बनी रहती है। रामदयाल, विनोद, देवीदीन, विकास आदि का कहना है कि शहर के चारों निर्धारित ऑटो स्टैंडों में वाहनों को खड़ा कराया जाए और रूट निर्धारित किया जाए तो लोगों को जाम से निजात मिल सकती है लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अवधेश कुमार का कहना है कि हमीरपुर चुंगी पर ऑटो स्टैंड बना है। अन्य स्थानों पर भी स्थान चयनित है। जल्द ही वहां ऑटो व ई-रिक्शा खड़े करने की व्यवस्था कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीन-एक
सवारी बैठाने के लिए नियम करते दरकिनार
महोबा। शहर के रोडवेज बस स्टैंड से दिनभर लोगों को आना जाना रहता है। ऐसे में यहां भीड़ भी होती है। यहां चालक सड़क किनारे कतार लगाकर ऑटो और ई-रिक्शा वाहन खड़े कर सवारियां भरते हैं। इससे जाम की स्थिति बन जाती है जबकि ऑटो व ई-रिक्शा के लिए शहर के चारों ओर ऑटो स्टैंड निर्धारित किए गए हैं लेकिन चालक मनमानी कर वहां से सवारियां न भरकर शहर के अंदर ही सवारियां भरते हैं। इससे कई बार जाम की स्थिति बन रही है।
सीन-दो
रोडवेज बसें निकलने पर बनती जाम की स्थिति
महोबा। शहर के दूसरे अति व्यस्ततम मार्ग परमानंद चौक के पास भी यही स्थिति रहती है। यहां मुख्य एसबीआई बैंक होने से ई-रिक्शा, ऑटो व रोडवेज बसों के निकलने पर दिन में कई बार जाम की स्थिति बनती है। पास में ही पुलिस पिकेट ड्यूटी केंद्र होने के बाद भी चालक धड़ल्ले से वाहनों को खड़ा कर सवारियां भरते हैं। इससे जाम की स्थिति बनी रहती है।
सीन-तीन
एंबुलेंस फंसने से गर्भवती महिलाओं को होती दिक्कत
महोबा। शहर के बलखंडेश्वर मंदिर के पास भी चालकों ने मनमाने ढंग से ऑटो और ई-रिक्शा स्टैंड बना लिया है। यहां से यह वाहन सर्वाधिक नए बस स्टैंड के लिए सवारियां भरते हैं। इसके साथ ही विकास भवन व मुख्य बाजार के लिए भी ई-रिक्शा सवारियां ले जाते हैं। इसी मार्ग पर महिला जिला अस्पताल होने से कभी-कभी वाहनों की अधिकता होने से प्रसूताओं को लिए एंबुलेंस फंस जाती है। इससे गर्भवती महिलाओं को दिक्कत होती है।

फोटो 08 एमएएचपी 11 परिचय-रोडवेज बस स्टैंड के बाहर सवारियों के इंतजार में खड़े ई-रिक्शा चालक। सं

फोटो 08 एमएएचपी 11 परिचय-रोडवेज बस स्टैंड के बाहर सवारियों के इंतजार में खड़े ई-रिक्शा चालक। सं
