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Mahoba News: जांच की सुविधा, न बेहतर इलाज, बेपटरी रहा इलाज
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बेलाताल (महोबा)। ब्लॉक जैतपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अकौना में रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेला औपचारिकता तक ही सिमटा रहा। मेले में न तो एमबीबीएस डॉक्टर मौजूद रहे और न ही मलेरिया, टाइफाइड, हीमोग्लोबिन, शुगर व सीबीसी जैसी जांचों की सुविधा थी। ऐसे में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के उपचार के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती रही।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर रविवार को मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में संविदा पर तैनात डॉ. सुनीता सिंह, डॉ. आशुतोष सोनी, फार्मासिस्ट अविनाश अहिरवार, स्टाफ नर्स गीता राजपूत, अकीला बानो और वार्ड बॉय हरिशंकर मौजूद रहे। दोपहर एक से डेढ़ बजे तक मेले में सन्नाटा मिला। करीब आधे घंटे बाद खुजली की शिकायत लेकर एक मरीज पहुंचा। मेले में मौजूद कर्मचारियों ने सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक 30 व शाम चार बजे तक 52 मरीजों के इलाज का दावा किया।
पूर्व में आरोग्य मेले में सजावट होती थी और विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे। जनप्रतिनिधियों से फीता कटवाकर उद्घाटन भी कराया जाता था लेकिन अब ये व्यवस्थाएं नदारद नजर आईं। उधर, सीएचसी जैतपुर अधीक्षक डॉ. पीके सिंह ने बताया कि अधिकतर स्टाफ छुट्टी पर है और कुछ कर्मचारी पीईटी की परीक्षा देने के लिए गए हैं। सभी को आरोग्य मेले में बैठकर मरीजों को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए गए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर रविवार को मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में संविदा पर तैनात डॉ. सुनीता सिंह, डॉ. आशुतोष सोनी, फार्मासिस्ट अविनाश अहिरवार, स्टाफ नर्स गीता राजपूत, अकीला बानो और वार्ड बॉय हरिशंकर मौजूद रहे। दोपहर एक से डेढ़ बजे तक मेले में सन्नाटा मिला। करीब आधे घंटे बाद खुजली की शिकायत लेकर एक मरीज पहुंचा। मेले में मौजूद कर्मचारियों ने सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक 30 व शाम चार बजे तक 52 मरीजों के इलाज का दावा किया।
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पूर्व में आरोग्य मेले में सजावट होती थी और विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे। जनप्रतिनिधियों से फीता कटवाकर उद्घाटन भी कराया जाता था लेकिन अब ये व्यवस्थाएं नदारद नजर आईं। उधर, सीएचसी जैतपुर अधीक्षक डॉ. पीके सिंह ने बताया कि अधिकतर स्टाफ छुट्टी पर है और कुछ कर्मचारी पीईटी की परीक्षा देने के लिए गए हैं। सभी को आरोग्य मेले में बैठकर मरीजों को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए गए हैं।
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