{"_id":"6963fa943637160ae00b9b8a","slug":"if-you-cannot-do-good-to-anyone-then-do-bad-to-someone-mahoba-news-c-225-1-sknp1045-121417-2026-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: भला किसी का कर न सको तो बुरा किसी का...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: भला किसी का कर न सको तो बुरा किसी का...
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Mon, 12 Jan 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
महोबा। शहर के कठकुलवा पुरा स्थित संत कबीर आश्रम में रविवार को अमृतवाणी समिति की ओर से सत्संग हुआ। पं. हरीशंकर नायक ने भजन भला किसी का कर न सको तो बुरा किसी का मत करना पेश कर सभी का मन मोह लिया।
सत्संग का शुभारंभ वंदना जय कबीर जय गुरु कबीरा से हुआ। समिति प्रमुख डॉ. एलसी अनुरागी ने कबीर की रचना गोधन गजधन बाजधन और रतन धन खान, जब आवै संतोष धन सब धन घूरि समान सुनाई। कहा कि आज का मानव लखपति, करोड़पति होते हुए भी संतुष्ट नहीं है केवल धन एकत्र करने में रात-दिन व्यस्त रहता है और असंतुष्ट रहता है। गायक इंद्रजीत सिंह ने करम गति टारै न टरे पेश की। परमलाल विश्वकर्मा ने देशभक्तिपूर्ण गीत हमारी भारत माता का तू दर्शन कर ले रे संसार सुनाया। वरिष्ठ कवि हरिश्चंद्र वर्मा ने रचना हो सके तो दुखियों का सहारा बन जाइये, डूबती नैया का किनारा बन जाइये प्रस्तुत की। अधिवक्ता साध्वी सुनीता अनुरागी ने समाज में व्याप्त अंधविश्वास समाप्त करने के लिए कबीर के विचारों को आत्मसात करने पर जोर दिया। इस मौके पर पूनम सिंह, रामदीन अनुरागी, पं. आशाराम तिवारी, पं. जगदीश रिछारिया, गुड्डू अवस्थी, लखनलाल, राजाराज चौरसिया, पप्पू सेन आदि मौजूद रहे।
Trending Videos
सत्संग का शुभारंभ वंदना जय कबीर जय गुरु कबीरा से हुआ। समिति प्रमुख डॉ. एलसी अनुरागी ने कबीर की रचना गोधन गजधन बाजधन और रतन धन खान, जब आवै संतोष धन सब धन घूरि समान सुनाई। कहा कि आज का मानव लखपति, करोड़पति होते हुए भी संतुष्ट नहीं है केवल धन एकत्र करने में रात-दिन व्यस्त रहता है और असंतुष्ट रहता है। गायक इंद्रजीत सिंह ने करम गति टारै न टरे पेश की। परमलाल विश्वकर्मा ने देशभक्तिपूर्ण गीत हमारी भारत माता का तू दर्शन कर ले रे संसार सुनाया। वरिष्ठ कवि हरिश्चंद्र वर्मा ने रचना हो सके तो दुखियों का सहारा बन जाइये, डूबती नैया का किनारा बन जाइये प्रस्तुत की। अधिवक्ता साध्वी सुनीता अनुरागी ने समाज में व्याप्त अंधविश्वास समाप्त करने के लिए कबीर के विचारों को आत्मसात करने पर जोर दिया। इस मौके पर पूनम सिंह, रामदीन अनुरागी, पं. आशाराम तिवारी, पं. जगदीश रिछारिया, गुड्डू अवस्थी, लखनलाल, राजाराज चौरसिया, पप्पू सेन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन